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गोल्ड इंडस्ट्री में रोजगार बढ़ाने को कम हो सकती जीएसटी रेट

गोल्ड इंडस्ट्री में अगले चार वर्ष के दौरान रोजगार के एक करोड़ नए अवसर सृजित करने के मद्देनजर केंद्र सरकार सोने पर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 07, 2018, 06:15 AM IST

गोल्ड इंडस्ट्री में अगले चार वर्ष के दौरान रोजगार के एक करोड़ नए अवसर सृजित करने के मद्देनजर केंद्र सरकार सोने पर गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) और आयात शुल्क में चरणबद्ध तरीके से दो से चार फीसदी की कटौती कर सकती है।

गोल्ड इंडस्ट्री का कायाकल्प करने के उद्देश्य से गठित वटल कमेटी की सिफारिशों पर सैद्धांतिक सहमति बनने के मद्देनजर यह उम्मीद जागी है। पूर्व केंद्रीय वित्त सचिव और नीति आयोग के प्रधान सलाहकार रतन. पी वटल की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने 26 फरवरी को वित्त मंत्रालय को ‘ट्रांसफॉर्मिंग इंडियाज गोल्ड मार्केट’ नामक अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। हालांकि सरकार ने इस रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन सूत्रों का कहना है कि कमेटी की रिपोर्ट को जल्द लागू किया जाएगा। कमेटी ने दिसंबर में ड्राफ्ट रिपोर्ट के बाद विशेषज्ञों के साथ कई बार विचार-विमर्श कर रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया है। वहीं, वित्त मंत्रालय पहले ही व्यापक गोल्ड पॉलिसी बनाने तथा गोल्ड स्पॉट एक्सचेंज स्थापित करने की घोषणा कर चुका है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार वटल कमेटी की रिपोर्ट में जीडीपी में गोल्ड इंडस्ट्री का योगदान तीन फीसदी करने की वकालत की गई है। इसके लिए जूलरी एक्सपोर्ट और रोजगार बढ़ाने का मेगाप्लान बनाने का रास्ता सुझाया गया है। रिपोर्ट में वर्ष 2022 तक ज्वैलरी एक्सपोर्ट 2000 करोड़ डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य और गोल्ड इंडस्ट्री के लिए नीतियों को उदार बनाने की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट में कहा है कि ज्वैलरी उद्योग पर बंदिशें कम हो, क्योंकि यह प्रोडक्टिव बिजनेस है।

गोल्ड बोर्ड बनाने की सिफारिश

रिपोर्ट में गोल्ड बोर्ड बनाने तथा इसको गोल्ड इंडस्ट्री से संबंधित सभी मुद्दों को हल करने के लिए पर्याप्त अधिकार देने की सिफारिश की गई है। वित्त मंत्रालय सहित आर्थिक मंत्रालयों से जुड़े सभी मंत्रालयों के प्रतिनिधि इस बोर्ड के सदस्य होंगे। रिपोर्ट में भारत को गोल्ड हब बनाने पर फोकस करने की सिफारिश की गई है। ऐसे मे देश में गोल्ड माइनिंग के लिए जोखिम पूंजी मुहैया करानी पड़ेगी, भारत में गोल्ड का उत्पादन बढ़ सके। इसके अलावा विदेशी क्रेडिट कार्ड से जूलरी खरीद की छूट भी संभव है।

देश में सालाना 100 से 150 टन सोने की तस्करी

रिपोर्ट में कहा गया है कि टैक्स की ऊंची रेट होने की वजह से देश में पिछले कुछ सालों से सालाना 100 से 150 टन सोना तस्करी के जरिए आ रहा है। इसको रोकने के लिए टैक्स में कमी की जरूरत है।

गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम को नए सिरे से बनाने का सुझाव

रिपोर्ट में गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम को नए सिरे से बनाने का भी सुझाव दिया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंक और उनकी शाखाएं ग्राहकों को स्कीम के संदर्भ में अच्छी सेवाएं दे तथा स्कीम में सोने की न्यूनतम सीमा को भी कम किया जाए। इस स्कीम को इंटरनेशनल लीज रेट के साथ गोल्ड लोन से जोड़ने की भी सिफारिश की गई है। कमेटी ने सॉवरेन गोल्ड बाॅण्ड को गोल्ड सेविंग अकाउंट से बदलने का भी प्रस्ताव किया है।

कमेटी ने भारत में गोल्ड ट्रेडिंग आसान करने तथा बुलियन बैंक की स्थापना की सिफारिश की है। इस बैंक में गोल्ड बचत खाते शुरू किए जाएंगे।

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Web Title: गोल्ड इंडस्ट्री में रोजगार बढ़ाने को कम हो सकती जीएसटी रेट
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