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डेनमार्क में 7 दिन में ऑनलाइन तलाक हो रहे थे, 46% तलाक रेट पहुंची तो सरकार हुई सख्त, अब कपल तीन माह निगरानी में रहेंगे

डेनमार्क की खूबी उसकी लचीली शासन व्यवस्था है। यहां लोगों को एक क्लिक पर हॉस्पिटल रिकॉर्ड्स, मृत्यु प्रमाणपत्र,...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 03, 2018, 06:15 AM IST

डेनमार्क की खूबी उसकी लचीली शासन व्यवस्था है। यहां लोगों को एक क्लिक पर हॉस्पिटल रिकॉर्ड्स, मृत्यु प्रमाणपत्र, टैक्स रिटर्न्स जैसे अहम डॉक्यूमेंट मिल जाते हैं। यहां तक की ऑनलाइन आवेदन के जरिए एक हफ्ते से कम समय में तलाक भी मिल जाता है। इसके लिए सिर्फ 60 डॉलर जमा करने होते हैं। लेकिन इस आसान प्रक्रिया की वजह से लोगों की शादियां टूट रही है। पति-प|ी छोटे-मोटे झगड़ों पर भी एक दूसरे को तलाक दे रहे हैं। इसका असर बच्चे पर पड़ रहा है। कई मामलों में पति-प|ी दोनों ही बच्चों को साथ रखने से मना कर देते हैं। 2017 में यहां डायवोर्स रेट 46.75% रहा। यानी 100 शादियों में से करीब 46 टूट रही हैं। यह तलाक दर यूरोपीय देशों में सबसे अधिक है। ऐसे में सरकार तलाक लेने के नियमों को सख्त कर दिया है। नए नियम के तहत जिन दंपती के बच्चे हैं, उन्हें अपनी शादी को बनाए रखने के लिए तीन माह का समय दिया जाएगा। इस दौरान ये दंपती सरकारी ऑब्जर्वर की निगरानी में रहेंगे। पति-प|ी के बीच विवाद खत्म हो सके। इसके लिए सरकार दंपती को काउंसलर भी उपलब्ध कराएगी। इसका कोई चार्ज भी नहीं लिया जाएगा।

नए नियम में बच्चों के प्रोटेक्शन के भी उपाय किए गए है। तीन महीने की वेटिंग अवधि के दौरान बच्चों की भी काउंसलिंग की जाएगी। नए नियम अगले साल से प्रभाव आएंगे। हालांकि जिन कपल के बच्चे नहीं है, ऐसे लोग ऑनलाइन व्यवस्था की तहत तत्काल ले सकेंगे। यहां तक हल्की-फुल्की झड़प के मामले में भी वो तलाक के लिए आवेदन कर सकते हैं। देश के बच्चों और सामाजिक मामले के मंत्री मेई मर्केडो का कहना है कि मौजूदा नियम के तहत माता-पिता तलाक लेते समय अपने बच्चों की व्यवस्था के लिए काफी कम समय में ही फैसला लेते थे। हम उन्हें और अधिक समय देना चाहते हैं ताकि वो अपने फैसले पर ठीक से निर्णय ले। यह समय आपसी विवाद को सुलझाने में भी काफी अहम रोल अदा करेगा। आईटी यूर्निवर्सिटी के प्रोफेसर मोर्टेन जेल्हॉल्ट कहते हैं कि मानव जीवन को आईटी सिस्टम में फिट नहीं किया जा सकता। सरकार और उसके नागरिकों के बीच प्रभावी संचार के साथ डिजिटलीकरण बढ़ाना हमेशा अलग-अलग जीवन स्थितियों से मेल नहीं खाता है।

डेनमार्क में डिजिटलीकरण की वजह से टूटने लगे थे रिश्ते, सरकार ने तलाक लेने के नियम िकए सख्त

डेनमार्क में 89% लोग आॅनलाइन कामकाज करते हैं

तलाक के मामले में यह बदलाव काफी अहम और दुर्लभ है। क्योंकि यहां की सरकार शासन को आसान बनाने के लिए डिजिटलीकरण का कैंपेन चला रही है। यहां 16 और 89 साल के बीच के 90% से ज्यादा लोग सरकार द्वारा दी गई डिजिटल आईडी का इस्तेमाल करते हैं। इस आईडी की मदद से अपनी शिकायतों और जरूरतों के लिए संबंधित विभाग से आनलाइन ही संपर्क करते हैं। इसी महीने टैक्स रिटर्न की तारीख आने के बाद 24 घंटे में 13 लाख लोगों ने रिटर्न भरा।

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