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किसी ने बच्चों को बनाया जज और वकील तो कोई लोगों की सेहत सुधारने योग-प्राणायाम करवा रहीं

एक वर्ष पहले
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कहानी-5 : खुद पढ़ाई कर अध्यापिका बनीं, बच्चों को पढ़ा बनाया जज और वकील

नाथद्वारा | शहर के बस स्टैंड पर रहने वाली बुजुर्ग कमला देवी पंचाेली ने समाज की बेड़ियों और पति के नहीं कमाने से बने हालात के आगे कभी हार नहीं मानी। वे लड़ीं, पहले खुद पढ़ाई करने की। फिर शिक्षिका बनीं और अपने बच्चों के साथ सैकड़ों बच्चों का भविष्य संवारा। 1949 में शादी कर ससुराल आई। चार बच्चों को पाला-पोसा। 10वीं, बीए फिर हिन्दी साहित्य में एमए और एमएड किया। शहर के राजकीय कन्या स्कूल में शौक से छात्राओं को पढ़ाना शुरू किया फिर वहीं स्थाई नौकरी भी कर ली। चारों बच्चों को पढ़ाया और उनके साथ ही कई अन्य बच्चों को शिक्षा दी। कमला देवी के बड़े बेटे बैंक में अधिकारी हैं। दूसरे बेटे गिरीश तिवारी अधिवक्ता है। बेटी मीनाक्षी शर्मा गृहिणी और सबसे छोटी बेटी रेखा शर्मा पोस्को कोर्ट में विशेष न्यायाधीश हैं। कमलादेवी बतातीं है कि जब वे अकेली हो गई थीं तब एक बात ठान ली थी कि हार नहीं मानूंगी। जो हो गया उसे भूल कर आगे बढ़ूंगी और उन्होंने वही किया।

कहानी-4 : सिलाई, ब्यूटी पार्लर का काम सीखाकर स्वावलंबी बना रही हैं

नाथद्वारा | लालबाग आनंद नगर निवासी 36 साल की धर्मिष्ठा मास्टर ट्रेनर हैं। वे 10 साल से महिलाओं को सिलाई और ब्यूटी पार्लर का काम सिखाकर उन्हें स्वावलंबी बना रही हैं। लेकिन धर्मिष्ठा की शुरुआत इतनी आसान भी नहीं रही। 2003 में शादी कर ससुराल आई तब वे 10वीं पास थीं। ससुराल वालों को राजी कर कर एमए तक पढ़ाई की। तब ही ब्यूटी पार्लर का कोर्स, सिलाई सीखी। शहर में कई महिलाओं को स्कूटी चलाना सिखाया। 2008 में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केन्द्र में प्रशिक्षण देने का काम शुरू हुआ। आरसेटी में ब्यूटी पार्लर और सिलाई का प्रशिक्षण देते 10 साल हो गए। धर्मिष्ठा मास्टर ट्रेनर बन गई और आज अपने जैसी अन्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही हैं। घर पर ब्यूटी पार्लर में 5 महिलाओं को रोजगार दे रखा है।

कहानी-4 : कुसुम महिलाअाें अाैर बच्चाें काे याेग अाैर प्राणायाम निशुल्क सिखा रही

29 वर्षीय याेग प्रशिक्षिका कुसुम जैन का कहना है कि अमूमन दाैड़ भाग की जिंदगी में महिलाएं परिवार की सेहत का ताे पूरा ख्याल रखती है, लेकिन खुद के स्वास्थ्य के बारे में अवेयर नहीं रहती है। एेसे में महिलाएं जल्दी बीमारी हाे जाती है। इसी काे ध्यान में रखते हुए महिलाअाें का नीरोगी अाैर स्वस्थ रेने के लिए वे पांच साल से याेग प्रशिक्षण के शिविर लगा रही है। गांव-गांव जाकर लाेगाें काे याेग कैंप लगाकर नीराेगी रहने के गुर बताती हैं। वे बताती है कि याेग के मार्फत अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखा जा सकता है। 35 साल के बाद स्वस्थ जीवन शैली के लिए याेग काे अपनाना बहुत जरूरी है। इसीलिए वे साधना शिखर, इरिगेशन गार्डन, स्कूलाें सहित जिलेभर में याेग शिविर लगा रही हैं। महिला दिवस से कुसुम ने महिलाअाें अाैर बच्चाें के लिए राजनगर मार्ग पर याेग मुद्रा संस्थान में नि:शुल्क याेग अाैर प्राणायाम प्रशिक्षण का देने का फैसला लिया है।

कहानी-3 : जूडाे काेच गाैरी पांच साल से प्रशिक्षण दे रही, इनसे सीखकर 15 खिलाड़ियों ने जीते हैं गाेल्ड मेडल

नाथद्वारा की बेटी गाैरी चाैधरी जरूरतमंदों को जूडाे का प्रशिक्षण दे रही है। गाैरी एेसे बच्चाें काे प्रदेशभर में हाेने वाले वाली प्रतियाेगिता में अाने-जाने अाैर उनके भाेजन तक का खर्च खुद उठाती है। उनसे जूडाे के गुर सीखकर 15 प्रतिभाएं राष्ट्रीय अाैर स्टेट लेवल पर गाेल्ड, सिल्वर मेडल पा चुके हैं। गाैरी नाथद्वारा के हायर सैकंडरी स्कूल में सरकारी स्कूलाें के बच्चाें काे प्रशिक्षण देती हैं। गाैरी बताती है कि उनका पूरा परिवार कुश्ती में ख्यातनाम पहलवान रहे है। दादा उस्ताद मांगीलाल जाट, पिता श्यामलाल सहित परिवार पहलवान रह चुके हैं। इन्हीं से प्रेरणा लेकर उन्हें कुश्ती के बाद जूडाे में 10 साल की उम्र में ही इसका प्रशिक्षण लिया। 10 साल की उम्र में गाजियाबाद में गाेल्ड अाैर 12 साल की उम्र में झारखंड रांची में सिल्वर मेडल जीता। बताैर प्रशिक्षक विगत पांच साल से जूडाे का प्रशिक्षण दे रही है। गाैरी के पति ने भी उनका पूरा सहयाेग किया अाैर इसकी बदाैलत गाैरी ने कुश्ती, जूडाे अाैर ताइकांडाे में राष्ट्रीय स्तर पर हिस्सा लेती रही। गाैरी ने हालही में गुजरात के दाहाेद में ब्लेक बेल्ट की उपाधि भी प्राप्त की है। गाैरी से गुर सीखकर अनिल मेघवाल ने टाेंक में राज्य स्तरीय प्रतियाेगिता में गाेल्ड मेडल, प्रियंका माली ने गाेल्ड मेडल जीता। राहुल रैदास, लता प्रतापति, चेतना मेघवाल, दिपांशु चाैधरी सहित 15 खिलाड़ी प्रदेश स्तर पर मेडल जीते चुके हैं। राजसमंद जूडाे फेडरेशन की सेक्रेटरी गाैरी बताती है कि वे प्रशिक्षण के साथ अभी भी जूडाे की नेशनल प्रतियाेगिता में हिस्सा भी ले रही है। अागामी 16 से 20 मार्च काे चंडीगढ़ में हाेने वाली सीनियर नेशनल प्रतियाेगिता में बताैर जूडाे खिलाड़ी वह हिस्सा भी लेने जाएगी।


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