• Hindi News
  • Rajasthan
  • Rani
  • 4 बड़े शहर, 11 ट्रेनें, फिर भी कन्फर्म नहीं होता हमारा रेल टिकट
--Advertisement--

4 बड़े शहर, 11 ट्रेनें, फिर भी कन्फर्म नहीं होता हमारा रेल टिकट

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:55 PM IST

Rani News - पाली रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव में बरती जा रही उपेक्षा से शहरवासी काफी व्यथित है। जिला मुख्यालय का रेलवे...

4 बड़े शहर, 11 ट्रेनें, फिर भी कन्फर्म नहीं होता हमारा रेल टिकट
पाली रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव में बरती जा रही उपेक्षा से शहरवासी काफी व्यथित है। जिला मुख्यालय का रेलवे स्टेशन होने के बावजूद उधमपुर-जोधपुर व भगत की कोठी-बांद्रा तो यहां रुकती ही नहीं। औसतन 5 से 6 हजार यात्रियों की दैनिक आवाजाही वाले इस स्टेशन पर एक्सप्रेस गाडिय़ां भी मात्र दो मिनट के लिए ठहरती हैं। ऐसे में यात्रियों का ट्रेन के आगे पीछे दौड़ लगाना व पार्सल लगेज लोडिंग की समस्या आम है।

निकलती ताे है रुकती नहीं

लूणी और मारवाड़ जंक्शन के बीच स्थित उत्तर पश्चिम रेलवे के सबसे बड़े स्टेशन पर ग्यारह एक्सप्रेस रोजाना आती जाती है। 31 एक्सप्रेस ट्रेन सप्ताह के विभिन्न दिनों में व्यवस्था अनुसार आती-जाती है। इनमें मुंबई, हिसार, जैसलमेर, बीकानेर, कोच्चिवली, यशवंतपुर, बैंगलुरू, काठगोदाम, चेन्नई, नांदेड, सिकंदराबाद, जम्मूतवी व वलसाड जैसे लंबे रूट की ट्रेन भी शामिल हैं।

छह घंटे खाली रहता है रेलवे ट्रैक

औसतन 20 मालगाडियां प्रतिदिन इस प्लेटफार्म से निकलती हैं। फिर भी सुबह 10.30 से दोपहर 4 बजे तक यह ट्रैक खाली रहता है। इस रूट पर मारवाड़ जंक्शन-जोधपुर डेमो ट्रेन चलाकर यात्रियों को राहत दी जा सकती है। रोडवेज के पाली-जोधपुर यात्रा के लिए 80 से 85 रुपए भाड़े के मुकाबले मात्र 20-25 रुपए में इस यात्रा की सुविधा से शहरवासियों को बड़ी राहत मिल सकती है।

मुंबई के लिए सिर्फ पांच ट्रेन

गुजरात-महाराष्ट्र की तरफ भी सुविधाएं कम

औद्योगिक व्यापारिक नगरी होने से गुजरात-महाराष्ट्र रूट पर यहां के उद्यमी अधिक सफर करते हैं। मुंबई के लिए मात्र पांच ट्रेन की सुविधा भी आवश्यकता के अनुपात में कम है। इसलिए जोधपुर-बांद्रा के बीच रही है। इस ट्रेन का यहां ठहराव सुनिश्चित करने की जरूरत है।

एक महीने पहले टिकट लेने के बाद भी सीट कंफर्म नहीं

रेल यात्रियों की ऐसी परेशानी है कि एक महीने पहले टिकट लेने के बावजूद प्रमुख शहरों के लिए सीट तक नहीं मिलती। इन चार प्रमुख शहरों में 29 ट्रेनें हैं। 6077 बर्थ फिर भी सीट के लिए भारी मारामारी रहती है। रेल बजट से पहले भास्कर ने पड़ताल की तो सामने आया कि पाली से बड़े शहर के लिए कई ट्रेनें तो गुजर रही है, लेकिन जब भी रिजर्वेशन की बारी आती है तो टिकट वेटिंग का ही मिलता है। खासकर मुंबई, अहमदाबाद, बैंगलुरू, चेन्नई, दिल्ली व जयपुर जैसे शहर की यात्रा का एक माह पहले प्लान करने पर भी वेटिंग का ही टिकट मिलता है। यही कारण है कि यात्री हर समय सीट की उपलब्धता को लेकर उधेड़बुन में लगा रहता है। इसमें दिल्ली की तरफ जाने वाली रानीखेत ट्रेन की तो अलग ही परेशानी है। इसमें अगर सीधे ही आप यात्रा के लिए बैठेंगे तो उसमें सीट मिल जाएगी, मगर टिकट बुक करवाकर निर्धारित तिथि को यात्रा करनी हो तो उसमें लंबी वेटिंग ही आएगी।

पाली होकर चलाई जा सकती है मालानी एक्सप्रेस

इसी तरह पाली - दिल्ली की कनेक्टिविटी को प्रभावी बनाने के लिए रानीखेत एक्सप्रेस द्वारा लिए जा रहे समय व्यय के बारे में रि-शिड्यूलिंग की जरूरत है। यथासंभव बाड़मेर से दिल्ली चल रही मालानी एक्सप्रेस को लूणी जंक्शन से मोड़कर पाली ट्रैक से निकाला जा सकता है।

नियमित ट्रेनों की कमी भी बड़ी परेशानी

दिल्ली





अहमदाबाद






बैंगलुरू






मुंबई






X
4 बड़े शहर, 11 ट्रेनें, फिर भी कन्फर्म नहीं होता हमारा रेल टिकट
Astrology

Recommended

Click to listen..