Hindi News »Rajasthan »Rani» अपनी इंटरनेट सेंसरशिप दूसरे देशों तक बढ़ा रहा है चीन

अपनी इंटरनेट सेंसरशिप दूसरे देशों तक बढ़ा रहा है चीन

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 05, 2018, 06:10 AM IST

पॉल मोजुर

चीन ने अब तक इंटरनेट सेंसरशिप के लिए अपनी ‘डिजिटल बॉर्डर’ बना रखी थी। इसमें उसने तय कर रखा है कि उसके नागरिक क्या पढ़ें, क्या देखें। अब वह इंटरनेट सेंसरशिप को अपनी सीमाओं के बाहर ले जाने की कोशिश कर रहा है। इसमें वह पता लगा रहा है कि दूसरे देशों में उसके नागरिक, अन्य देश और पश्चिमी कंपनियां उसके बारे में क्या बातें करती हैं।

चीन ने अपने यहां डिजिटल कंट्रोलिंग का मजबूत सिस्टम तैयार किया है, जिसे सिलिकॉन वैली ‘ग्रेट फायरवॉल ऑफ चाइना’ कहती है। इसमें अलग-अलग फिल्टर हैं, जिनकी मदद से चीनी अधिकारियों ने अपने नागरिकों के लिए इंटरनेट सामग्री के उपयोग की सीमाएं बांध रखी हैं। इसी सेंसरशिप को आगे ले जाकर चीन ग्रेट फायरवॉल को दूसरे देशों के नेटवर्क में स्थापित करने के लिए भारी पैसा खर्च कर रहा है। इससे वह पता लगा रहा है कि उसके नागरिक गैर चीनी एप, वेबसाइटों एवं इंटरनेट की अन्य सेवाओं पर क्या बातें करते हैं। इसे निगरानी को चीनी नेतृत्व अपने लिए जरूरी समझ रहा है। उसने गूगल और फेसबुक से भी कहा है कि वे अपने नेटवर्क से चीन की आलोचना वाला कंटेंट हटा दें। हालांकि ये वो कंपनियां हैं जो चीन में प्रतिबंधित हैं। निश्चित रूप से इस तरह के प्रयास चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनकी शक्तियों को बढ़ावा देने के लिए हैं। अगले कुछ दिनों में चीन में राष्ट्रपति के कार्यकाल की तय अवधि खत्म कर दी जाएगी। इसके बाद शी जिनपिंग जैसे व्यक्ति को अपने देश की दिशा तय करने का पूरा अधिकार मिल जाएगा।

चीनी मानवाधिकार कार्यकर्ता झांग गुआंगहोन्ग ने ही इंटरनेट सेंसरशिप के बढ़ते दायरे का पता लगाया था। उन्होंने इस संबंध में एक लेख चीनी एवं बाहरी मित्रों के साथ शेयर किया। इसके लिए उन्होंने व्हाट्सएप का इस्तेमाल किया, जिसकी मालिक फेसबुक है। पिछले सितंबर में झांग को गिरफ्तार किया गया। उन पर चीन सरकार और कम्युनिस्ट पार्टी की आलोचना करने का आरोप लग सकता है। पुलिस के पास झांग के खिलाफ उस लेख का प्रिंट-ऑउट मुख्य सबूत है, जो उन्होंने व्हाट्सएप पर शेयर किया था।

टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ मानते हैं कि झांग के फोन की हैकिंग या जासूसी करके वह सूचनाएं हासिल की गईं, जो चीन सरकार के खिलाफ थीं। इसमें व्हाट्सएप पर बना ग्रुप भी शामिल है। झांग का केस पहला उदाहरण है, जिससे पता चलता है कि चीनी अधिकारी गैर चीनी एप की जासूसी से हासिल सामग्री को सबूत मान रहे हैं। यह उन लोगों के लिए चेतावनी है, जो एन्क्रिप्टेड का दावा करने वाले अमेरिकी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। एम्नेस्टी इंटरनेशनल में विश्लेषक जोशुआ रोज़ेनवीग कहते हैं- चीन अपने बल का प्रभाव बढ़ाता जा रहा है। वहां शी जिनपिंग ने खुद को सबसे शक्तिशाली बना लिया है। इसके लिए वह व्यक्तिगत तौर पर ही दबाव नहीं डाल रही, बल्कि विदेशी कंपनियों से कह रही है कि वह उसके ऑनलाइन सेंसरशिप के प्रयासों में सहयोग करें।

इस कारण उन अमेरिकी कंपनियों के लिए मुश्किल स्थिति बन गई है, जो लंबे समय से चीन का वृहद इंरटनेट मार्केट (70 करोड़ से अधिक यूज़र) हासिल करना चाहती हैं।

© The New York Times

दैनिक भास्कर से विशेष अनुबंध के तहत

चीन के यूज़र मार्केट तक पहुंचने के लिए बड़ी आईटी कंपनियां अपने यूज़र का डेटा गोपनीय तरीके से लीक कर रही हैं। ऐसा नहीं होता तो व्हाट्सएप की हैकिंग संभव नहीं होती।

व्हाट्सएप भी सुरक्षित नहीं

हॉन्ग कॉन्ग स्थित चीनी यूनिवर्सिटी में स्कूल ऑफ जर्नलिज़्म में प्रोफेसर लोकमैन सुइ कहते हैं, चीन मजबूत हो रहा है और वह आश्वस्त है कि पश्चिमी कंपनियां उसके दबाव में आएंगी।

चीन उन लोगों की भी मदद ले रहा है, जो यह बताएं कि कौन दूसरे देश से चीनी नेतृत्व के खिलाफ लिख रहा है। पिछले वर्ष मानवाधिकार कार्यकर्ता ली मिंग-ची को गिरफ्तार किया गया था, उसने ताइवान से फेसबुक पर चीन के खिलाफ पोस्ट अपलोड की थी।

चीन ने व्हाट्सएप की हैकिंग से पता कर लिया कि उसके खिलाफ क्या लिखा जा रहा है। यह गंभीर है और इससे उसकी पहुंच का पता चलता है। इससे स्पष्ट है कि व्हाट्सएप भी सुरक्षित नहीं है।

व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने कहा कि उन्होंने यूज़र के एन्क्रिप्टेड संदेश तक पहुंचने के लिए चीनी अधिकारियों को पिछले दरवाजे से प्रवेश नहीं दिया।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Rani News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: अपनी इंटरनेट सेंसरशिप दूसरे देशों तक बढ़ा रहा है चीन
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Rani

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×