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सलमान के खिलाफ यह चौथा व अंतिम केस, दोषी पाए गए तो 6 साल तक सजा

जोधपुर | 20 साल पहले हम साथ-साथ हैं की शूटिंग करने आए सलमान और अन्य फिल्म कलाकारों के खिलाफ कांकाणी हिरण शिकार मामले...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 05, 2018, 06:40 AM IST

जोधपुर | 20 साल पहले हम साथ-साथ हैं की शूटिंग करने आए सलमान और अन्य फिल्म कलाकारों के खिलाफ कांकाणी हिरण शिकार मामले में गुरुवार को फैसला सुनाया जाना है। सलमान, सैफ खान, सोनाली बेंद्रे, तब्बू व नीलम जोधपुर पहुंच गए हैं। इनके खिलाफ मथानिया व घोड़ा फार्म हाउस में हिरण शिकार के दो केस और भी थे, मगर उनमें निचली अदालत ने सलमान को सजा सुनाकर अन्य कलाकारों को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया था। बाद में हाईकोर्ट ने भी सलमान को बरी किया। लिहाजा सलमान को भी बरी कर दिया। मगर यह केस सबसे कठिन है, क्योंकि 1 अक्टूबर 1998 की रात जब इन कलाकारों ने कांकाणी में दो ब्लैकबक का शिकार किया था तो ग्रामीणों ने गोली की आवाज सुनकर उनका पीछा भी किया था। यानी ग्रामीणों ने उन्हें मौके पर देखा और हिरणों के शव भी वन विभाग को सुपुर्द कराए थे। दूसरे दोनों केस में एक मात्र चश्मदीद हरीश दुलानी था, वह भी पक्षद्रोही हो गया था उसने सलमान के अलावा दूसरे कलाकारों को पहचानने से इनकार कर दिया था। दूसरा कमजोर पक्ष यह भी था कि उसमें हिरणों के शव नहीं मिले थे। इस मामले में सलमान गोली चलाने के आरोपी हैं तो अन्य कलाकार उकसाने के आरोपी बनाए गए हैं। इसलिए सभी कलाकारों की इस फैसले से सांसें अटकी हुई हैं। अगर सलमान दोषी साबित होते हैं, तो उन्हें कम से कम एक साल और अधिकतम छह साल की सजा हो सकती है।

अभियोजन के तर्क

डॉ. नेपालिया की रिपोर्ट त्रुटिपूर्ण है।

मेडिकल बोर्ड ने दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों हिरणों की मृत्यु की वजह गन शॉट इंजरी बताई।

मामला बैक डेट में दर्ज करने पर तर्क दिया कि 2 अक्टूबर 1998 को डॉ. नेपालिया को पोस्टमार्टम करने के लिए तहरीर दी गई। उसी दिन डॉ. नेपालिया ने पोस्टमार्टम किया। कार्रवाई दो अक्टूबर को ही शुरू की गई।

2 अक्टूबर को तत्कालीन डीएफओ एमएल सोनल के समक्ष जोधपुर में रिपोर्ट पेश कर वे चले गए थे। सभी आरोपियों को दोषी मान सजा दी जाए।

किस स्थिति में जेल, किस स्थिति में मिलेगी बेल

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साल से ज्यादा सजा होने पर जेल: सलमान सहित अन्य आरोपियों को 3 साल से अधिक सजा होेने पर हर हाल में जेल जाना पड़ेगा। सेशन कोर्ट में अपील दायर कर सजा सस्पेंड करानी पड़ेगी। लेकिन जब तक सेशन कोर्ट से सजा सस्पेंड नहीं होगी, तब तक जेल में रहना पड़ेगा।

… और अगर सभी बरी होते हैं तो राज्य सरकार इस आदेश के विरुद्ध हाईकोर्ट जा सकती है।

साल से कम सजा होने पर बेल: 3 साल तक की सजा सुनाई जाती है तो उन्हें जेल नहीं जाना पड़ेगा। उसी कोर्ट में बेल बॉन्ड भरकर सजा सस्पेंड करा सकेंगे। लेकिन अगले 30 दिन में अपीलेट कोर्ट यानी सेशन कोर्ट से सजा सस्पेंड करानी पड़ेगी।

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बचाव पक्ष के तर्क

दो अक्टूबर को केवल पोस्टमार्टम रिपोर्ट की कार्रवाई हुई। आरोपियों द्वारा शिकार किए जाने की कोई बात ही नहीं थी बल्कि छह दिन बाद शिकार की झूठी कहानी तैयार करके एफआईआर दर्ज की गई।

मृत हिरणों के कुछ अंग विधि विज्ञान प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए थे। प्रयोगशाला ने गन शाॅट इंजरी की पुष्टि नहीं की। अभियोजन पक्ष साबित नहीं कर पाया कि दोनों हिरणों का बंदूक से शिकार हुआ।

सलमान की सूचना पर अथवा उसके अाधिपत्य से ऐसी कोई वस्तु बरामद नहीं हुई, जो उसके अपराध से जोड़ती हो।

2 अक्टूबर को डॉ. नेपालिया ने दोनों हिरणों के शवों का पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट के अनुसार एक हिरण की मृत्यु दम घुटने से हुई तो दूसरे हिरण की मृत्यु गड‌्ढे में गिरने व श्वानों के खाने से हुई।

इधर, प्रशंसक से उलझे सैफ अली खान, कार नहीं चली तो गुस्साए

एयरपोर्ट से बाहर आते ही एक प्रशंसक सैफ की ओर बढ़ने लगा। इससे गुस्साए सैफ उसे धक्का देकर कार में बैठ गए, लेकिन कार का हैंड ब्रेक लगा होने के कारण वह बंद हो गई। ड्राइवर ने कार चलानी चाही लेकिन यह झटका खाकर थम गई। सैफ ने उसे कहा कि एक बार रिवर्स लेकर देखो...। लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इससे झल्लाते हुए वे दूसरी कार में बैठ रवाना हो गए।

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