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हवाला के जरिए ‌‌Rs.4 करोड़ दिल्ली से अहमदाबाद भेजे जाने का मामला

Bhaskar News Network| Last Modified - Mar 30, 2018, 06:25 AM IST

हवाला के जरिए ‌‌Rs.4 करोड़ दिल्ली से अहमदाबाद भेजे जाने का मामला
हवाला के जरिए ‌‌Rs.4 करोड़ दिल्ली से अहमदाबाद भेजे जाने का मामला
एटीएस एसपी विकास कुमार ने बताया कि दिल्ली से अहमदाबाद के लिए अवैध तरीके से मनी ट्रांजेक्शन होता है। इसके लिए किसी व्यक्ति को कुरियर के रूप में कमीशन देकर भेजा जाता है। अवैध तरीके से मनी हर दूसरे दिन भेजी जा रही है।

बनवारी को राडार पर लिया तो पता चला कि दिल्ली में बड़ी फर्मोें से राशि हवाला के जरिए अहमदाबाद भेजी जा रही है। टेररिस्ट से कनेक्शन का भी शक था।

चार करोड़ अहमदाबाद भेजने की सूचना के बाद बनवारी पर निगरानी रखी। बनवारी अहमदाबाद जाने वाली श्रीनाथ ट्रेवल्स की बस में बैठकर रवाना हुआ। मनोहरपुर टोल नाके पर बस के रुकते ही तलाशी ली और बनवारी को पकड़ लिया।

तलाशी में बनवारी के पास दो बैग मिले। इनमें दो हजार के नोटों की गड्डियां भरी थी। एक बैग में तीन करोड़ व दूसरे में एक करोड़ थे। इन्हें छोटे-छोटे पार्सलों में रखा था।

प्राइवेट बस से बड़े बैगों में भरकर भेजे जा रहे थे रुपए

भास्कर न्यूज | जयपुर/ भीलवाड़ा

दिल्ली से अहमदाबाद के लिए जा रही बस में हवाला के चार करोड़ रुपए की नकदी लेकर जा रहे बनवारी तक पहुंचने के लिए एटीएस ने दो माह तक ऑपरेशन कुबेर चलाया। इस दौरान कई बार युवक कुरियर बनकर दिल्ली से अहमदाबाद गया मगर ज्यादा राशि नहीं होने के कारण एटीएस ने लगातार आरोपी को राडार पर रखा। दो दिन पहले जब पता चला कि बनवारी चार करोड़ रुपए लेकर अहमदाबाद जा रहा है तो सक्रिय हुई टीम ने मनोहरपुर टोल नाके पर आरोपी को दबोच लिया।

बस के केबिन में दो बैगों में दो दो हजार रुपए की गड्डियां मिली तो एक बारगी बस में सवार यात्री अचंभित हो गए कि हुलिए से मध्यमवर्गीय लगने वाले युवक के पास चार करोड़ रुपए कहां से आए। बाद में मौके पर ही पूछताछ में बताया कि वह कुरियर के रूप में काम कर रहा है मास्टरमाइंड तो भीलवाड़ा में है।

दो माह तक चला एटीएस का ऑपरेशन कुबेर, प्रारंभिक तौर पर माना; हवाला कारोबारियों के लिए काम करता है आरोपी

दिल्ली से अहमदाबाद के लिए अवैध तरीके से होता है मनी ट्रांजेक्शन, टेरर कनेक्शन का भी था शक

पैसे लेने के लिए वाट्सएप पर्ची पर हस्ताक्षर मिलने चाहिए :

बनवारी ने पूछताछ में बताया कि Rs.4 करोड़ दिल्ली स्थित हवाला कारोबारी के ऑफिस से कोई बस स्टैंड पर देकर गया था, कभी वह ऑफिस से रुपए लेने की बात कहता है। पैसे लेने के बाद एजेंट ने सिग्नेचर की हुई एक पर्ची बनवारी को दी थी, उस पर्ची की एक फोटो वाट्सएप के जरिए आगे भेज दी। अहमदाबाद जाने के बाद रुपए लेने आने वाला व्यक्ति सिग्नेचर की हुई पर्ची की फोटो दिखाता तो वह रुपए दे देता।

बड़ा गिरोह कर रहा काम : बनवारी के टेररिस्ट एक्टिविटी में शामिल नहीं होना सामने आया। एटीएस के अनुसार गलत तरीके पैसे का आदान-प्रदान करने के लिए बड़ा गिरोह काम कर रहा है।

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