Hindi News »Rajasthan »Rani» 30 साल पुराने कॉटेज वार्ड की जगह सर्जिकल समेत ईएनटी की नई ओपीडी शुरू, मेडिसिन-एनसीडी पुरानी ओपीडी में

30 साल पुराने कॉटेज वार्ड की जगह सर्जिकल समेत ईएनटी की नई ओपीडी शुरू, मेडिसिन-एनसीडी पुरानी ओपीडी में

पाली. बांगड़ अस्पताल में आठ सीसीटीवी कैमरे का मोबाइल में डिस्प्ले देखते प्रिंसिपल दिलीपसिंह चौहान। इधर,...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 06, 2018, 06:55 AM IST

30 साल पुराने कॉटेज वार्ड की जगह सर्जिकल समेत ईएनटी की नई ओपीडी शुरू, मेडिसिन-एनसीडी पुरानी ओपीडी में
पाली. बांगड़ अस्पताल में आठ सीसीटीवी कैमरे का मोबाइल में डिस्प्ले देखते प्रिंसिपल दिलीपसिंह चौहान।

इधर, सुरक्षा के लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने लगाए 8 सीसीटीवी कैमरे, मोबाइल से भी होगी मॉनिटरिंग

इधर, वार्डों की सुरक्षा व सामान की निगरानी के लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की ओर से 8 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। यह कैमरे नए वार्ड, ट्रोमा वार्ड, नहर रोड और जेल वार्ड जहां पर स्टोर बनाया हुआ है, वहां 60 हजार की लागत से यह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। इतना ही नहीं इनकी मॉनिटरिंग मोबाइल से लेकर आईपेड पर से हो सकेगी। इसके चलते काॅलेज प्रबंधन 24 घंटे कहीं से भी इस पर नजर रख सकेगा। गौरतलब है कि गत महीने अस्पताल में 5 से 6 लाख का सामान चोरी हो गया था। इसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने इसे गंभीरता से लेते हुए यहां सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए है।

पुराने कॉटेज वार्ड में ओपीडी समेत माइनर ओटी, अब यह रहेगी व्यवस्था पुराने कॉटेज वार्ड की जगह अलग-अलग बीमारियों की अलग से ओपीडी बनाई गई है। इसमें सर्जिकल, नेत्र रोग व नाक, कान व गला समेत माइनर ओटी व प्लास्टर रूम रहेगा। इन बीमारियों के लिए पर्ची ट्रोमा वार्ड से मिलेगी। पुरानी ओपीडी में मेडिसिन, मनोरोग विशेषज्ञ, एनसीडी क्लिनिक और स्किन की ओपीडी रहेगी, इनके लिए मरीजों को पुरानी ओपीडी में ही पर्ची मिलेगी।

ट्रोमा से लेकर एमसीएच सेंटर की अलग-अलग ओपीडी, बनेंगे नए वार्ड अब बांगड़ अस्पताल में ट्रोमा से लेकर एमसीएच सेंटर तक अलग-अलग ओपीडी की व्यवस्था हो गई है। जहां ट्रोमा और इमरजेंसी के साथ हड्डी रोग की ओपीडी अलग है, वहीं अब सर्जिकल, ईएनटी व नेत्र रोग के अलावा मेडिसिन समेत अन्य बीमारियों की ओपीडी। वहीं पहले से एमसीएच सेंटर अलग से संचालित हो रहा है। वहीं अस्पताल में ईएनटी व नेत्र रोग समेत अन्य बीमारियों के भी नए वार्ड बनेंगे।

एमसीआई की गाइडलाइन के अनुसार ही हर बीमारी के लिए अलग-अलग ओपीडी बनाई गई है। यह संभावना है कि अब इसी महीने एमसीआई की टीम कभी भी निरीक्षण के लिए आ सकती है। इसके अतिरिक्त यहां की सुरक्षा व निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए है। -डॉ. दिलीप चौहान, प्रिंसिपल, मेडिकल कॉलेज, पाली

मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शामिल होगा नया टीबी विभाग और वार्ड, पुरानी बिल्डिंग की जगह नए वार्ड इन नए वार्ड के साथ ही मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जल्द ही नया टीबी विभाग शामिल करने की कवायद की जा रही है। इसके लिए वार्ड भी ट्रोमा वार्ड के पास बने नए वार्डों में होगा। वहीं पुरानी बिल्डिंग की जगह अस्पताल के विस्तार के लिए नए वार्ड बनाए जाएंगे।

इस माह आ सकती है टीम, दावा चुरु में निरीक्षण, अब पाली में इधर, एमसीआई का दोबारा निरीक्षण इसी महीने हो सकता है। कॉलेज प्रबंधन की माने तो चुरु में एमसीआई का निरीक्षण हो चुका है और अब पाली में एमसीआई का निरीक्षण होने की संभावना है। इसी को लेकर अस्पताल प्रबंधन ने अपने स्तर पर तैयारियां भी पूरी कर दी है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Rani News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: 30 साल पुराने कॉटेज वार्ड की जगह सर्जिकल समेत ईएनटी की नई ओपीडी शुरू, मेडिसिन-एनसीडी पुरानी ओपीडी में
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Rani

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×