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मौत का बवंडर... 2 घंटे में 20 लोगों की मौत

जयपुर | प्रदेश के चार जिलों में बवंडर ने बुधवार को जमकर तबाही मचाई। इस दौरान हुए हादसों में 20 लोगों की मौत हो गई।...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 03, 2018, 05:55 AM IST

  • मौत का बवंडर... 2 घंटे में 20 लोगों की मौत
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    जयपुर | प्रदेश के चार जिलों में बवंडर ने बुधवार को जमकर तबाही मचाई। इस दौरान हुए हादसों में 20 लोगों की मौत हो गई। भरतपुर में 10, धौलपुर में 6, अलवर में 3 और झुंझुनूं में एक की मौत हुई। शाम करीब 6 बजे आए इस बवंडर की गति 100 किमी प्रति घंटे की रही। इन जिलों में देर रात तक बिजली गुल रही। 100 से अधिक लोग घायल हुए। अलवर में तूफान से कई मकानों के टीनशेड और छतों पर रखी पानी की टंकियां उड़ गई। यहां एक बालिका सहित 3 लोगों की मौत हो गई और 20 लोग घायल हो गए। हजारों पेड़ और बिजली के पोल धराशायी हो गए। कई जगह सड़कों पर और रेलवे ट्रैक पर पेड़ व पोल गिरने से यातायात व्यवस्था ठप रही।

    झुंझुनूं के रवां गांव में अंधड़ से एक निर्माणाधीन मकान की छत गिरने से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। बालिका सहित 5 लोग घायल हो गए। इनको सिंघाना के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। एक घायल को जयपुर रैफर कर दिया गया।

    अलवर में तूफान से पुरानी सब्जी मंडी में पेड़ के नीचे दबने से बरखेड़ा निवासी 27 साल के राकेश जांगिड़ की मौत हो गई। बहरोड़ में एक बालिका की मौत हो गई। अलवर-रामगढ़ रोड पर सुधासागर गोशाला के पास कार पर पेड़ गिरने से हिंडौन निवासी मुकेश (45) की मौत हुई है। उसके तीन साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। एडीएम सिटी महेंद्र मीणा ने बताया कि तूफान से हुए हादसों में करीब 20 लोगों के घायल होने की सूचना है।

    भरतपुर में 10, धौलपुर में 6, अलवर में 3, झुंझुनूं में 1 की मौत

    100 किमी प्रति घंटा तक थी रफ्तार

    निर्माणाधीन मकान गिरे, पेड़ और खंभे उखड़े, बिजली भी गुल

    जेवियर्स के 9वीं के छात्र ने खुदकुशी की

    सुसाइड नोट में लिखा थैंक्स पीटीआई सर

    Needed Justice

    आिखर हुआ क्या?

    आरोप : पीटीआई की प्रताड़ना से परेशान था, इसलिए जान दी

    सेंट जेवियर्स स्कूल की नेवटा ब्रांच में 9वीं कक्षा के छात्र नितांत राज लाटा (14) ने पांच दिन पहले यानी 26 अप्रैल को अपने ही घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बुधवार को खुलासा हुआ कि अजमेर रोड स्थित कृष्णा कॉलोनी में रहने वाले नितांत ने यह कदम अपने पीटीआई की प्रताड़ना के चलते उठाया था। पुलिस को मिले सुसाइड नोट में नितांत ने लिखा है : थैंक्स जियो (पीटीआई) ऑफ माय स्कूल। नोट मिलने के बाद नितांत की मां प्रीति लाटा ने पीटीआई जॉर्ज जियो के खिलाफ सोढ़ाला थाने में मामला दर्ज करवाया है।

    क्यों की आत्महत्या?

    दूसरे बच्चों के सामने अपमानित किया, पैरेंट्स को स्कूल बुलाया

    मां के अनुसार- पीटीआई ने नितांत को दूसरे बच्चों के सामने क्लास से बाहर घूमने पर अपमानित किया। एक बार नहीं...दो बार 19 अप्रैल और 25 अप्रैल...को ऐसा ही हुआ। हमें भी स्कूल में बुलाया गया था। 26 अप्रैल को हम स्कूल जाने वाले थे...उसी दिन तड़के चार बजे नितांत कमरे में फंदे से लटकता मिला।

    पाली, गुरुवार, 3 मई , 2018

    आत्महत्या सबसे निगेटिव विचार है। हमें दुख है कि हमें यह खबर प्रकाशित करनी पड़ रही है। निराशा का वो क्षण जब बच्चे इस रास्ते पर बढ़ते हैं...तब अभिभावक- स्कूल...दोनों की जिम्मेदारी है कि बच्चों को समझें और उन्हें उस डर से बाहर निकालें।

    नीशू...तुम तो छूना चाहते थे आसमान, हार क्यों गए?

    इकलौती संतान था नितांत (नीशू)

    मदन कलाल|जयपुर. यह स्टडी रूम है नीशू का। बेहद उदास। असीम पीड़ा से भरा हुआ। टेबल पर किताबें हैं। मुस्कुराती तस्वीर भी है। पास ही बल्ला। टंगा हुआ रैकेट। दीवार पर पॉजिटिविटी से भरा पोस्टर है-द फॉर्मूला फॉर सक्सेस। पोस्टर का सूत्र वाक्य है : जीत के लिए लगातार संघर्ष...। लेकिन इतनी पॉजिटिविटी से भरे इसी कमरे के पास नीशू ने आत्महत्या कर ली। यह सोचे बगैर कि सब कुछ कभी खत्म नहीं होता।

    पिता राजकुमार रूंधे गले से बताते हैं : नीशू...मां के साथ पहली बार छुट्टियों में हवाई सफर पर जाने वाला था। हवाई जहाज में बैठना उसका सपना था। नीशू के आसमान छूने के सपने थे। मुंबई के लिए 19 मई की फ्लाइट टिकट बुक थी। नीशू की फरमाइश पर ही हम नई टाटा नेक्सोन लेने वाले थे। बुधवार को ही गाड़ी घर आनी थी। लेकिन अब उनका सबकुछ उजड़ गया है। राजकुमार यह कहते हुए फफक पड़े कि-बेटे को फंदे से उतारने के उस पल को वो ताउम्र नहीं भूल पाएंगे। मां प्रीति बार-बार स्टडी रूम का दरवाजा खोलकर चीख पड़ती है-आ जाओ नीशू। कभी बेटे की किताबों को सीने से लगाती है तो कभी उसके बल्ले को छूने लगती है। तस्वीर को देख बोलती है-मेरा नीशू ऐसे हार नहीं मान सकता। उस रात वह दादा के साथ आईपीएल का पूरा मैच देखकर सोया था। तड़के जब पास ही के कमरे पर नजर गई तो देखा- नीशू फंदा लगाए लटक रहा है। शेष पेज|9

    ऐसा आलराउंडर था नीशू, हार उसे बर्दाश्त नहीं-

    एक्सिस बैंक में मैनेजर पिता राजकुमार कहते हैं-वह आलराउंडर था। हर तरह के खेल में माहिर। संडे को घर की छत मैदान बन जाया करती थी। अब यहां के सूनापन को शायद कोई नहीं भर पाएगा। मां प्रीति फिलहाल एमएड कर रही हैं। वे कहती हैं-उस बेटे को कैसे भूल पाऊंगी जो उनके पैर दबा दिया करता था। मां के लिए ज्यूस तैयार कर तब तक नहीं हिलता जब तक मां उसे पी नहीं लेती। दादा-दादी, पड़दादी को उम्र के इस पड़ाव में भगवान ने न जाने ऐसा दर्द क्यों दिया?

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    बर्दाश्त नहीं कर पाया पीटीआई की प्रताड़ना-

    मां-पिता का आरोप है कि नीशू कई बार स्कूल के पीटीआई की प्रताड़ना को लेकर शिकायत कर चुका था। स्कूल से घर पर उसके क्लास बंक करने को लेकर फोन आया था। ऐसे में वे 26 अप्रैल को स्कूल में जाने वाले थे, लेकिन तड़के ही नीशू ने घर में ही आत्महत्या कर ली। मां का कहना है कि पीटीआई आए दिन नीशू की क्लास में इंसल्ट करता था। ऐसे में वह इसे बर्दाश्त नहीं कर पाया।

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    मेरी हर चीज कविन की है, यहां तक कि प्यार भी....

    नीशू ने अपने सुसाइड नोट में बड़ी ही इमोशनल बातें लिखी हैं। उसने अपने चचेरे छोटे भाई के लिए लिखा है-अब मेरी हर चीज कविन की है, यहां तक कि मुझे मिलने वाला प्यार भी। अगले पेज में लिखा है- नीड जस्टिस। थैंक्स जीयो पीटीआई ऑफ माई स्कूल।

    स्कूल : पीटीआई की भूमिका जांच रहे हैं

    कुल पृष्ठ 20

    नितांत की आत्महत्या की सूचना 26 अप्रैल को ही मिल गई थी। यह पता नहीं था कि आत्महत्या टीचर से परेशान होकर की है। हम जांच कर रहे हैं -फादर जॉन रवि, प्रिंसिपल

    राजस्थान

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    मूल्य Rs. 4.50 | वर्ष 10, अंक 352, महानगर

    ज्येष्ठ (प्रथम), कृष्ण पक्ष- 3, 2075

    पीटीआई : ग्राउंड में घूमने पर टोका था

    38 किमी घंटा की गति से चली आंधी बीकानेर में

    47 डिग्री के साथ बूंदी प्रदेश का सबसे गर्म शहर

    100 लोग घायल हुए प्रदेशभर में

    500 मी. विजिबिलिटी रह गई आंधी के कारण

    नितांत क्लास छोड़कर स्कूल ग्राउंड में घूमता हुआ मिला था। ऐसे में उसे टोका। इस बारे में वाइस प्रिंसिपल को बताया था। परिजनों को स्कूल बुलाया था। -जॉर्ज जियो, पीटीआई

    आंधी ने बीकानेर में 10 और जयपुर में 8 डिग्री पारा गिराया

    बीकानेर में 38 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली। जिससे पारा 45 डिग्री से गिरकर 35 डिग्री पर आ गया। जयपुर में आंधी गति 18 किलोमीटर प्रति घंटा रही। आंधी से दृश्यता 500 मीटर ही रही। जयपुर में पारा 42.7 डिग्री था जो शाम को तेज हवाओं के कारण 8 डिग्री सेल्सियस कम हो गया। दूसरी ओर, बुधवार को बूंदी प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 47 डिग्री दर्ज किया गया। जैसलमेर व कोटा का तापमान भी 45 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा रहा। वहीं पिलानी में 23.7 एमएम बारिश दर्ज की गई।

    तापमान

    राजधानी

    जयपुर

    42.7oC

    27.9oC

    अजमेर 42.7oC

    12 राज्य | 66 संस्करण

    सबसे गर्म शहर

    बूंदी 47oC

    सबसे ठंडा शहर

    केलांग 3.0oC

    दिल्ली 38.3oC

    मुंबई 34.0oC

    बवंडर का यह फोटो बीकानेर का है। समय शाम 6:00 बजे

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