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गुजरात : इस लकी वाटर बाऊल को बनाने में लगीं 35 लाख के पुराने नोटों की कतरनें

अहमदाबाद | नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइनिंग (एनआईडी) के प्रोफेसर प्रवीणसिंह सोलंकी ने नोटबंदी के बाद अनुपयोगी 1000 और...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 05, 2018, 06:00 AM IST

गुजरात : इस लकी वाटर बाऊल को बनाने में लगीं 35 लाख के पुराने नोटों की कतरनें
अहमदाबाद | नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइनिंग (एनआईडी) के प्रोफेसर प्रवीणसिंह सोलंकी ने नोटबंदी के बाद अनुपयोगी 1000 और 500 रुपए के नोटों को फिर एक बार यादगार बना दिया है। एनआईडी ने देश में नोटबंदी के बाद पुरानी नोटों की कतरनें मंगवाईं और स्टूडेंट्स के साथ मिलकर 35 प्रोडक्ट तैयार किए। ‘क्रिएटिव यूज’ की थीम पर इन पुरानी नोट की कतरनों से बनाए गए प्रोडक्ट के लिए राष्ट्रीय स्तर की एक स्पर्धा और प्रदर्शनी भी आयोजित की गई। रविवार को इस प्रदर्शनी में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पहुंची तो उन्हें प्रोफेसर सोलंकी द्वारा बनाया गया ‘लकी वाटर बाऊल’ काफी पसंद आया। इसकी डिजाइन के बारे में प्रोफेसर सोलंकी ने बताया कि यह 35 लाख के पुराने नोटों की कतरनों से बनाया गया है। यह एक तरह की लक्ष्मी पूजा है। जब हम इस लक्की वाटर बाऊल में पानी और फूल रखते हैं तो अप्रत्यक्ष रूप से लक्ष्मी की पूजा ही करते हैं। इसलिए इसका नाम लकी वाटर बाऊल रखा है।

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