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पुरातन संस्कृति अक्षुण्ण रखने में भूमिका निभाएं कालबेलिया समाज : अवधूत

एक वर्ष पहले
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श्री कानिफनाथ सेवा संस्थान राजसमंद की तरफ से शुक्रवार को रामेश्वर महादेव मंदिर सभागार में ओम चैतन्य कानिफनाथ महाराज का समाधि दिवस गुरुपूजन सहित विविध कार्यक्रमों के साथ मनाया। गुरु पूजन समारोह के रूप में कार्यक्रम के तहत जिले अाैर प्रदेश के विभिन्न जिलों से समाजजन पहुंचे। समारोह में मुख्य अतिथि गऊघाट आश्रम बारां के संत एवं विहिप केंद्रीय मार्गदर्शन मंडल सदस्य बाबा निरंजननाथ अवधूत ने समाजजनों का मार्गदर्शन करते हुए नाथ संप्रदाय की संस्कृति, परम्परा एवं राष्ट्र निर्माण में इनके योगदान जैसे पहलुओं पर चर्चा की।

उन्होंने कहा कि हमें धर्म को तो मानना ही है क्योंकि धर्म नहीं तो हमारा देश नहीं रहेगा। कहा कि योगी का अर्थ योग करना या जोड़ना होता हैं। उन्होंने समाजजनों से अपनी पुरातन संस्कृति को अक्षुण्ण बनाएं रखने में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया। मुख्य वक्ता साहित्यकार नारायण सिंह राव ने कालबेलिया समाज को सनातन संस्कृति का संवाहक बताते हुए कहा कि मनुष्यता ही हमारे जीवन का उद्देश्य होना चाहिए। समारोह को खानपुर झालावाड़ से आए भागवताचार्य पं. रामनारायण शास्त्री, विहिप जिला सामाजिक समरसता प्रमुख भगवतीलाल पालीवाल, कानिफनाथ सेवा संस्थान के प्रमुख प्रभुलाल कालबेलिया, श्रवणनाथ मांडल सहित ने संबाेधित किया। कार्यक्रम में राजूलाल गारड़ी, शंकरनाथ, बहादुरनाथ, राजूनाथ, प्रतापनाथ, शंकरनाथ जोया, रामचन्द्र, सुरेशनाथ, रूमालनाथ कानिफा, जग्गूनाथ महाराज ने भी सामाजिक सौहार्द्र बढ़ाने पर जोर दिया। इस अवसर पर अतिथियों ने ओम चैतन्य कानिफनाथ महाराज के जीवन वृत्त पर आधारित पोस्टर का विमोचन किया।

संस्थान प्रमुख प्रभुलाल कालबेलिया ने बताया कि आयोजन के प्रति कालबेलिया समाज में काफी उत्साह रहा तथा जिलेभर से समाजजन जोश के साथ भागीदारी करने पहुंचे। संगठन से जुड़े कार्यकर्ता राजूनाथ मेहर, शंकरनाथ मेहर, संजयनाथ मेहर, किशननाथ, खेमराज, रवीन्द्रनाथ, रतननाथ, सुरेशनाथ, अनिता कालबेलिया आदि माैजूद थे।

राजसमंद. समाधि दिवस पर हुए कार्यक्रम में मौजूद समाज के लोग।
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