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सरकार व भामाशाह के सहयोग से तातोल में 10 लाख की लागत से बनाया मुक्तिधाम

निकटवर्ती तातोल सरपंच सोनल अग्रवाल की पहल पर गांव में अंतिम संस्कार को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ता था, लेकिन...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 11, 2018, 05:45 AM IST

सरकार व भामाशाह के सहयोग से तातोल में 10 लाख की लागत से बनाया मुक्तिधाम
निकटवर्ती तातोल सरपंच सोनल अग्रवाल की पहल पर गांव में अंतिम संस्कार को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ता था, लेकिन महिला सरपंच सोनल अग्रवाल ने भामाशाह भंवरीदेवी प|ी नारायणलाल अग्रवाल के परिवार के सदस्यों को प्रेरित करके गुरू गोवलकर योजना में एक लाख की राशि भामाशाह परिवार की ओर नौ लाख सरकार की राशि लगाकर महाकालेश्वर मुक्ति धाम का निर्माण करवाकर उसमें लोगों के लिए मूलभूत सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है।

पानी की टंकी, स्नानघर, मूत्रालय व सामान रखने के लिए कमरा निर्माण करवाया है। जानकारी के अनुसार तातोल पंचायत एक जिले के कटा हुआ गंाव है जहां पर ना तो रोडवेज बस चलती हे ओर ना ही मोबाइल टॉवर हैं वही बारिश में गंाव के चारों ओर नदी तालाब होने से किसी की मृत्यु होने पर उसका अंतिम संस्कार करने में परेशानी होती थी। अब इस प्रकार की समस्या से निजात मिलेगी। बारिश को देखते हुए वहां पर सूखी लकड़ी रखने के लिए बड़ा स्टोर बनाया है। सरपंच सोनल अग्रवाल ने बताया कि बारिश में गांवों में शवों को जलाने के लिए खासी परेशानी होने की समस्या से निजात दिलाने के लिए इस योजना में मुक्ति धाम का निर्माण करवाया है।

मुक्तिधाम को करेंगे हरियाली : सरपंच ने बताया कि मुक्तिधाम में सैकड़ों वृक्ष लगाये है जिसकी नियमित देखरेख करके उसको हरा भरा किया जा रहा है, जिसमें गर्मी में लोगों को छाया मिल सकेगी।

बारिश के समय ग्रामीणों को आती थी परेशानी

रामसीन. तातोल में तैयार किया गया मुक्तिधाम।

वेस्ट सामग्री के लिए रूम बनाया

गांवों में आज भी मान्यता है की मरने वाले की वस्तुओं को शव यात्रा के साथ में लाकर उसको वही रख देते है। जो वेस्ट हो जाती थी, लेकिन सरपंच ने पहल करके वहां पर एक रूम बनाया जहां पर वो वस्तु रख देते है जो बाद में कोई भी उसे उपयोग ले सकेगा।

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