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भारत-फ्रांस में 14 करार, दोनों एक-दूसरे के नेवल बेस प्रयोग कर सकेंगे

2015 में पीएम मोदी व फ्रांस के मौजूदा राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने पेरिस में इंटरनेशनल सोलर एलायंस (आईएसए) का गठन...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 11, 2018, 06:55 AM IST

2015 में पीएम मोदी व फ्रांस के मौजूदा राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने पेरिस में इंटरनेशनल सोलर एलायंस (आईएसए) का गठन किया था। 2016 में ओलांद ने ही आईएसए के मुख्यालय का गुड़गांव में नींव रखी थी। अब फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों रविवार को राष्ट्रपति भवन में इसके पहले समिट का उद्धाटन करेंगे। इसमें 23 देशों के राष्ट्राध्यक्ष, 10 देशों के मंत्री समेत 121 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।

फ्रांस के राष्ट्रपति ने सोलर एलायंस लॉन्च किया; मुख्यालय की नींव रखी, अब उसके पहले समिट का आगाज भी करेंगे

मोदी और मैक्रों में रक्षा, आतंकवाद, हिंद महासागर पर चर्चा

14करार यह हैं...

दो सबसे भरोसेमंद दोस्त

यह तस्वीर राष्ट्रपति भवन की है। 3 साल में तीसरी बार फ्रांस के राष्ट्रपति भारत आए हैं। मोदी भी 3 बार फ्रांस जा चुके हैं।

आईएसए कर्क और मकर रेखा के बीच के 121 देशों का समूह

आईएसए कर्क और मकर रेखा के बीच आने वाले देशों का समूह है। इसमें 121 देश शामिल हैं। इन देशों में साल भर धूप रहती है। सभी देश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे। भारत ने मुख्यालय के लिए 5 एकड़ जमीन दी है। आईएसए और वर्ल्ड बैंक ने 2017 में ग्लोबल सोलर एटलस जारी किया था। मिनी सोलर ग्रिड भी बनाई है।

एजुकेशन रेलवे इंडो-फ्रांस रेलवे फोरम लॉजिस्टिक सपोर्ट पर्यावरण अंतरिक्ष मैरीटाइम अवयेरनेस न्यूक्लियर पावर स्मार्ट सिटी सोलर ऊर्जा ड्रग्स तस्करी की रोकथाम माइग्रेशन और मोबिलिटी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करना हाइडोग्राफी और मैरीटाइम कार्टोग्राफी

भारत सोलर ऊर्जा उत्पादन में लक्ष्य से 3 साल आगे चल रहा

भारत अभी सोलर ऊर्जा से हर साल 20 हजार मेगावॉट बिजली पैदा कर रहा है। 2022 तक सोलर ऊर्जा से 100 गीगावॉट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा है। भारत सोलर ऊर्जा से बिजली बनाने के लक्ष्य से तीन साल आगे चल रहा है। 2030 तक 40% को रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल करना है। ये 2027 में ही पूरा होता दिख रहा है।

मोदी- हमारी दोस्ती सदियों पुरानी व जमीन से लेकर अासमान तक है

पीएम मोदी ने कहा कि हमारी रणनीतिक साझेदारी भले 20 साल पुरानी है, पर सभ्यताओं की साझेदारी सदियों पुरानी है। 18वीं सदी से लेकर आज तक पंचतंत्र की कहानियों, महाभारत व रामायण के जरिए फ्रांसीसी विचारकों ने भारत को झांककर देखा है। यदि कोई दो देश कंधे से कंधा मिलाकर चल सकते हैं तो वे भारत और फ्रांस हैं। हमारी दोस्ती जमीन से आसमान तक है। ऐसा कोई विषय नहीं है, जिस पर हम साथ मिलकर काम न कर रहे हों। सरकार कोई भी हो, लेकिन रिश्तों का ग्राफ लगातार ऊंचा उठा है।

मैक्रों- फ्रांस, भारत का भरोसेमंद साझेदार है, ये और मजबूत होगी

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि फ्रांस, भारत का सबसे भरोसेमंद साझेदार और भारत के यूरोप में प्रवेश का मार्ग है। हमारा पहला उद्देश्य रक्षा, अनुसंधान एवं विज्ञान, विशेष रूप से युवा, उच्च शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में भारत और फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी का नया युग शुरू करना है। हम आपसी साझेदारी को अौर मजबूत करेंगे। आतंकवाद को लेकर हमारे सामने कई चुनौतियां और साझा जोखिम हैं। इस क्षेत्र में हम मिलकर काम करेंगे और उसे मात देंगे।

ये लेंगे हिस्सा

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के साथ श्रीलंका, बांग्लादेश के राष्ट्रपति समिट में रहेंगे। साउथ अमेरिकन, पैसेफिक देशों के नेता व वर्ल्ड बैंक, ब्रिक्स बैंक, एडीबी, यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक के हेड हिस्सा लेंगे।

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