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भाजपा कार्यालय बनाने संस्थाओं के लिए रिजर्व जमीन का लैंडयूज बदला, फिर भी 10 माह में राशि जमा नहीं

पांच मौखा पुलिया के निकट नगर परिषद द्वारा भाजपा कार्यालय के लिए आवंटित जमीन। अभी तक पड़ा है मलबा। डेढ़ करोड़ रुपए...

Dainik Bhaskar

May 20, 2018, 06:10 AM IST
भाजपा कार्यालय बनाने संस्थाओं के लिए रिजर्व जमीन का लैंडयूज बदला, फिर भी 10 माह में राशि जमा नहीं
पांच मौखा पुलिया के निकट नगर परिषद द्वारा भाजपा कार्यालय के लिए आवंटित जमीन। अभी तक पड़ा है मलबा।

डेढ़ करोड़ रुपए जमा कराने हैं आवंटित जमीन के बदले

भास्कर संवाददाता | पाली

देश-प्रदेश से लेकर जिले के गांव-शहर तक में भाजपा का शासन होने के बाद भी जिला मुख्यालय पर संगठन का कार्यालय कार्यकर्ताओं के लिए अभी तक सपना बना हुआ है। नगरपरिषद ने पांच मोखा पुलिया के समीप मास्टर प्लान में संस्थाओं व मुख्य सड़क के लिए आरक्षित होने के बाद भी इस जमीन में से 2 हजार वर्ग मीटर भाजपा कार्यालय को आवंटित की है। मगर स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा पदाधिकारी 1.54 करोड़ रुपए की राशि 10 माह बाद भी जमा नहीं करवा पाए हैं। चौंकाने वाली बात यह कि यह राशि स्थानीय स्तर पर नहीं जुटानी। यह पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय से मिलनी है। सूत्रों की मानें तो संगठन रुपए जमा करवाने को तैयार है लेकिन नगर परिषद बोर्ड अब तक जमीन से मलबा नहीं हटवा पाया। जिला भाजपा ने 3 माह पहले नगर परिषद को पत्र लिखकर मलबा हटाने को कहा था।

पार्टी की ओर से 6 मई 2016 को नगरपरिषद में इस जमीन आवंटन के लिए 5 हजार रुपए का ड्राफ्ट जमा कराया था। 31 मई 2016 को मौका-रिपोर्ट बनाई गई। जमीन में मास्टर प्लान 2023 के बिंदुओं के आड़े आने पर परिषद ने जोधपुर के वरिष्ठ नगर नियोजक से राय मांगी गई थी। इसमें मास्टर प्लान का हवाला देते हुए राज्य सरकार से 28 जून 2016 को ही तत्कालीन आयुक्त जनार्दन शर्मा ने भू-परिवर्तन कराने के लिए लिखा गया था। बाद में 15 मई 2017 को आपत्तियां मांगी गई। कई लोगों ने अपनी तरफ से आपत्तियां भी दर्ज कराई थी। साथ ही राजस्थान हाईकोर्ट की तरफ से मास्टर प्लान को लेकर दिए गए निर्णयों के बारे में भी अवगत कराया था। इसके बाद भी 20 जुलाई 2017 को नगरपरिषद ने भू-परिवर्तन होने के बाद भाजपा को कार्यालय बनाने के लिए उक्त जमीन में से 2 हजार वर्ग मीटर जमीन आवंटन करने का निर्णय लेते हुए आबंटन राशि जमा कराने का पत्र जारी कर दिया।

डेढ़ करोड़ की जमीन, सवा करोड़ का दफ्तर बनाने का प्रस्ताव : पाली में जमीन के डेढ़ करोड़ रुपए पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व देगा। वहीं इस पर करीब सवा करोड़ की लागत से ऑफिस बनाने का प्रस्ताव है। इस राशि में स्थानीय सहयोग लिया जा सकता है लेकिन इसका बड़ा हिस्सा भी संगठन की ओर से मिलेगा।

पिछले माह 6 अप्रैल को 37 साल की हुई भाजपा का पाली में ऑफिस नहीं, राष्ट्रीय नेतृत्व ने हर जिले में पार्टी कार्यालय बनाने के लिए बजट देने की घोषणा की, 10 माह पहले मिली जमीन, लेकिन स्थानीय नेताओं की लापरवाही के कारण अब तक विवाद

राज्य में पार्टी की सत्ता का 16वां साल : प्रदेश में 1990 में पहली बार भैरोंसिंह शेखावत के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी। हालांकि इससे पहले 1977 से 1980 तक भी वे मुख्यमंत्री रहे लेकिन तब जनता पार्टी थी। वर्ष 1990 से 98 तक भाजपा सरकार रही। इस बीच एक साल 92 से 93 के बीच राष्ट्रपति शासन रहा। इसके बाद 2003-08 व 2013 से अब तक पार्टी सत्ता में है।

आज तक जरूरी है भाजपा के लिए राशि जमा कराना

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व नेता प्रतिपक्ष भंवर राव का कहना है कि जमीन आवंटन की प्रक्रिया 20 जुलाई 2017 को हो गई थी। नगरपरिषद ने 30 दिन में 1 करोड़ 54 लाख 65 हजार 402 रुपए जमा कराने का नोटिस जारी किया था। दूसरा नोटिस भी अगस्त 2017 में जारी हुआ। नियमों में यह है कि अगर कोई संस्था नोटिस जारी होने के 10 माह तक राशि जमा नहीं कराती है तो आवंटन निरस्त किया जाए। यह मियाद 20 मई 2018 को पूरी हो रही है।

डेढ़ करोड़ रुपए जमा कराने हैं आवंटित जमीन के बदले

भास्कर संवाददाता | पाली

देश-प्रदेश से लेकर जिले के गांव-शहर तक में भाजपा का शासन होने के बाद भी जिला मुख्यालय पर संगठन का कार्यालय कार्यकर्ताओं के लिए अभी तक सपना बना हुआ है। नगरपरिषद ने पांच मोखा पुलिया के समीप मास्टर प्लान में संस्थाओं व मुख्य सड़क के लिए आरक्षित होने के बाद भी इस जमीन में से 2 हजार वर्ग मीटर भाजपा कार्यालय को आवंटित की है। मगर स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा पदाधिकारी 1.54 करोड़ रुपए की राशि 10 माह बाद भी जमा नहीं करवा पाए हैं। चौंकाने वाली बात यह कि यह राशि स्थानीय स्तर पर नहीं जुटानी। यह पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय से मिलनी है। सूत्रों की मानें तो संगठन रुपए जमा करवाने को तैयार है लेकिन नगर परिषद बोर्ड अब तक जमीन से मलबा नहीं हटवा पाया। जिला भाजपा ने 3 माह पहले नगर परिषद को पत्र लिखकर मलबा हटाने को कहा था।

पार्टी की ओर से 6 मई 2016 को नगरपरिषद में इस जमीन आवंटन के लिए 5 हजार रुपए का ड्राफ्ट जमा कराया था। 31 मई 2016 को मौका-रिपोर्ट बनाई गई। जमीन में मास्टर प्लान 2023 के बिंदुओं के आड़े आने पर परिषद ने जोधपुर के वरिष्ठ नगर नियोजक से राय मांगी गई थी। इसमें मास्टर प्लान का हवाला देते हुए राज्य सरकार से 28 जून 2016 को ही तत्कालीन आयुक्त जनार्दन शर्मा ने भू-परिवर्तन कराने के लिए लिखा गया था। बाद में 15 मई 2017 को आपत्तियां मांगी गई। कई लोगों ने अपनी तरफ से आपत्तियां भी दर्ज कराई थी। साथ ही राजस्थान हाईकोर्ट की तरफ से मास्टर प्लान को लेकर दिए गए निर्णयों के बारे में भी अवगत कराया था। इसके बाद भी 20 जुलाई 2017 को नगरपरिषद ने भू-परिवर्तन होने के बाद भाजपा को कार्यालय बनाने के लिए उक्त जमीन में से 2 हजार वर्ग मीटर जमीन आवंटन करने का निर्णय लेते हुए आबंटन राशि जमा कराने का पत्र जारी कर दिया।

डेढ़ करोड़ की जमीन, सवा करोड़ का दफ्तर बनाने का प्रस्ताव : पाली में जमीन के डेढ़ करोड़ रुपए पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व देगा। वहीं इस पर करीब सवा करोड़ की लागत से ऑफिस बनाने का प्रस्ताव है। इस राशि में स्थानीय सहयोग लिया जा सकता है लेकिन इसका बड़ा हिस्सा भी संगठन की ओर से मिलेगा।

नगर परिषद में भी भाजपा का बोर्ड, तीन माह पहले पार्टी ने रखी शर्त- जमीन पर पड़ा मलबा हटाओ तो राशि जमा कराएं, अब तक सुनवाई नहीं
और जमीन से जुड़े दो विवाद भी दरकिनार

पाली से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, केंद्रीय मंत्री, राज्य में 3 मंत्री, सभी 6 विधायक, 10 प्रधान व 9 निकाय चेयरमैन, डेढ़ करोड़ रुपए भी पार्टी का राष्ट्रीय कार्यालय देगा, फिर भी... अब तक न जमीन मिली, न ही ऑफिस बना

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