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इस बार सरकारी स्कूलों में 68 लाख किताबें कम बंटेंगी

राज्य में नि:शुल्क किताब वितरण योजना के तहत स्कूलों में वितरित होने वाली किताबों में नए सत्र में करीब 68 लाख की कमी...

Bhaskar News Network| Last Modified - Apr 11, 2018, 05:05 AM IST

इस बार सरकारी स्कूलों में 68 लाख किताबें कम बंटेंगी
इस बार सरकारी स्कूलों में 68 लाख किताबें कम बंटेंगी
राज्य में नि:शुल्क किताब वितरण योजना के तहत स्कूलों में वितरित होने वाली किताबों में नए सत्र में करीब 68 लाख की कमी आएगी। नामांकन बढ़ने के बावजूद इस कमी की वजह पिछले सत्र में पाठ्यक्रम बदलना रहा है। शिक्षा सत्र (2017-18) में राज्य पाठ्य-पुस्तक मंडल के जरिये 3.77 करोड़ रु. किताबों का वितरण हुआ था। नए शिक्षा सत्र (2018-19) के लिए करीब 50% किताबें पाठ्य-पुस्तक मंडल डिपो पहुंच चुकी हैं।

सरकारी स्कूलों में किताबें का नि:शुल्क वितरण राज्य पाठ्य-पुस्तक मंडल की ओर से प्रकाशित किताबों के माध्यम से होता है। इस बार शिक्षा निदेशालय से आई डिमांड के अनुसार पिछले सत्र की तुलना में कक्षा 1-8 और कक्षा 9-12 तक के दोनों वर्गों में पिछली बार की तुलना में कमी आई है। इस बार दोनों सेक्शन में मिलाकर पाठ्य-पुस्तक मंडल को 3 करोड़ 9 लाख 15 हजार 865 किताबों का ऑर्डर मिला है। शिक्षा विभाग के अफसरों के मुताबिक कक्षा पांच तक की 100% किताबों के नए ऑर्डर होते हैं जबकि शेष कक्षाओं के लिए 50 फीसदी की डिमांड को आधार माना जाता है। इन कक्षाओं की पुरानी आधी किताबें दुबारा स्कूलों में जमा होती हैं। शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ ही नई छपी किताबें स्कूलों में पहुंचना शुरू हो जाएंगी।

नामांकन पर उठे सवाल

राजस्थान पंचायतीराज कर्मचारी संघ के प्रदेश प्रवक्ता नारायण सिंह का कहना है कि किताबों के आॅर्डर में इस बार की भारी कमी से यह भी संदेह पैदा होता है कि कहीं विभाग के बड़ी संख्या में नामांकन वृद्धि के दावे कमजोर तो नहीं हैं।

कार्ट-अटैक

शिक्षा सत्र 2017-18 में किताबों का निशुल्क वितरण

कक्षा 1-8 : 2 करोड़ 7 लाख 17,341

कक्षा 9-12 : 1 करोड़ 70 लाख 12,627

सत्र 2018-19 में किताबों का निशुल्क वितरण आॅर्डर

कक्षा 1-8 : 1 करोड़ 92 लाख 18,875

कक्षा 9-12 : 1 करोड़ 16 लाख 96,960

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