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जिंक प्रबंधन पर डराने का आरोप लगाते हुए लेड पीड़ित श्रमिक ने चूहे मारने की दवा खाई, लामबंद हुए श्रमिक
दरीबा स्थित जिंक के लेड प्लांट में काम करने वाले गोगोथला निवासी श्रमिक विनोद भाट ने शनिवार सुबह घर में रखी चूहे मारने की दवा खाकर खुदकुशी करने की कोशिश की। इसके बाद विधायक किरण माहेश्वरी और प्लांट के कई श्रमिक उससे मिलने पहुंचे। विधायक माहेश्वरी ने बताया कि विनोद के शरीर में लेड 20 की बजाय 70 पीपीएम से ज्यादा है। इसका मुद्दा उन्होंने शुक्रवार को विधानसभा में उठाया था। इसमें उन्होंने विनोद का जिक्र किया था। इधर, श्रमिक विनोद का आरोप है कि विधानसभा में मुद्दा उठने के बाद जिंक प्रबंधन ने उसे डराया-धमकाया। इससे क्षुब्ध होकर उसने जहर खाकर जान देने की कोशिश की। इधर, श्रमिक के जान देने की कोशिश करने को लेकर लेड प्लांट में काम करने वाले श्रमिक जिंक प्रशासन के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। इन्होंने रविवार को शहर में बैठक कर मामले में कार्रवाई करवाने की मांग रखी।
विधायक ने बताया कि लेड प्लांट में कार्यरत श्रमिकों के शरीर में लेड की मात्रा बढ़ने अाैर नियमित डाॅक्टरी जांच नहीं होती है। विनोद का आरोप है कि इसका वीडियाे वायरल होने पर दरीबा में जिंक के अधिकारियों ने उसे शुक्रवार को बुलाकर फटकार लगाई। चूहे मारने की दवा खाने के बाद तबीयत बिगड़ने पर उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां से आरके अस्पताल रेफर कर दिया। जहां उसकी जान अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। श्रमिकों का आरोप है कि उनके शरीर में लेड की मात्रा बढ़ रही है। इसके बावजूद प्रबंधन नियमानुसार चिकित्सा जांच, उपचार नहीं करवा रहा है। विधायक के सामने श्रमिकों ने आरोप लगाया कि जांच करवाने में भी प्रबंधन की मिलीभगत होती है। हम लेब में जांच करवाते हैं तो लेड ज्यादा आता है। श्रमिकों ने विधायक माहेश्वरी को बताया कि लेड प्लांट में काम कर रहे 65 श्रमिकों को बाहर निकाल दिया। इनके शरीर में लेड की मात्रा बढ़ने पर उपचार करवाने की बजाय प्लांट में आने के लिए पंचिंग बंद कर दी गई। तीन महीने तक पंचिंग नहीं होने पर इनको निकाल दिया जाएगा। इस संबंध में श्रमिकों ने जोधपुर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
श्रमिकों की तरफ से जांच के आरोप निराधार है। जिंक में जांच प्रक्रिया पूरी तरह से मानकों के आधार पर होती है। जांच की प्रक्रिया को देखने प्लांट पर आना होगा।
मनोज सोनी, दरीबा लेड जिंक स्मेटर प्लांट हेड
अभी हम लोग स्थिति का वास्तविक परीक्षण कर रहे हैं। हमारे लेड प्लांट में हम ग्लोबल स्टैंडर्ड को फॉलो करते हैं।
कंपनी प्रवक्ता
राजसमंद. आरके अस्पताल के गार्डन में बैठक काे संबोधित करतीं विधायक माहेश्वरी।