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धूलंडी को झीतड़ा में पधारेंगे द्वारकाधीश, शोभायात्रा व मेला कल

निकटवर्ती झीतड़ा में होली के दूसरे दिन 2 से 3 मार्च तक दो दिवसीय मेले का आयोजन होगा। मेले के आयोजन को लेकर तैयारियां...

Dainik Bhaskar

Mar 01, 2018, 06:05 AM IST
धूलंडी को झीतड़ा में पधारेंगे द्वारकाधीश, शोभायात्रा व मेला कल
निकटवर्ती झीतड़ा में होली के दूसरे दिन 2 से 3 मार्च तक दो दिवसीय मेले का आयोजन होगा। मेले के आयोजन को लेकर तैयारियां जोरों पर चल रही है। मेले के दौरान महंत वासुदेवाचार्य महाराज के सानिध्य में भगवान कृष्ण व राधारानी की शोभायात्रा निकलेगी व तालाब परिसर में कूबाजी की समाधि मंदिर के निकट विराजमान की जाएगी। साथ ही इस मौके पर कई धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। रोहट उपखंड मुख्यालय से 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित भगवान जानराय मंदिर झीतड़ा में होली के दूसरे दिन धुलंडी के अवसर पर गुजरात से भगवान द्वारिकाधीश खुद यहां पधारेंगे। यह मान्यता है। इस दौरान महंत वासुदेवाचार्य के सानिध्य में मंदिर प्रांगण में विशेष महाआरती होगी। इसके बाद कृष्ण भगवान व राधारानी की प्रतिमा को जानराय मंदिर से शोभायात्रा के साथ भक्त कूबाजी महाराज के तालाब किनारे स्थित आराधना स्थल व समाधि स्थल परिसर में विराजमान किया जाएगा। इसी के साथ दो दिवसीय मेले का शुभारंभ होगा। शाम को वापस कृष्ण भगवान व राधारानी की प्रतिमा को कूबाजी के समाधि स्थल से जानराय मंदिर में शोभायात्रा के साथ ले जाकर विराजमान किया जाएगा।

भक्त कूबाजी ने कुएं में जिन सालीगरामजी की पूजा की थी, वो आज भी भगवान जानराय मंदिर में विराजमान है : मान्यता है कि यहा पर द्वारिकाधीश केवलराम को मिले। केवलराम ने साथ चलने की बात कही, जिस पर भगवान ने एक छड़ी दी थी और कहा कि जहां छड़ी रुकेगी,वहीं द्वारिका होगा। केवलराम सालीगरामजी व छड़ी को लेकर कुएं से बाहर आए तथा वहां से निकल गए। कुएं में दबे रहने से कमर झुक गई थी। यहां से कूबा नाम पड़ गया था।

शोभायात्रा निकलेगी

होली के दूसरे दिन से झीतड़ा में दो दिवसीय मेले का आयोजन होगा। मेले के दौरान महंत वासुदेवाचार्य महाराज के सानिध्य में भगवान कृष्ण व राधारानी की शोभायात्रा निकलेगी व तालाब परिसर में कूबाजी की समाधि मंदिर के निकट विराजमान की जाएगी। साथ ही कई धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।

मान्यता है कि संतू कूबाजी की भक्ति से प्रसन्न होकर झीतड़ा आए थे द्वारकाधीश, धूलंडी पर मंदिर में विराजित रहने की मान्यता

भक्त कूबाजी महाराज को बांडाई के निकट नाडी पर मिले थे द्वारिकाधीश

एक दिन के लिए झीतड़ा आते हैं भगवान द्वारिकाधीश

मान्यता है कि भक्त कूबाजी महाराज को द्वारिकाधीश के मिलने के बाद वचन दिए थे। वचन के अनुसार होली के दूसरे दिन धुलंडी के अवसर पर एक दिन के लिए द्वारिकाधीश झीतड़ा पधारते हैं। इस दिन गुजरात स्थित द्वारिकाधीश मंदिर के पट बंद रहते हैं।

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