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पुलिस की नौकरी छोड़ टीचर बने 47 युवाओं से ट्रेनिंग खर्च की वसूली नहीं

पुलिस की नौकरी छोड़ कर शिक्षक सहित अन्य सरकारी नौकरी में जाने वाले 47 युवाओं से गृह विभाग ट्रेनिंग पर खर्च राशि वसूल...

Dainik Bhaskar

Jun 04, 2018, 05:55 AM IST
पुलिस की नौकरी छोड़ कर शिक्षक सहित अन्य सरकारी नौकरी में जाने वाले 47 युवाओं से गृह विभाग ट्रेनिंग पर खर्च राशि वसूल नहीं करेगा। यदि, राशि वसूल की गई है तो वह लौटा दी जाएगी। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के खिलाफ यह निर्णय दिया था, लेकिन सरकार ने अब इस मामले में आगे अपील नहीं किए जाने का निर्णय किया है। गृह सचिव की अध्यक्षता वाली समिति के निर्णय पर गृह मंत्री की मंजूरी आना बाकी है। प्रकरण की पत्रावली गृह मंत्री को भिजवा दी गई है।

मामला डूंगरपुर जिले के थाणा निवासी भद्रभाऊ साद ने शिक्षा विभाग में सलेक्शन के बाद पुलिस कांस्टेबल की नौकरी छोड़ दी थी। पुलिस की नौकरी छोड़ने वाले ऐसे ही 46 अन्य लोग भी शामिल थे, जो विभिन्न जिलों से संबंधित थे। पुलिस ने इन सभी से ट्रेनिंग के दौरान खर्च की गई राशि एवं वेतन-भत्तों की वसूली निकाल दी। भद्रभाऊ सहित सभी लोगों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और कोर्ट ने युवाओं के पक्ष में निर्णय दिया। गृह विभाग यह केस हार गया। इसमें गृह सचिव, डीजीपी, जयपुर पुलिस कमिश्नर, डीसीपी हैड क्वार्टर जयपुर को पार्टी बनाया गया था। इसमें डूंगरपुर, भीलवाड़ा, कोटा ग्रामीण, सीकर, टोंक, उदयपुर, पाली, चूरू, दौसा, जालोर, बूंदी, जयपुर, नागौर एवं करौली एसपी और हाड़ी रानी, नवीं, 12 वीं एवं 13 वीं आरएसी बटालियन के कमांडेंट और एसडीआरएफ के कमांडेंट को कोर्ट में पार्टी बनाया गया था। क्योंकि, 47 युवा इन्हीं जिला पुलिस एवं बटालियनों में नौकरी कर रहे थे।

गृह विभाग का मानना है कि पुलिस की नौकरी छोड़ कर यह सभी लोग दूसरी सरकारी नौकरी में गए हैं। प्राइवेट जोब में नहीं गए।

गृह सचिव की अध्यक्षता वाली समिति का निर्णय, गृह मंत्री की मंजूरी मिलना बाकी

सर्कुलर में करना होगा बदलाव

राज्य सरकार के इस निर्णय के बाद डीजीपी की ओर से 30 दिसंबर, 2008 को जारी सर्कुलर में भी संशोधन करना होगा। क्योंकि, इसमें कोई भी पुलिस की नौकरी छोड़ कर जाएगा तो उससे ट्रेनिंग खर्च के साथ वेतन-भत्तों की वसूली की जाएगी। ट्रेनिंग खर्च 110 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से वसूल होगा। यानी 3300 रुपए प्रतिमाह। ट्रेनिंग दो साल की होती है। गृह विभाग का कहना है कि गृह मंत्री तक मामला जाएगा और इसके बाद ही इसमें कोई बदलाव के निर्देश जारी किए जा सकेंगे।

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