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अब आइडिया बनेगा वोडाफोन आइडिया, 15,000 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य

देश के दूरसंचार क्षेत्र में इस माह एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। आइडिया और वोडाफोन के विलय पर इस माह के अंत तक मुहर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 03, 2018, 05:55 AM IST

अब आइडिया बनेगा वोडाफोन आइडिया, 15,000 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य
देश के दूरसंचार क्षेत्र में इस माह एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। आइडिया और वोडाफोन के विलय पर इस माह के अंत तक मुहर लगने के साथ ही एक नई कंपनी सामने आने वाली है। दोनों कंपनियों की विलय प्रक्रिया जारी है। इसी क्रम में आइडिया सेल्युलर के बोर्ड ने 26 जून को एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (ईजीएम) बुलाई है जिसमें आइडिया सेल्युलर लिमिटेड का नाम बदलकर वोडाफोन आइडिया लिमिटेड किए जाने को मंजूरी दी जाएगी। इसके अलावा ईजीएम में बोर्ड की उस योजना पर भी विचार किया जाएगा जिसमें नॉन-कन्वर्टिबल सिक्युरिटीज के जरिए 15,000 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। इसका इस्तेमाल कर्ज के भुगतान और बैलेंस शीट को मजबूत करने में किया जाएगा ताकि रिलायंस जियो और भारतीय एयरटेल जैसे प्रतिद्वंद्वियों का मुकाबला किया जा सके।

विशेषज्ञों के अनुसार विलय के बाद कंपनी का नया नाम बहुत ही अच्छा है क्योंकि वोडाफोन शहरी क्षेत्रों में मजबूत है तो आइडिया सेल्युलर ग्रामीण क्षेत्रों में। इस लिहाज से नया नाम ऐसा होना चाहिए जिसे ग्राहक आसानी से याद कर सकें। ब्रैंड कंसल्टेंट हरीश बिजूर ने कहा कि नए नाम में दोनों ही कंपनियों के नाम समाहित हैं और यह दोनों ही पक्षों के अच्छा है। उन्होंने कहा कि नई पहचान में भी पुरानी पहचान समाहित है, कुछ भी खोया नहीं है। आइडिया सेल्युलर नॉन-कन्वर्टिबल सिक्युरिटीज के जरिए 15,000 करोड़ रुपए जुटाने की योजना पर काम कर रही है। कंपनी पिछले कुछ महीनों से फंड जुटा रही है और विश्लेषकों के मुताबिक विलय के बाद बनने वाली नई कंपनी को और ज्यादा फंड लगाना जारी रखना होगा। मार्च के आखिर में दोनों कंपनियों पर संयुक्त कर्ज 1,14000 करोड़ रुपए से ज्यादा का था। आइडिया पहले ही इस साल अपने प्रमोटर्स और शेयरों के प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिये 6,750 करोड़ रुपए जुटा चुकी है, जबकि वोडाफोन 7,390 करोड़ रुपए लगा रही है। इसके अलावा, दोनों ही कंपनियों ने अपने टावरों को अमेरिकन टावर कॉर्पोरेशन को 7,850 करोड़ रुपए में बेच दिया है।

नए सीईओ का है राजस्थान से जुड़ाव

विलय के बाद अस्तित्व में आने वाली बालेश शर्मा नई कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की भूमिका निभाएंगे। शर्मा का राजस्थान से जुड़ाव रहा है। उन्होंने अजमेर के मेयाे कॉलेज और जयपुर के राजस्थान विवि से पढ़ाई भी की है। विश्लेषकों का मानना है कि शर्मा और उनकी टीम के सामने बड़ी चुनौती है क्योंकि दोनों ही कंपनियां रिलायंस जियो और मौजूदा मार्केट लीडर एयरटेल से 4जी और वोल्टी सेवाओं के विस्तार के मामले में पिछड़ी हुई हैं।

बनेगी देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी

विलय के बाद यह देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बन जाएगी जिसके पास करीब 42 प्रतिशत कस्टमर मार्केट शेयर और 37 प्रतिशत रेवेन्यू मार्केट शेयर होगा। विलय के बाद नई कंपनी कंपनी को वोडाफोन आइडिया लिमिटेड के नाम से जाना जाएगा। टेलीकॉम कंपनियों के संगठन सेल्युलर ऑपरेटर एसोसिएशन ऑफ इंडि‍या (सीओएआई) के अप्रैल के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में वोडाफोन के सब्सक्राइबर्स की संख्या लगभग 22.20 करोड़ हैं। वहीं आइडिया के सब्सक्राइबर्स की संख्या 21.67 करोड़ है। यानी इसके कुल 43.87 करोड़ ग्राहक हो जाएंगे। अभी 30.86 करोड़ सब्सक्राइबर्स के साथ भारती एयरटेल देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है।

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