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दोनों भाइयों की याचिका सिविल कोर्ट ने खारिज की, क्योंकि नहीं बांटी जा सकती ठाकुरजी की संपत्ति

द्वारकाधीश मंदिर प्रकरण में में सिविल कोर्ट न्यायाधीश अनिता शर्मा ने गुरुवार को गोस्वामी पराग कुमार और गोस्वामी...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 06:30 AM IST
द्वारकाधीश मंदिर प्रकरण में में सिविल कोर्ट न्यायाधीश अनिता शर्मा ने गुरुवार को गोस्वामी पराग कुमार और गोस्वामी शिशिर कुमार की बंटवारे और आेसरे संबंधी पिटीशन को यह कहकर खारिज कर दिया कि यह उनके क्षेत्राधिकार का मामला नहीं है। इस आदेश के बाद दोनों भाइयों के वकील ने आदेश की कॉपी मिलने के बाद ही अगला कदम उठाने की बात कही है। दोनों भाइयों ने नौ मई को अदालत में दावा पेश किया।

इस पर कोर्ट ने 11 व 16 मई को सुनवाई की। इस मामले में अदालत के सामने सबसे रोचक बात ये निकली कि ठाकुरजी की संपत्ति का बंटवारा नहीं हो सकता। कानून के अनुसार सिर्फ निजी संपत्ति का ही बंटवारा हो सकता है। पीठाधीश्वर ब्रजेश कुमार महाराज के जयपुर से आए वकील नीरज तिवारी ने बताया कि वादा में ठाकुरजी के सेवा पूजा और ओसरे के बंटवारे को लेकर था।

बंटवारा हमेशा निजी सम्पत्ति का होता है, न कि ठाकुरजी के हिस्से की पूजा का। कोई बंटवारा नहीं होता है। ठाकुरजी की सम्पत्ति का बंटवारा नहीं हो सकता।

पीठाधीश्वर की सहमति से वल्लभ कुल का कोई भी सदस्य कर सकता सेवा

उनका कहना था कि वल्लभ कुल की परम्परा के अनुसार पीठाधीश्वर की सहमति से वल्लभ कुल का कोई भी व्यक्ति सेवा कर सकता है। वकील ने तर्क दिया कि बड़े भाई के विपरीत दूसरे दोनों भाई संयुक्त रूप से तृतीय पीठ के पीठाधीश्वर का अधिकार मांग रहे हैं। ज्येष्ठा अधिकार परम्परा सदियों से चली आ रही हैं। सिविल कोर्ट राजसमंद गोस्वामी परागकुमार व गोस्वामी शिशिर कुमार के वकील विश्वजीत कर्नावट ने बंटवारे का दावा पेश किया। इस पर न्यायाधीश ने अपने क्षेत्राधिकार का नहीं मानते हुए सक्षम अधिकारी को लौटाने का आदेश दिया।