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श्रीयादे माता के वार्षिक मेले में मृत्यु भोज व नशे की मनुहार बंद करने का लिया निर्णय

श्रीयादे माता के वार्षिक मेले में मृत्यु भोज व नशे की प्रवृति को बंद करने का लिया निर्णय भास्कर न्यूज | रामसीन ...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 20, 2018, 06:05 AM IST

श्रीयादे माता के वार्षिक मेले में मृत्यु भोज व नशे की प्रवृति को बंद करने का लिया निर्णय

भास्कर न्यूज | रामसीन

कस्बे में श्रीयादे माता का दो दिवसीय वार्षिकोत्सव एवं प्रतिभावान सम्मान समारोह शनिवार को संत गोविंद वल्लभदास महाराज के सानिध्य में संपन्न हुआ। इस दौरान प्रजापत समाज लुका परगना के 24गांव के बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ सवेरे अभिजीत मुर्हूत में मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण कर किया गया। मां श्रीयादे की विशेष पूजाअर्चना कर प्रसाद का भोग लगाया गया। श्रीयादे नवयुवक मंडल की ओर से कस्बे में श्रीयादेकी झांकी के साथ शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में युवक, युवतियां गाजे बाजे के साथ नृत्य कर रहे थे।

वही उनके पिछे महिलाएं मांगलिक गीत गाते हुए चल रही थी। कस्बे में विभिन्न मौहल्लों एवं चौराया से होते हुए शोभायात्रा पुन: मंदिर आकर विसर्जित हुई। इस मौके पर अतिथियों का शॉल ओढाकर व माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि संत गोविन्द वल्लभदास महाराज ने समाज को नशा प्रवति से दूर रहने की बात कहीं। उन्होने समाज को संस्कार बनाने की बात कहीं। समाजसेवी बाबुलाल व नरपत आर्य ने भी विचार व्यक्त किए। इस मौके पर कार्यक्रम में मण्डल अध्यक्ष विजय प्रजापत, समाजसेवी मकनाराम प्रजापत, गलबाराम आर्य, धीरज कुमार, बगदाराम, रतनाराम पुनक, हंजारीमल, सोमाराम सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

प्रतिभाएं हुई सम्मानित

कार्यक्रम में समाज की 65प्रतिभाओं को प्रशस्ति पत्र व पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। भामाशाह प्रेमाजी चांदणा, रामाजी मांडोली, जितेंद्र, ओमप्रकाश व रमेश प्रजापत की ओर से दसवीं, बारहवीं, स्नातक, स्नातकोत्तर एवं डिग्रीधारी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

मृत्युभोज पर लगाई पाबंदी

कार्यक्रम के दौरान संत की प्रेरणा लेकर प्रजापत समाज ने मृत्युभोज व अफीम पर पाबंदी लगा दी। समाज की इस पहल का सभी ने स्वागत किया।

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