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आजादी के बाद से झाक गांव में नहीं बनी पक्की सड़क

निकटवर्ती झाक गांव आजादी के बाद से आज तक डामरीकरण सड़क मार्ग से नहीं जुड़ा है। वहीं ज्यादा बारिश के समय आने जाने के...

Danik Bhaskar | Jun 27, 2018, 05:45 AM IST
निकटवर्ती झाक गांव आजादी के बाद से आज तक डामरीकरण सड़क मार्ग से नहीं जुड़ा है। वहीं ज्यादा बारिश के समय आने जाने के सभी रास्ते बंद होने जाने के कारण गांव टापू बन जाता है, जिसके कारणों से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में किसी प्रकार की आवागमन सुविधा नहीं है। जिसके कारण मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान : ग्रामीणों का आरोप है कि गांव पिछले 70 सालों से मूलभूत सुविधाओं को ग्रामीण तरस रहे है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी व जनप्रतिनिधि कोई ध्यान नहीं देते है। पुनककला पंचायत के झाक गांव में करीबन 3 हजार मतदाता हैं। जिसके कारण चुनाव में नेता गांव में जरुर आते है, लेकिन वोट होने के बाद में कोई भी जाकर सुध नहीं लेता है।

मनमर्जी से किराया लेते है वाहन चालक : गांव में जाने के लिए किसी प्रकार की सड़क नहीं होने के कारण लोगों को प्राईवेट वाहनों में आना जाना पड़ता है। जिसका वाहन चालक मनमर्जी से किराया वसूलते है।

अधिकारियों की अनदेखी, बारिश के दिनों में झाक गांव बन जाता है टापू

रामसीन। झाक में आज भी है पगडं्डी वाली सड़क।

बारिश में टापू बन जाता है गांव

ग्रामीण ओटसिह ने बताया कि गंाव में पक्की सड़क नहीं होने के कारण लोग भी वाहन लेकर आने से कतराते है। वहीं बारिश के समय गांव टापू बन जाता है। कच्चे रास्तों पर बारिश का व नदी का पानी का बहाव होता है जिसके कारण गांव का संपर्क कट जाता है। जिसके कारण लोगों को परेशान होना पड़ता है।

इनका कहना है