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कॉमनवेल्थ के सिकंदर, जो दुनिया जीतकर यहां पहुंचे हैं

कॉमनवेल्थ गेम्स शुरू होने में अब एक दिन बाकी है। कॉमनवेल्थ का जब भी जिक्र होता है तो जेहन में आता है- दुनिया का...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 03, 2018, 06:15 AM IST

कॉमनवेल्थ के सिकंदर, जो दुनिया जीतकर यहां पहुंचे हैं
कॉमनवेल्थ गेम्स शुरू होने में अब एक दिन बाकी है। कॉमनवेल्थ का जब भी जिक्र होता है तो जेहन में आता है- दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मल्टी स्पोर्ट्स इवेंट। ओलिंपिक और एशियन गेम्स को ही इससे आगे रखा जाता है। लेकिन खेल के स्तर और खिलाड़ियों की बात करें, तो कॉमनवेल्थ गेम्स अब किसी से पीछे नहीं रहे। इस बार भी तमाम ऐसे एथलीट्स हैं, जो पहले ही ओलिंपिक या अन्य चैंपियनशिप में जीत हासिल कर चुके हैं। ऐसे ही 9 चुनिंदा सितारों पर नजर...

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दिन शेष

आंद्रे डि ग्रासे:उसैन बोल्ट के उत्तराधिकारी

स्प्रिंटर: कनाडा

कनाडा के 23 साल के स्प्रिंटर आंद्रे डि ग्रासे ने पिछले साल 100 मीटर की रेस 9.69 सेकंड में पूरी की थी। उन्हें स्प्रिंटिंग वर्ल्ड में महान धावक उसैन बोल्ट का उत्तराधिकारी भी कहा जाता है।

स्प्रिंटिंग तो आंद्रे डि ग्रासे के जीन में है। उनकी मां बेवर्ली डि ग्रासे त्रिनिदाद में स्प्रिंटर थीं। 26 साल की उम्र में वे कनाडा आकर बस गईं। वहीं आंद्रे का जन्म हुआ था।

कॉमनवेल्थ में आंद्रे 100, 200 मीटर फर्राटा में जीत के दावेदार हैं।

कास्टर सेमेन्या:800 मीटर की वर्ल्ड और ओलिंपिक चैंपियन

एथलेटिक्स: द. अफ्रीका

पिछले 10 सालों में दक्षिण अफ्रीका की मिडिल डिस्टेंस रनर कास्टर सेमेन्या खासी स्पॉटलाइट में रही हैं। उन पर जेंडर फ्रॉड के आरोप लगे। लेकिन, उन्होंने खुद को निर्दोष साबित किया।

सेमेन्या 2012 और 2016 ओलिंपिक में 800 मीटर इवेंट में गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। साथ ही वे 2009, 2011 और 2017 वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी गोल्ड विनर रही हैं।

महिलाओं की 800 मीटर और 1500 मीटर इवेंट में जीत की दावेदार हैं।

टेबल टेनिस: वेल्स

एना हर्सी वेल्स की ओर से कॉमनवेल्थ गेम्स में शिरकत करने वाली सबसे युवा खिलाड़ी हैं। उनकी उम्र सिर्फ 11 साल है। टेबल टेनिस खेलती हैं।

एक हफ्ते में 30 घंटे तक की प्रैक्टिस करके एना ने यहां तक का सफर तय किया है। इतनी कम उम्र में एना का यहां तक पहुंचना ही इतना दिलचस्प है कि उनके प्रदर्शन पर सबसे नजरें टिकी हैं। एना ने अपने खेल को मजबूत करने के लिए चीन में प्रैक्टिस की है।

इस बार एना से सिंगल्स में पदक की उम्मीद है।

निकोल डेविड:लगातार 12 साल वर्ल्ड नंबर-1

स्क्वॉश: मलेशिया

आठ बार की वर्ल्ड ओपन चैंपियन, दो बार की कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन और सात बार एशियन गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट रहीं मलेशिया की निकोल डेविड को महिला स्क्वॉश के इतिहास में अब तक की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी माना जाता है।

निकोल लगातार 108 महीने यानी 12 साल तक वर्ल्ड नंबर-1 खिलाड़ी रही हैं।

इस बार भी कॉमनवेल्थ में वो महिला सिंगल्स और मिक्स्ड डबल्स में गोल्ड की दावेदार हैं।

11 साल की खिलाड़ीएना हर्सी, हफ्ते में 30 घंटे प्रैक्टिस कर कॉमनवेल्थ तक पहुंची

17 की उम्र मेंकाइल चाल्मर्स ने रियो में जीता था गोल्ड मेडल

स्विमर: ऑस्ट्रेलिया

17 की उम्र में ओलिंपिक में काइल चाल्मर्स ने 100 मी. फ्रीस्टाइल का गोल्ड जीत सबको चकित कर दिया था।

इसके बाद उन्हें हर्ट सर्जरी से गुजरना पड़ा और वे इंटरनेशनल स्वीमिंग से दूर रहे थे। अब वापसी हो रही है। 100 मीटर और 200 मीटर फ्रीस्टाइल में दावेदार।

चार्लोटे कैसलिक:ओलिंपिक चैंपियन रग्बी टीम की सबसे बड़ी स्टार रहीं

रग्बी: ऑस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलिया की 23 साल की चार्लेटे कैसलिक को महिला रग्बी में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी माना जाता है। ऑस्ट्रेलिया ने रियो ओलिंपिक में महिला रग्बी सेवन का गोल्ड जीता था। चार्लोटे ने उस जीत में सबसे बड़ी भूमिका निभाई थी।

वे रग्बी के अलावा टच फुटबॉल की भी स्टार खिलाड़ी हैं। वे इस खेल में भी ऑस्ट्रेलिया को रिप्रजेंट कर चुकी हैं।

रग्बी में मजबूत अंधिकांश देश कॉमनवेल्थ गेम्स में भी खेलते हैं। ऑस्ट्रेलिया को चैंपियन बनाने की जिम्मेदारी चार्लोटे के कंधों पर होगी।

वलेरी एडम्स:2 ओलिंपिक गोल्ड, 3 कॉमनवेल्थ गोल्ड जीते

शॉट पुट: न्यूजीलैंड

वलेरी एडम्स न्यूजीलैंड की शॉट पुट प्लेयर हैं। वो 4 बार विश्व चैंपियन, 3 बार वर्ल्ड इनडोर चैंपियन रह चुकी हैं। ओलिंपिक में 2 गोल्ड, 1 सिल्वर और कॉमनवेल्थ में 3 गोल्ड और 1 सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं।

2006 और 2010 में वलेरी ने कॉन्टिनेंटल कप भी जीता। 2013 में वलेरी को घुटने की सर्जरी करानी पड़ी थी। 6 महीने बाद उन्होंने वर्ल्ड इनडोर चैंपियनशिप में जीत के साथ वापसी की।

2002 कॉमनवेल्थ में सिल्वर जीतने के बाद वलेरी ने लगातार 3 इवेंट में गोल्ड जीता है। हर तरह के इवेंट में उनके नाम कुल 14 गोल्ड मेडल हैं।

शॉट पुट: न्यूजीलैंड

वलेरी एडम्स न्यूजीलैंड की शॉट पुट प्लेयर हैं। वो 4 बार विश्व चैंपियन, 3 बार वर्ल्ड इनडोर चैंपियन रह चुकी हैं। ओलिंपिक में 2 गोल्ड, 1 सिल्वर और कॉमनवेल्थ में 3 गोल्ड और 1 सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं।

2006 और 2010 में वलेरी ने कॉन्टिनेंटल कप भी जीता। 2013 में वलेरी को घुटने की सर्जरी करानी पड़ी थी। 6 महीने बाद उन्होंने वर्ल्ड इनडोर चैंपियनशिप में जीत के साथ वापसी की।

2002 कॉमनवेल्थ में सिल्वर जीतने के बाद वलेरी ने लगातार 3 इवेंट में गोल्ड जीता है। हर तरह के इवेंट में उनके नाम कुल 14 गोल्ड मेडल हैं।

एडम पैटी:अपने ही वर्ल्ड रिकॉर्ड को तोड़ने का लक्ष्य

स्विमर: इंग्लैंड

इंग्लैंड के 23 साल के स्विमर एडम पैटी ओलिंपिक चैंपियन होने के साथ-साथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी पांच बार गोल्ड मेडल जीत चुके हैं।

100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में 57.55 सेकंड की टाइमिंग के साथ बनाया है वर्ल्ड रिकॉर्ड। गोल्ड कोस्ट में 57 मीटर के बैरियर को तोड़ने का लक्ष्य बनाया है।

100 मीट ब्रेस्टस्ट्रोक और 4 गुणा 100 मीटर रिले में गोल्ड के दावेदार।

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Web Title: कॉमनवेल्थ के सिकंदर, जो दुनिया जीतकर यहां पहुंचे हैं
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