Hindi News »Rajasthan »Rani» माउंट आबू में देश का पहला एग्रो टूरिज्म व इंटरनेशनल फ्लॉवर रिसर्च सेंटर बनेगा, Rs. 10 करोड़ का बजट जारी

माउंट आबू में देश का पहला एग्रो टूरिज्म व इंटरनेशनल फ्लॉवर रिसर्च सेंटर बनेगा, Rs. 10 करोड़ का बजट जारी

सिरोही. माउंट आबू में गत दिनों जिस जगह पर फ्लोवर प्रदर्शनी लगाई। विदेशी कट फ्लॉवर पर होगा रिसर्च माउंट आबू...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 06:25 AM IST

सिरोही. माउंट आबू में गत दिनों जिस जगह पर फ्लोवर प्रदर्शनी लगाई।

विदेशी कट फ्लॉवर पर होगा रिसर्च

माउंट आबू के फ्लॉवर रिसर्च सेंटर में विदेशी कट फ्लॉवर पर रिसर्च होगा। अभी राजस्थान में सिर्फ हंजारा, गुलाब फूल जैसी दो-तीन प्रजातियों के फूलों की खेती होती है। इसलिए माउंट आबू में ओरकिड, ट्रूलिफ, रजनी गंधा समेत अन्य विदेशी प्रजातियों के कट फ्लॉवर पर रिसर्च कर फूलों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। यहां आने वाले पर्यटकों के लिए भी रिसर्च सेंटर खुला रहेगा।

माउंट आबू में खुलेगा एग्रो टूरिज्म व फ्लॉवर रिसर्च सेंटर

माउंट आबू में एग्रो टूरिज्म व फ्लॉवर रिसर्च सेंटर खोला जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना से 10 करोड़ रुपए का बजट जारी हुआ है। जैतून की खेती, आबूरोड में खजूर इंडस्ट्री, जिले में काजू, पिस्ता व संतरा के खेती के लिए भी सरकार प्रयासरत है। कृषि मंत्री ने इसके लिए मौका देखा और इस पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए हैं। -जेसी मेघवंशी, उपनिदेशक, कृषि विभाग, सिरोही

साउथ अफ्रीका की तरह हाइड्रोपॉनिक पद्धति से होगी खेती

माउंट आबू में दक्षिण अफ्रीका की तर्ज पर हाइड्रोपॉनिक पद्धति (भूमि रहित खेती) को भी बढ़ावा दिया जाएगा। हाइड्रोपॉनिक पद्धति में ट्रे लगाकर फल-सब्जियां तैयार की जाएगी। रिसर्च सेंटर में पॉली हाउस, ग्रीन हाउस और लाख हाउस से भी खेती की जाएगी। ताकि इसे देखकर किसान अपने खेतों में इस आधुनिक तकनीकी का उपयोग कर सकें। माउंट आबू में जैतून की खेती को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

काजू, पिस्ता और लीची की खेती को दिया जाएगा बढ़ावा

जिले की जलवायु के हिसाब से यहां अब काजू, पिस्ता और लीची की खेती को भी बढ़ावा दिया जाएगा। आबूरोड क्षेत्र में काजू व पिस्ता की खेती शुरू हो चुकी है। यहीं, नहीं माउंट आबू और उसके आसपास के क्षेत्र में जैतून की खेती को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। कृषि विभाग इसके लिए तैयारियों में जुटा हुआ है और राजस्थान सरकार भी तैयार है।

विदेशी प्रजाति की मछलियों के एक्वेरियम लगेंगे

रिसर्च सेंटर में पर्यटकों को लुभान के लिए विदेशी प्रजाति की रंग-बिरंगी मछलियों के एक्वेरियम भी यहां लगाए जाएंगे। विदेशी प्रजाति के फूलों व मछलियों को देखने आने वाले पर्यटकों के खाने पीने की सुविधा भी रहेगी। खानेपीने की साम्रगी बिना रसायनिक पदार्थों के उपयोग पूर्णरूप से जैविक खाद्य सामग्री यहां मिलेगी। पर्यटकों के बैठने की सुविधा भी होगी। फिलहाल टेंट लगाकर ये सुविधा मुहैया कराई जाएगी।

आबूरोड में खुलेगी खजूर इंडस्ट्री, हुआ एमओयू

आबूरोड में खजूर इंडस्ट्री भी खुलेगी। राजस्थान सरकार ने आबूरोड में खजूर से शराब बनाने की इंडस्ट्री स्थापित करने के लिए पंजाब की एक कंपनी के साथ ग्लोबल एग्रो मीट में एमओयू किया था, जिसे शीघ्र ही स्थापित किया जाएगा। यह इंडस्ट्री स्थापित होने के बाद किसान खजूर, संतरा, स्ट्राबेरी और अनार को यहां बेच सकेंगे। खजूर के साथ अन्य फलों से भी शराब बनाई जाएगी।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Rani

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×