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क्या राजनीति में भी होता है कास्टिंग काउच?

Dainik Bhaskar

Apr 29, 2018, 05:45 AM IST
क्या राजनीति में भी होता है कास्टिंग काउच?

मुकेश कौशिक/संतोष कुमार|नई दिल्ली

कांग्रेस की नेता रेणुका चौधरी ने हाल ही में कहा कि कास्टिंग काउच से संसद भी अछूती नहीं है, बयान के बाद खूब हंगामा मचा। ऐसे में दैनिक भास्कर ने देश की महिला सांसदों से जानना चाहा कि राजनीति में महिलाओं के साथ होने वाले शोषण की सच्चाई क्या है। इसके लिए लोकसभा और राज्यसभा की कुल 81 महिला सांसदों में से 70 सदस्यों से संपर्क किया गया। 57 महिला सांसदों ने रेणुका की बात का समर्थन नहीं किया यानी कि 80 फीसदी से अधिक। उनका कहना था कि संसद में कास्टिंग काउच की बात सच्चाई से कोसों दूर है। हालांकि आंध्र प्रदेश में टीडीपी सांसद रामालक्ष्मी और वाईएसआर कांग्रेस की गीथा कोतुपल्ली ने ये जरूर माना कि राजनीति में महिलाओं के साथ यौन शोषण होता है। कई सांसदों ने यह भी कहा कि यह रेणुका चौधरी का पब्लिसिटी स्टंट है। बातचीत में तृणमूल समेत कुछ दलों की 13 महिला सांसदों ने टिप्पणी करने से इनकार किया मगर उन्होंने रेणुका की बात का समर्थन नहीं किया। वहीं दूसरी ओर रेणुका ने कहा कि मेरी बात पब्लिसिटी स्टंट है और बाकी सब सीता माई हैं। दूध की धुली हैं। ऐसी पाखंडी सोच रही तो हम सबकी बलि हो जाएगी। रेणुका के बयान के संबंध में पूछने पर टीडीपी की सांसद सीतारामा लक्ष्मी ने कहा कि रेणुका ने जो कहा, वो उनकी राय है। शेष | पेज 2 पर



जहां तक कास्टिंग काउच का सवाल है वो संसद में नहीं होता, लेकिन राजनीति में ऐसा है। वहीं बांकुरा से तृणमूल कांग्रेस की सांसद मुनमुन सेन देव वर्मा कहती हैं कि मैं मानती हूं कि कई क्षेत्रों में कास्टिंग काउच की घटनाएं होती है। लेकिन महिला एमपी के संबंध में ऐसा कभी नहीं सुना।

रेणुका चौधरी से यह पूछने पर कि कभी सैक्सुअल हैरेसमेंट की घटना उनके साथ भी हुई? उन्होंने कहा कि हां, तब मैं कांग्रेस में नहीं थी। इसे लेकर प्रधानमंत्री राजीव गांधी से भी मिली थी। उन्होंने जिद करके पूछा था कि घटना में कौन शामिल है। उन्होंने अपने ताकतवर नेता के खिलाफ एक्शन लिया था जिन्होंने बाद में माफी मांगी। मैं किताब लिख रही हूं। सब बातें उसमें लिखूंगी।

हालांकि संसद में कास्टिंग काउच की घटना के संबंध में पूछने पर उन्होंने गोलमोल जवाब देते हुए कहा कि आधार की क्या बात है। यूपी में कौन मंत्री थे-अमर मणि त्रिपाठी। एक महिला का खून भी कर दिया था। भाजपा के 21-22 विधायकों पर छेड़छाड़-बलात्कार जैसे आरोप हैं। जम्मू-कश्मीर में कौन-सी मजबूरी में भाजपा ने अपने दो मंत्रियों से इस्तीफे लिए। ऐसे में जो मैंने कहा उस पर इतनी हैरानी क्यों है। महिला सांसदों के उनकी बात को पब्लिसिटी स्टंट कहने के संबंध में चौधरी ने कहा कि डेमोक्रेसी है उनकी मर्जी। पब्लिसिटी स्टंट की बात करने वालों की सोच पर तरस आता है। वहीं दूसरी ओर रेणुका चौधरी के बयान पर बरसत से तृणमूल कांग्रेस की सांसद डॉ. ककोली घोष ने कहा कि मुझे लगता है कि उनके बयान को ठीक से समझा नहीं गया। हर जगह यौन शोषण होता है, लेकिन संसद तक पहुंचने वाली महिलाओं के साथ ऐसा नहीं होता। क्योंकि संसद में नैतिकता का स्तर बहुत ऊंचा है। हमने जिन महिला सांसदों से बात की उनमें सोनिया गांधी व मोदी सरकार में शामिल आठ महिला मंत्रियों को शामिल नहीं किया।

(भास्कर टीम: राजीव कुमार, अमित कुमार निरंजन, विजयालक्ष्मी, शरद पाण्डेय, राहुल संपाल)

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