श्रीनाथजी के हर दर्शन में उमड़े वैष्णव

Rajsamand News - नाथद्वारा| पौष शुक्ल सप्तमी रविवार को श्रीजी प्रभु की हवेली में बालस्वरूपों को फिरोजी घटा के अद्भुत शृंगार...

Bhaskar News Network

Jan 14, 2019, 05:45 AM IST
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नाथद्वारा| पौष शुक्ल सप्तमी रविवार को श्रीजी प्रभु की हवेली में बालस्वरूपों को फिरोजी घटा के अद्भुत शृंगार धराया। मुखिया बावा ने श्रीजी प्रभु को अलौकिक श्रृंगार धराकर राग भोग सेवा के लाड लड़ाए। रविवार काे वैष्णव दर्शनार्थियों की चहल पहल रही। श्रृंगार झांकी में श्रीजी प्रभु के श्रीचरणों में मोजाजी धराए। श्रीअंग पर फिरोजी दरियाई वस्त्र का सूथन, घेरदार वागा एवं चोली अंगीकार कराई। प्रभु को फिरोजी ठाड़े वस्त्र धराए। श्रीमस्तक पर फिरोजी मलमल की गोल पाग, सिरपैंच, लूम, फिरोजी दोहरा कतरा एवं बायीं ओर फिरोजी मीना के शीषफूल सुशोभित किए। श्रीकर्ण में फिरोजी मीना के कर्णफूल धराए। प्रभु को कमर तक चार माला का हल्का श्रृंगार धराया। सर्व आभरण फिरोजी मीना के धराए। श्वेत पुष्पों की रंगीन थागवाली दो मालाजी धराई। श्रीहस्त में फिरोजी मीना के वेणुजी एवं वेत्रजी धराए। गादी, तकिया एवं चरणचौकी पर फिरोजी बिछावट की गई एवं स्वरूप के सम्मुख लाल तेह बिछाई। इधर गुर्जरपुरा स्थित लालाजी को फिरोजी घटा का शृंगार धराया।

नाथद्वारा. छुट्‌टी पर श्रीजी मंदिर में वैष्णवों की चहल-पहल रही।

श्रीजी प्रभु की हवेली में कल मनाई जाएगी मकर संक्रांति

श्रीजी प्रभु की हवेली में मंगलवार को मकर संक्रांति पर्व परंपरानुसार मनाया जाएगा। संक्रांति पर श्रीजी प्रभु छींट के वस्त्र धराए जाएंगे। वहीं राजभोग झांकी में बालस्वरूप श्रीजी प्रभु के सम्मुख गैंद पधराई जाएगी तथा डोल तिबारी में चांदी का सुखपाल धराया जाएगा। प्रभु को तिल से बनी सामग्री का विशेष भोग लगाया जाएगा। शाम को मोती महल में वस्त्रदान किए जाएंगे।

नाथद्वारा| पौष शुक्ल सप्तमी रविवार को श्रीजी प्रभु की हवेली में बालस्वरूपों को फिरोजी घटा के अद्भुत शृंगार धराया। मुखिया बावा ने श्रीजी प्रभु को अलौकिक श्रृंगार धराकर राग भोग सेवा के लाड लड़ाए। रविवार काे वैष्णव दर्शनार्थियों की चहल पहल रही। श्रृंगार झांकी में श्रीजी प्रभु के श्रीचरणों में मोजाजी धराए। श्रीअंग पर फिरोजी दरियाई वस्त्र का सूथन, घेरदार वागा एवं चोली अंगीकार कराई। प्रभु को फिरोजी ठाड़े वस्त्र धराए। श्रीमस्तक पर फिरोजी मलमल की गोल पाग, सिरपैंच, लूम, फिरोजी दोहरा कतरा एवं बायीं ओर फिरोजी मीना के शीषफूल सुशोभित किए। श्रीकर्ण में फिरोजी मीना के कर्णफूल धराए। प्रभु को कमर तक चार माला का हल्का श्रृंगार धराया। सर्व आभरण फिरोजी मीना के धराए। श्वेत पुष्पों की रंगीन थागवाली दो मालाजी धराई। श्रीहस्त में फिरोजी मीना के वेणुजी एवं वेत्रजी धराए। गादी, तकिया एवं चरणचौकी पर फिरोजी बिछावट की गई एवं स्वरूप के सम्मुख लाल तेह बिछाई। इधर गुर्जरपुरा स्थित लालाजी को फिरोजी घटा का शृंगार धराया।

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