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कान समारोह के इतिहास में ऐसा पहली बार जब प्रतियोगिता खंड में शामिल दो फिल्मकार नजरबंद होने से वहां नहीं आएंगे

फ्रांस के कान फिल्म फेस्टिवल से अजित राय ईरान और रूस ने अपने फिल्मकारों को दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित कान फिल्म...

Dainik Bhaskar

May 15, 2018, 05:55 AM IST
कान समारोह के इतिहास में ऐसा पहली बार जब प्रतियोगिता खंड में शामिल दो फिल्मकार नजरबंद होने से वहां नहीं आएंगे
फ्रांस के कान फिल्म फेस्टिवल से अजित राय

ईरान और रूस ने अपने फिल्मकारों को दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित कान फिल्म समारोह मे जाने से रोक दिया है। दोनों देशों ने ये कदम फ्रांस की अपील ठुकराते हुए उठाया है। प्रसिद्ध ईरानी फिल्मकार जफर पनाही की फिल्म ‘थ्री फेसेज’ और रूसी फिल्मकार किरील सेरेब्रेनिकोव की फिल्म ‘लेटो’ (समर) इस बार कान फिल्म समारोह के प्रतियोगिता खंड में चुनी गई है, लेकिन ये दोनों फिल्मकार अपने-अपने देश में नजरबंद हैं। इस कारण उनका समारोह में शिरकत करना संभव नहीं है। कान फिल्म समारोह के इतिहास मे ऐसा पहली बार होगा जब प्रतियोगिता खंड में शामिल होने के बाद भी नजरबंदी के चलते फेस्टिवल फिल्मकार में नहीं आ सकेंगे। हालांकि कान फिल्म समारोह के निर्देशक थेरी फ्रेमो ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा- फ्रांस की सरकार ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी और रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन से बात कर रही है कि दोनों फिल्मकारों को कान फिल्म समारोह मे भाग लेने की इजाजत दे दी जाए।

ईरान और रूस ने फ्रांस की अपील ठुकराई, अपने फिल्मकारों के फ्रांस के कान जाने पर रोक लगाई

रूस के किरील एक साल से, तो ईरान के पनाही 8 साल से नजरबंद

किरील सेरेब्रेनिकोव पर गबन का आरोप

रूसी फिल्मकार किरील पर आरोप है कि उन्होंने अपनी संस्था सेवंथ स्टूडियो के माध्यम से सरकारी अनुदान में गबन किया है। पिछले साल 23 मई को रूसी अधिकारियों नें उनके दफ्तर पर छापा मारा था। उन पर धोखघड़ी और सरकारी अनुदान में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया था। तभी से वे अपने घर में नजरबंद हैं। माना जाता है कि उन्हें पुतिन सरकार की तीखी आलोचना का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। उनकी रिहाई की मांग को लेकर फिल्म ‘लेटो’ (समर) के कलाकारों ने कान में रेड कारपेट पर तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया।

पनाही पर ईरान में अफवाह फैलाने के आरोप

फिल्मकार जफर पनाही पर ईरानी सरकार के खिलाफ अफवाह फैलाने के आरोप है। इसी कारण उन्हें घर में नजरबंद कर दिया गया है। उन्हें मार्च 2010 में परिवार समेत गिरफ्तार कर लिया गया था। दिसंबर 2010 में उन्हें 6 साल की कैद और 20 साल तक फिल्म न बनाने की सजा सुनाई गई थी। उन पर देश छोड़ने पर रोक लगा दी गई थी। यहां तक कि वे किसी भी मीडिया से बात नहीं कर सकते हैं। 15 अक्टूबर 2011 को कोर्ट ने अपील पर बाकी प्रतिबंध तो हटा दिया,पर नजरबंदी बहाल रखी। ईरान सरकार ने दुनिया भर के फिल्मकारों और सरकारों की अपील के बाद भी पनाही को घर में कैद किया है।

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