नाथद्वारा : युगल स्वरूप विट्ठलनाथजी डोल में विराजे
नाथद्वारा | मंगलवार को डोलोत्सव पर राजभोग के दर्शन में प्रभु को डोल तिबारी में विराजित किया। आम के पत्ते, केले के खंभ और चंदन, आशापाल से डोल बनाया। विशेष रूप से प्रभु के चार राजभोग के दर्शन हुए। प्रत्येक दर्शन में भरपूर गुलाल, अबीर उड़ाया गया। प्रभु को श्रीमस्तक पर मोर पंख का कुल्हे जोड़, केसर के साटन के वस्त्र, मीनाकारी के आभरण धराए गए। इस मौके पर अद्भुत डोल बनी मनमोहन, डोल नवलकिशोर झूले..., खेलत बसंत वर विट्ठलेश... सहित कई कीर्तनों का गान किया गया। महाराज सहित पूरे परिवार ने प्रभु को सखी भाव से होली खेलाई।