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मप्र का पटना तमोली गांव, देश में आखिरी सती यहीं हुई थी; अब 5 साल में 31 महिलाओं का पुनर्विवाह करा धो रहे कलंक

मध्यप्रदेश के पन्ना जिले का पटना तमोली गांव 16 साल पहले अगस्त 2002 में सुर्खियों में आया था। गांव में एक महिला को सती...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 04, 2018, 05:55 AM IST

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    मध्यप्रदेश के पन्ना जिले का पटना तमोली गांव 16 साल पहले अगस्त 2002 में सुर्खियों में आया था। गांव में एक महिला को सती किया गया था। 65 साल की महिला कट्टूबाई को उसके पति मल्लू नाई की चिता पर जिंदा जला दिया गया था। ये देश का अंतिम सती कांड था। ये घटना गांव के लिए एक कलंक बन गई। इसके बाद तमोली के ही लोगों ने अपने गांव की ये नकारात्मक छवि बदलने की ठानी। इन 16 साल में गांव ने अद्भुत साहस दिखाया। अब पटना तमोली की पहचान ऐसे गांव के तौर पर है, जो 5 साल में 31 महिलाओं के पुनर्विवाह करा चुका है। ये ऐसी महिलाएं हैं, जिनके पति का निधन हो गया या उनके पति उन्हें छोड़ गए। महिलाओं के पुनर्विवाह के लिए गांव मिलकर पहल करता है।

    गांव की सोच बदलने का श्रेय समाजसेवी अशोक शर्मा को जाता है। अशोक ने महिलाओं की ये मुहिम महिलाओं की ही मदद से जारी रखी है। असर ये हुआ कि अब गांव में अगर किसी के पति की मौत हो जाए तो गांव के लोग विधवा का दोबारा घर बसाने के लिए मिलकर कोशिश करते हैं। लड़का खोजते हैं, आपस में ही चंदा जुटाते हैं और पूरे रीति-रिवाजों के साथ महिला का दोबारा विवाह कराते हैं। बीते 13 मई को ही गांव में एक महिला का पुनर्विवाह कराया गया है। 25 साल की पिंकी नामदेव के पति की मौत हो गई थी। गांव वालों ने मिलकर उसका दोबारा घर बसवा दिया।

    तमोली के लोगों ने 16 साल पहले बनी गांव की छवि बदलने की ठानी और कर दिखाया...

    मई में ही यहां एक पुनर्विवाह कराया गया है। ये तस्वीर विवाह की रस्मों के दौरान की है। इनसेट में 2002 की तस्वीर।

    गांव में 10 समूह काम करते हैं; ये महिला के परिवार से संपर्क करते हैं और पुनर्विवाह के लिए प्रेरित करते हैं

    अशोक शर्मा किसान हैं, पर समाजसेवा में सक्रिय रहते हैं। अशोक ने बताया- ‘पिछड़ा इलाका होने के कारण यहां महिलाओं से मिलना और बात करना मुश्किल होता है। हम सरकारी योजनाओं के तहत गठित स्वयं सहायता समूह की मदद से महिलाओं से संपर्क करते हैं। गांव में ऐसे 10 समूह हैं। जैसे ही कोई ऐसी महिला नजर में आती है, जिसके पति की मौत हो गई हो या पति छोड़ गया हो तो समूह की महिलाएं उनके परिवार से संपर्क कर महिला का दोबारा विवाह करवाने के लिए प्रेरित करती हैं। लड़के की तलाश में भी सहयोग करते हैं। दोनों पक्षों में सहमति बनने पर महिला का विवाह कराया जाता है।’

    जिनके पति का देहांत हुआ या छोड़ गए, उनकी दूसरी शादी कराते हैं

    ...पर 16 साल पुरानी टीस आज भी गांव के दिल में है; कोई उस बारे में बात तक नहीं करना चाहता

    करीब 4 हजार आबादी वाले तमोली के दिल से देश के आखिरी सती कांड वाला गांव होने की टीस गई नहीं है। जिस रोज कट्टूबाई को सती होना था, उस दिन गाजे-बाजे के साथ गांव में सवारी निकली थी। सड़क पर उतरकर लोग कट्टूबाई को पति की चिता में झोंक देने के लिए उकसा रहे थे। आखिर वो सती हो गईं। तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पूरे गांव पर कार्रवाई की। 2 साल तक गांव को कोई सरकारी मदद नहीं मिली। 17 आरोपियों पर सती निवारण अधिनियम के तहत केस चला। 4 दोषियों को उम्रकैद दी गई। आज भी गांव वालों से उस दिन का जिक्र करो तो वो बात से कन्नी काट जाते हैं।

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Web Title: मप्र का पटना तमोली गांव, देश में आखिरी सती यहीं हुई थी; अब 5 साल में 31 महिलाओं का पुनर्विवाह करा धो रहे कलंक
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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