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फिजिकल एजुकेशन में अब एक भी शिक्षक नहीं विभागाध्यक्ष भी कॉमर्स के प्रोफेसर को लगाया

प्रदेश के सबसे बड़े राजस्थान विश्वविद्यालय में शिक्षकों की कमी इस कदर हो गई है कि अब कुछ डिपार्टमेंट में तो उस विषय...

Dainik Bhaskar

May 09, 2018, 06:10 AM IST
प्रदेश के सबसे बड़े राजस्थान विश्वविद्यालय में शिक्षकों की कमी इस कदर हो गई है कि अब कुछ डिपार्टमेंट में तो उस विषय के शिक्षक ही नहीं बचे हैं। फिजिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट भी उनमें से एक है। इस विभाग में कार्यरत एकमात्र प्रोफेसर के हाल ही रिटायर होने के बाद अब राजस्थान विश्वविद्यालय में फिजिकल एजुकेशन का एक भी टीचर नहीं बचा है।

विश्वविद्यालय प्रशासन भी इस विभाग को गंभीरता से नहीं ले रहा और फिजिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट की जिम्मेदारी भी कॉमर्स संकाय के एक एसोसिएट प्रोफेसर को थमा दी। हैरानी की बात तो यह है कि इस समय विश्वविद्यालय में शिक्षकों की भर्ती चल रही है, लेकिन फिजिकल एजुकेशन विभाग के लिए एक भी शिक्षक की भर्ती नहीं की जा रही। यूं तो विवि के इस विभाग में शिक्षकों के 12 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 11 पद पहले से ही खाली चल रहे थे। फिजिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट में कार्यरत एकमात्र प्रो. एमएस चुंडावत पिछले महीने 30 अप्रैल को रिटायर हो गए। उनके रिटायर होते ही विवि में फिजिकल एजुकेशन देने वाला कोई शिक्षक नहीं बचा यानी यह विभाग शिक्षक विहीन हो गया। इस हालात से निपटने के लिए विवि प्रशासन ने कॉमर्स कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल अभय उपाध्याय को अस्थायी रूप से फिजिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट के विभागाध्यक्ष के पद का चार्ज थमा दिया। राजस्थान विवि में वर्तमान में फिजिकल एजुकेशन में एमफिल, पीएचडी, बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन (बीपीएड) और मास्टर्स ऑफ फिजिकल एजुकेशन (एमपीएड) करने वाले करीब 200 विद्यार्थी पढाई कर रहे हैं। सवाल यही है कि अब इन्हें पढ़ाएगा कौन?

बिग इश्यू

राजस्थान विश्वविद्यालय में अजीब हालात : फिजिकल एजुकेशन विभाग में कार्यरत एकमात्र प्रोफेसर भी रिटायर... फिर भी शैक्षणिक पदों पर भर्ती नहीं

जरूरत टीचिंग स्टाफ की, भर्ती निकाल दी नॉन-टीचिंग के लिए

विवि में इस साल फिजिकल एजुकेशन के लिए असिस्टेंट डायरेक्टर के 8 पदों पर भर्ती निकाली थी। लेकिन इसको नॉन-टीचिंग में शामिल कर लिया। जबकि विवि को टीचिंग स्टाफ के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर भर्ती निकालनी थी। विवि में अंतिम बार 2012 में 5 पदों पर असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर भर्ती निकाली गई थी। जिसको बाद में रद्द कर दिया गया था।

सरकार चाहे तो शिक्षा विभाग से कर सकती है डेपुटेशन

राज्य सरकार चाहे तो फिजिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट में शिक्षा विभाग से किसी ऐसे व्यक्ति को डेपुटेशन पर स्थायी रूप से राजस्थान विवि में लगा सकती है जो इस पद पर लगने की योग्यता रखता है। राजस्थान शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ के जिला सचिव और वरिष्ठ अध्यापक डॉ. मोहनलाल चौधरी का कहना है कि शिक्षा विभाग में ऐसे 200 शिक्षक हैं, जो विवि के फिजिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट के हैड बनने की योग्यताएं रखते हैं। विवि प्रशासन को सोचना चाहिए कि कॉमर्स संकाय के व्यक्ति को यहां लगाने से विद्यार्थियों का भला नहीं होने वाला।

फिजिकल एजुकेशन के विभागाध्यक्ष के पद का चार्ज ए.उपाध्याय को दिया है। उनको स्थायी रूप से नहीं लगाया है। फिजिकल एजुकेशन के लिए भर्ती चल रही है। जरूरत पड़ी तो टीचिंग स्टाफ के लिए विवि और भी भर्ती निकाल सकता है। - परशुराम धानका, रजिस्ट्रार, राजस्थान विश्वविद्यालय

किसी अन्य संकाय के शिक्षक को लगाना फिजिकल एजुकेशन में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के साथ धोखा है। हम इसकी शिकायत मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षामंत्री से करेंगे। साथ ही मांग करेंगे कि विवि के पास कोई योग्य शिक्षक नहीं है तो शिक्षा विभाग से विवि की योग्यताओं को पूरी करने वाले शिक्षक को अस्थायी रूप से लगाया जाए। - यतीशचंद्र शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष, राजस्थान शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ

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