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सभी वयस्कों के लिए आयकर रिटर्न भरना अनिवार्य बनाएं

करंट अफेयर्स पर 30 से कम उम्र के युवाओं की सोच दिवाकर झुरानी, 28 द फ्लेचर स्कूल ऑफ लॉ एंड डिप्लोमेसी टफ्ट...

Danik Bhaskar | Mar 30, 2018, 06:25 AM IST
करंट अफेयर्स पर 30 से कम उम्र के युवाओं की सोच

दिवाकर झुरानी, 28

द फ्लेचर स्कूल ऑफ लॉ एंड डिप्लोमेसी

टफ्ट यूनिवर्सिटी, अमेरिका

linkedin.com/in/diwakar-jhurani-14452717

भारत की आबादी 130 करोड़ है। मोटेतौर पर 50 करोड़ भारतीय किसी तरह के रोजगार में लगे हैं। इनमें से करीब 3 करोड़ ने 2016-17 में आयकर रिटर्न दाखिल किया। इसका मतलब यह नहीं कि सारे तीन करोड़ भारतीयों ने आयकर दिया। इनमें से कई लोगों की आय शून्य है लेकिन, उन्होंने रिटर्न भरा। इस तरह वर्तमान में 2 से ढाई फीसदी भारतीय ही आयकर देतेे हैं, जबकि कम से कम 40 फीसदी को ऐसा करना चाहिए। यह अन्य बड़े देशों से काफी कम है।

एक प्रमुख सुधार यह करना होगा कि 18 से ऊपर की उम्र के सारे भारतीय हर वर्ष सालाना आय का रिटर्न भरे। यानी हर साल 60 फीसदी या करीब 80 करोड़ आयकर रिटर्न प्रतिवर्ष। इनमें से ज्यादातर शून्य कर वाले रिटर्न होंगे। फिर भी यह कवायद तीन तरह से उपयोगी होगी। एक, इससे औपचारिक अर्थव्यवस्था बनाने में मदद मिलेगी। अनौपचारिक अर्थव्यवस्था व काले धन की भूमिका न्यूनतम होगी। दो, यह देश का प्रत्यक्ष कर आधार काफी बढ़ा देगी और जीएसटी जैसे अप्रत्यक्ष कर को न्यूनतम कर देगी। आवश्यक वस्तुओं की कीमत कम होने से गरीबों को मदद मिलेगी। तीन, आय का यह डेटा सरकारी योजनाओं की सब्सिडी देने में हो सकेगा। अभी निम्न आयवर्ग को लक्षित योजनाएं उनकी पहचान करने में नाकाम रहती हैं।

यह आसान नहीं होगा। सरकार ये कर सकती है। एक, आर्थिक प्रोत्साहन जैसे पहली बार कर घोषणा करने वालों को 500, दूसरी बार 400 रुपए का नकद भुगतान। दो, स्थानीय भाषा में सरल टैक्स फॉर्म, जो कोई भी भर सके, भाषा की ज्यादा जानकारी न रखने वाला भी। तीन, बैंक व डाकघरों के नेटवर्क का इस्तेमाल रिटर्न फाइल करने वालों की मदद के लिए करें। चार, हर गांव में स्वयंसेवी टैक्स दूतों की नियुक्ति ताकि ग्रामीणों की मदद की जा सके। आम भारतीय ने हमेशा स्वच्छ प्रशासन की पहल में मदद की है। बैंक खाते खोलना, नोटबंदी इसके उदाहरण हैं। वे ईमानदार हैं और बेहतर शासन चाहते हैं। यह मानने का कारण नहीं है कि आम भारतीय नए और बेहतर भारत के लिए अपनी आय घोषित नहीं करेगा।