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रानी में प्रवेश द्वार का विवाद हुआ तो दानदाता पीछे हटे, कराड़ी में भामाशाह ने धर्मशाला के लिए दी लाखों की जमीन

नगर में सौदर्यीकरण के लिए 3 मार्च को प्रथम प्रवेश द्वार के भूमि पूजन के अवसर पर वाद-विवाद होने के कारण अब चार दिन बाद...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 10, 2018, 06:40 AM IST

नगर में सौदर्यीकरण के लिए 3 मार्च को प्रथम प्रवेश द्वार के भूमि पूजन के अवसर पर वाद-विवाद होने के कारण अब चार दिन बाद दानदाताओं ने प्रवेश द्वार बनाने में असहमति प्रकट कर दी है। वहीं पार्षदों ने पालिका अध्यक्ष पर मनमानी का आरोप लगाया है। ज्ञात रहे कि 3 मार्च को प्रतिपक्ष नेता सहित पार्षदों द्वारा विरोध सहित वाद-विवाद करने के बाद नगरपालिका अध्यक्ष पर मनमर्जी से कार्य करने के आरोप के बाद भूमि पूजन समारोह स्थगित किया गया। पूजन नहीं होने के कारण दानदाता परिवार के सुभाष खीमावत द्वारा आपसी समझाइश की गई, लेकिन कोई रास्ता नहीं निकल पाया। इसके बाद शुक्रवार को दानदाता परिवार के सुभाष खीमावत ने कहा कि दानदाता व भामाशाह अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा अपमान होने के बाद नहीं लगा सकता है।

रानी में चारों दिशाओं में गेट बनाने के लिए दानदाताओं को किया था प्रेरित : ज्ञात रहे कि 16 अक्टूबर 2015 को बोर्ड बैठक में चारों दिशाओं के रास्ते पर भामाशाह व दानदाताओं को प्रेरित कर गेट बनाने पर विचार-विमर्श किया गया। दूसरी बैठक 30 नवंबर 2016 को आयोजित की गई। जिसमें गेट बनाने के लिए सात सदस्य समिति का गठन किया गया था। समिति की बैठक 24 मार्च 2017 को आयोजित की गई थी। जिसमें दानदाताओं को प्रेरित करने व स्वीकृतियां प्राप्त करने के लिए नगरपालिका के अध्यक्ष को अधिकृत किया गया। उसके बाद रिपोर्ट समक्ष स्वीकृति व मापदंडों के अनुसार प्रथम प्रवेश द्वार निर्माण की स्वीकृति दी गई।

कराड़ी गांव में दानदाता परिवार ने मंदिर के पास 7 लाख की जमीन धर्मशाला बनाने के लिए दी

पार्षदों ने लगाया था पालिकाध्यक्ष पर मनमानी का आरोप

रानी. 3 मार्च को प्रवेश द्वार के लिए भूमि पूजन किया था। इस दौरान विरोध होने पर इसको स्थगित किया था।

नगरीय विकास में बाधा पहुंची

दानदाताओं द्वारा गेट निर्माण के लिए मना करन से नगरीय विकास में बाधा पहुंची है। गेट निर्माण के लिए सारी प्रक्रिया अपनाने के बाद दानदाताओं से संपर्क कर उन्हें निर्माण के लिए राजी किया था। -घीसुलाल चौधरी, नगर पालिका अध्यक्ष

दानदाताओं का नहीं प्रक्रिया का विरोध

हमने प्रकिया का विरोध किया है। दानदाताओं से कोई विरोध नहीं है। नगरपालिका हित को ध्यान में रखते हुए दानदाताओं से सहयोग लिया जाएगा। -सुनील बैरवा, प्रतिपक्ष नेता

प्रतिपक्ष नेता का कहना है कि हम दानदाताओं का विरोध नहीं कर रहे हैं, प्रकिया का विरोध किया जा रहा है

अपमान के बाद नहीं लगा सकते पैसे

दानदाता व भामाशाह अपनी पैसा अपमान होने के बाद नहीं लगा सकता है। पालिका अध्यक्ष बाद में किसी विकास कार्य के लिए कहेंगे तो कराने की कोशिश करेंगे। -सुभाष खीमावत, दानदाता

मारवाड़ जंक्शन. कराड़ी गांव में जोगमाया मंदिर के पास धर्मशाला के लिए बाफना परिवार द्वारा जमीन देने पर स्वागत करते ग्रामीण।

3 मार्च को हुआ था विवाद

ज्ञात रहे कि 3 मार्च को प्रवेश द्वार बनाने को लेकर प्रतिपक्ष नेता सहित पार्षदों द्वारा विरोध सहित वाद-विवाद करने के बाद नगरपालिका अध्यक्ष पर मनमर्जी से कार्य करने के आरोप के बाद भूमि पूजन समारोह स्थगित किया गया। इसके बाद दानदाता परिवार बिना भूमि पूजन के ही लौट गया था।

रानी में चारों दिशाओं में प्रवेश द्वार बनाने के लिए भामाशाहों को प्रेरित किया था

कराड़ी गांव में दानदाता ने मंदिर के लिए भेंट की जमीन

कराड़ी गांव में मंदिर के पास स्थित जमीन को दानदाता परिवार ने भेंट कर दी। इस पर धर्मशाला का निर्माण किया जाएगा। इस जमीन की कीमत करीब 7 लाख बताई जा रही है।

पालिकाध्यक्ष ने पार्षदों को लिखा पत्र

वहीं पालिका अध्यक्ष ने 11 पार्षदों को पत्र लिखकर बताया कि भामाशाहों द्वारा मना करने के कारण अब नए भामाशाह के माध्यम से गेट बनवाने की मांग की। उन्होंने बताया कि 11 पार्षदों द्वारा गेट निर्माण में प्रयास किए जाते हैं तो पालिका प्रशासन निर्माण में पूरा सहयोग करेगा।

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