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बिल जमा नहीं कराने पर ट्रांसफार्मर उतारे, चार गांवों में पेयजल संकट

बिल बकाया होने पर शुक्रवार को जयपुर विद्युत वितरण निगम द्वारा खिलौरा गांव में बोरिंग का ट्रांसफार्मर उतार ले...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 05:55 AM IST
बिल बकाया होने पर शुक्रवार को जयपुर विद्युत वितरण निगम द्वारा खिलौरा गांव में बोरिंग का ट्रांसफार्मर उतार ले जाने से खाेजाका, अादिनाका, छज्जू बास व खिलाैरा में पेयजल संकट उत्पन्न हो गया। इसे लेकर शनिवार काे सरपंच संघ के जिला संयोजक व खिलौरा सरपंच कृष्ण यादव ने कुछ सरपंचों के साथ बैठक की। जिसमें सरपंच ने बताया कि खिलाैरा में 4 गांवों थ्री फेस बोरिंग से पानी मिलता है। इसका सालाना बिल 70 से 80 हजार अाना चाहिए, जबकि बिल 4 लाख 12 हजार 556 रुपए आया। पंचायत ने सहायक अभियंता काे बिल राशि दुरुस्त करने को कहा, लेकिन ऐसा नहीं किया। शुक्रवार काे निगमकर्मी बिना सूचना पेयजल बोरिंग पर लगे ट्रांसफार्मर काे उतार कर ले गए। इस बोरिंग से जुड़े चार गांव खाेजाका, अादिनाका, छज्जूबास व खिलाैरा में दो दिन पानी नहीं आया।

विकास का पैसा बिजली िबल में कैसे दें

बांबोली सरपंच वीरसिंह, सैंथली सरपंच धनबाई व खिलाैरा पंचायत सरपंच कृष्ण यादव ने बताया कि जलदाय विभाग ने गांवों में लगाए बोरिंगों का पूरा खर्च ग्राम पंचायतों पर छोड़ दिया। सरकार इनका अलग से कोई बजट नहीं देती। ग्राम विकास के एसएफसी व टीएफसी फंड से बिल जमा होते हैं। जब बिल बकाया होते हैं तो बिजली निगम मनमाने तरीके से वसूली करता है। कई मामलों में विकास अधिकारी ग्राम पंचायत कोष के पैसे काटकर सीधा बिजली निगम काे जमा करा देते हैं। खिलौरा पंचायत के गांव चंदीगढ़ अहीर में वर्ष 2017 में थ्री फेस बोरिंग लगी। कुछ दिन बाद निगम ने बोरिंग के ठीक ऊपर 11 हजार की लाइन खींच दी। एक माह बाद बोरिंग की मोटर खराब हुई तो इसे निकालने में 11 हजार की लाइन अड़चन बन गई। सरपंच ने बिजली मंत्री की जनसुनवाई में यह समस्या बताई तो निगम अधिकारियों ने इसे हटा लेने की बात कही, लेकिन लाइन यथावत है। ग्रामीणों को एक वर्ष से सरकारी बोरिंग से पेयजल नहीं मिल रहा। दूसरी तरफ बिना उपयोग पंचायत काे 1 लाख 54 हजार 354 रुपए का बिल थमा दिया। बिजली निगम ने अादिनाका व खाेजाका गांव में वर्ष 2015 से सूखे पड़े बोरिंगों से बिजली कनेक्शन नहीं काटे हैं। ना ही इन पर मौजूद विद्युत टंकियों काे हटाया गया है। पंचायत की लिखित सूचना सहित मंत्री की जनसुनवाई में अधिकारियों ने अपनी गलती सुधारने का आश्वासन भी दिया। लगभग 8 लाख रुपए का बिल कनेक्शन चालू दिखाते हुए अलग से थमा दिया है।

गांव आदिनाका में अनुपयोगी पेयजल बाेरिंग पर मौजूद ट्रांसफार्मर।

पिनान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गहराया पेयजल संकट

पिनान | कस्बे में संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पेयजल समस्या गहराई हुई है। चिकित्सा प्रभारी डॉ. आरडी मीणा ने बताया कि अस्पताल परिसर में दो सरकारी सिंगल फेस बोर लगे हुए हैं, लेकिन जलस्तर गिरने के बाद दोनों बोर जवाब दे चुके हैं। पिछले कई माह से बंद बोरिंग के चलते अस्पताल की छत पर रखी दर्जनों टंकियां पानी की बांट जो रही है। खाली टंकियों के चलते अस्पताल में मरीजों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। क्षेत्र के सभी बोर जवाब दे चुके हैं। इस बोरिंग से पिनान कस्बे की सप्लाई की जा रही है, जबकि राइजिंग लाइन क्षेत्र में अस्पताल, बेरवा, खटीक मोहल्ला, राजकीय विद्यालय, प्रेम नगर कॉलोनी वासियों ने विभागीय अधिकारियों से नई फाइल प्रेषित कर कनेक्शन की मांग की है, लेकिन नियम कायदों के फेर में आला अधिकारी पल्ला झाड़ रहे हैं। लोगों ने विभागीय अधिकारियों से अस्पताल की बोरिंग की लोरीग व मोहल्ले वासियों को नए कनेक्शन देकर पेयजल की मांग की है साथ ही एक सप्ताह में समस्या का समाधान नहीं होने पर लोगों ने आंदोलनात्मक रुख अपनाने की चेतावनी दी है।

7 लाख रुपए पानी का बिल बकाया, बिजली विभाग ने काटे कनेक्शन

अलावड़ा | ग्राम पंचायत चौमा के अंतर्गत गांव चौमा व गुजरपुर के पांच सिंगल फेस बोरिंगों के बिजली के बिल पिछले छह वर्षों से जमा नहीं होने के कारण बिजली विभाग के कनेक्शन काट दिए हैं। इससे चौमा व गुजरपुर गांव में पेयजल संकट गहरा गया है। ग्राम पंचायत सरपंच सतीश कुमार मेघवाल ने बताया कि मुझे सरपंच बने अभी एक माह भी नहीं हुआ है और दोनों गांवों के कनेक्शन के पानी के बिल सात लाख रुपए बकाया के चलते विभाग द्वारा कनेक्शन काट दिए गए है। यदि पिछली पंचायतों के शासन काल में समय-समय पर बिल जमा कराए जाते तो इतनी बड़ी रकम ना होती और आज जो राशि केवल बिल जमा कराने में जा रही है। इससे ग्राम पंचायत के अनेक विकास कार्य हो सकते थे।

आम आदमी पार्टी ने शुरू किया मटका फोड़ अभियान

बानसूर | आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार की जनविरोधी पेयजल निजीकरण की नीति के विरोध में जल स्वराज इंकलाब के तहत मटका फोड़ अभियान का शुभारंभ कर क्षेत्रीय विधायक शकुंतला रावत को ज्ञापन दिया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार पेयजल के निजीकरण के फैसले को तुरंत वापस ले अन्यथा आम आदमी पार्टी सरकार के फैसले का विरोध करेगी। इस अवसर पर रामगोपाल यादव, विष्णु चावड़ा, कुलदीप शर्मा, प्रमोद यादव, चंद्रकांत शर्मा, सुबेदीन, रमेश व राकेश शर्मा सहित कार्यकर्ता उपस्थित थे।

एक सप्ताह से पेयजल सप्लाई नहीं होने से लोग परेशान

हरसौली | कस्बे के वीरचौक मोहल्ले व मोती झील मोहल्ले में एक सप्ताह पानी की किल्लत बनी हुई है। बाजार में लगी टंकी से पानी लाना पड़ रहा है। वही वार्डवासियों ने आरोप लगाया कि जलदाय विभाग का कर्मचारी ड्यूटी पर कम आता है और अपनी जगह निजी व्यक्ति लगाया हुआ है, जिससे वार्ड में पेयजल व्यवस्था गड़बड़ाई हुई है। वार्डवासियों ने प्रशासन से पेयजल व्यवस्था सुचारु करने की मांग की है।