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सीबीएसई पेपर लॉकर्स से भी लीक, आरबीएसई के पेपर थानों में सुरक्षित

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के बैंक लॉकर्स में रखे पेपर भी सुरक्षित नहीं रहे वहीं उससे चार लाख ज्यादा...

Danik Bhaskar | Mar 30, 2018, 06:25 AM IST
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के बैंक लॉकर्स में रखे पेपर भी सुरक्षित नहीं रहे वहीं उससे चार लाख ज्यादा स्टूडेंट्स वाले राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (आरबीएसई) ने पुलिस थानों के जरिए प्रश्न पत्र भेजकर सिस्टम सुधार लिया है। पिछले 5 साल में आरबीएसई ने सभी परीक्षाएं सफलतापूर्वक कराईं। आरबीएसई में 32 लाख परीक्षार्थियों की परीक्षार्थी हैं जबकि सीबीएसई में देशभर में 28 लाख स्टूडेंट्स। इधर, सीबीएसई के पेपर लीक होने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। यह वे परीक्षाएं हैं जिनमें विद्यार्थी आगामी दिनों में हिस्सा लेने वाले थे, लेकिन अब उनके सामने समस्या है कि वे बोर्ड परीक्षा की तैयारी करें या प्रतियोगी परीक्षा की। दसवीं के विद्यार्थी परीक्षा के बाद मेडिकल और इंजीनियरिंग की परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर देते हैं। कोचिंग संचालक भी अप्रैल में नए-नए बैच बनाकर पढाई शुरू कर देते हैं। अब इसमें कम से कम 20 से 25 दिन की देरी होना तय है।

कब कौनसी प्रतियोगी परीक्षा

नाटा, आर्किटेक्चर में प्रवेश 29 अप्रैल

क्लेट (सामान्य लॉ प्रवेश परीक्षा) 13 मई

जेईई एडवांस 20 मई

एआईआईएमएस यूजी ऑनलाइन 26, 27 मई

सीपीटी 17 जून

नीट 6 मई

जेईई मेंस 8,15 और 16 अप्रैल

प्रदेश के ग्यारह सौ स्कूलों के विद्यार्थी परेशान

प्रदेश में 1081 स्कूलें सीबीएसई से संबद्धता प्राप्त है। इनमें से करीब 100 स्कूल अकेले जयपुर में है। इन स्कूलों के 12वीं के विद्यार्थियों के सामने सबसे अधिक परेशानी है। अप्रैल और मई में कई प्रवेश परीक्षाएं हैं। सीबीएसई बारहवीं कला वर्ग, वाणिज्य वर्ग के विद्यार्थी ही नहीं, बल्कि विज्ञान वर्ग के विद्यार्थी भी अर्थशास्त्र विषय की पढ़ाई करते हैं। बारहवीं विज्ञान वर्ग में भौतिक, रसायन, गणित और जीव विज्ञान के साथ साथ अर्थशास्त्र का भी कांबिनेशन है। यानि विज्ञान की पढ़ाई करने वाले कई विद्यार्थी ऐसे हैं जो अर्थशास्त्र भी पढ़ रहे हैं।

देश के कोने-कोने में पहुंचा था पेपर, अन्य परीक्षाओं पर भी सवाल

सीबीएसई की 12वीं अर्थशास्त्र और 10वीं का गणित का पेपर सोशल मीडिया के जरिए लीक हुआ और चंद घंटों में देश के कोने-कोने में पहुंच गया। बताया जा रहा है कि शुरुआत में यह पेपर 35-40 हजार रु. तक बिका था। जिसने भी यह पेपर खरीदा उसने बाद में इसे आगे 5-10 हजार रु. लेकर कई स्टूडेंट्स को भिजवा दिया। उन स्टूडेंट्स ने भी दो-ढाई हजार रुपए लेकर अपने अन्य दोस्तों को बांट दिया। अंत में बिना पैसे के भी यह एक ग्रुप से दूसरे ग्रुप में घूमता रहा। इस तरह लीक पेपर बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स, टीचर्स व अन्य लोगों के मोबाइल तक पहुंच गया। राजस्थान में भी परीक्षा से 5 दिन पहले यह स्टूडेंट्स के पास पहुंच गया था। चेन लंबी होने के कारण पुलिस को असली गुनहगारों तक पहुंचने में मुश्किल हो रही है। सीबीएसई को सभी प्रश्न पत्रों की जांच करनी चाहिए। सीबीएसई के अन्य पेपरों की परीक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। क्योंकि अगर दो पेपर लीक हो सकते हैं तो हो सकता है परीक्षा के अन्य पेपर भी लीक हुए हो। जयपुर के 10वीं के कई विद्यार्थियों का दावा है कि यहां सोशल मीडिया पर हाथ से लिखा पेपर वायरल हो रहा था। उनका कहना था कि मोबाइल पर आए इस पेपर को लेकर वे अधिक गंभीर नहीं थे, लेकिन पेपर देखकर हैरान रह गए थे।

28,24,734 स्टूडेंट्स देशभर में शामिल हुए

16,38,428 स्टूडेंट्स 10वीं

11,86,306 स्टूडेंट्स 12वीं

अजमेर रीजन में

1.81 लाख विद्यार्थी 10वीं और 1.43 लाख विद्यार्थी 12वीं के

सिर्फ जयपुर में

27,000 विद्यार्थी 10वीं के और 15,000 विद्यार्थी 12वीं के। 12वीं के विद्यार्थियों में करीब 4,000 इकोनॉमिक्स के।

सलाह : अनुचित साधनों के उपयोग से बचें स्टूडेंट्स