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रोपसी में 1.26 करोड़ रुपए का गबन, जांच रिपोर्ट भेजी, तीन माह बाद भी नहीं पहुंची जिला परिषद

Rani News - रानीवाड़ा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत रोपसी में मनरेगा कार्यों में रपट निर्माण, वेतारी नाड़ी खुदाई, पिचिंग...

Dainik Bhaskar

Apr 06, 2018, 06:55 AM IST
रोपसी में 1.26 करोड़ रुपए का गबन, जांच रिपोर्ट भेजी, तीन माह बाद भी नहीं पहुंची जिला परिषद
रानीवाड़ा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत रोपसी में मनरेगा कार्यों में रपट निर्माण, वेतारी नाड़ी खुदाई, पिचिंग कार्य, पौधरोपण के नाम भुगतान उठाने व मस्टररोल में फर्जी नाम चलाकर किए गए लाखों रुपए के गबन में तीन माह बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जांच रिपोर्ट ठंडे बस्ते में डाल देने से इस मामले को दबाया जा रहा। इधर, जिला परिषद के कार्यकारी अधिकारी जांच रिपोर्ट नहीं मिलने की बात कहकर इस मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं। गौरतलब है कि 20 व 21 जनवरी को भास्कर ने रोपसी गांव में चार दिन पहले बनी रपट, बोर्ड पर लिखा 23 अप्रैल 2017 को कार्य पूर्ण व मृत व्यक्ति को कागजों में बना दिया मजदूर डिलेवरी के दिन भी महिला को बताया काम पर शीर्षक से ग्राम पंचायत रोपसी में हुए गबन के समाचार सिलसिले वार प्रकाशित किए थे इसके पश्चात रानीवाड़ा के तत्कालीन विकास अधिकारी प्रकाशसिंह शेखावत ने टीम का गठन कर 15 दिन में जांच के आदेश दिए थे। मगर तीन माह बाद भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

विभिन्न कार्यों में लाखों रुपए का हुआ गबन

रोपसी ग्राम पंचायत में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना के तहत 2016-17 में रपट निर्माण के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना के तहत रोपसी गांव से रेतलाई नाड़ी तक 49.92 लाख रुपए व सरकारी कुएं से ट्यूबवैल तक 49.84 लाख रुपए एक ही कार्य के लिए अलग-अलग स्वीकृत हुए थे। सरपंच, ग्राम सेवक व महानरेगा के अधिकारियों की मिलीभगत के चलते इस कार्य को पूर्ण करने से पहले ही फर्जी बिल पेशकर ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया। गांव के ही किसी व्यक्ति की ओर से इसकी शिकायत राजस्थान संपर्क पोर्टल पर करने के बाद ठेकेदार ने आनन-फानन में घटिया सामग्री का उपयोग कर दिसंबर माह शुरू कर 14-15 जनवरी 2018 में पूर्ण किया गया है, जबकि मौके पर कुछ दिनों पूर्व लगाया गया बोर्ड यह साबित कर रहा था कि कार्य 24 जनवरी 2017 को स्वीकृत हुआ और 23 अप्रैल 2017 को ही पूर्ण हो गया था। इतना ही नहीं दूसरा बजट जो सरकारी कुएं से ट्यूबवैल तक जिसकी स्वीकृति 49.92 लाख रुपए थी लेकिन इस कार्य का कहीं अता-पता ही नहीं चल पाया। इसी तरह मनरेगा के तहत ग्राम पंचायत रोपसी में बाढ़ बचाव व पिचिंग कार्य के लिए 30.16 लाख रुपए स्वीकृत हुए थे। जिसमें आधा बजट महज कागजों में कार्य पूर्ण बताकर उठा लिया गया।

जांच रिपोर्ट भेज दी थी


जांच रिपोर्ट नहीं मिली


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