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राष्ट्रपति ने सिर्फ 11 को अवाॅर्ड दिए, विरोध में 70 ने किया बहिष्कार

दिल्ली में गुरुवार को 65वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार वितरण समारोह का करीब 70 विजेताओं ने बहिष्कार किया। राष्ट्रीय...

Danik Bhaskar | May 04, 2018, 06:15 AM IST
दिल्ली में गुरुवार को 65वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार वितरण समारोह का करीब 70 विजेताओं ने बहिष्कार किया। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के 64 साल के इतिहास में पहली बार ऐसी घटना हुई है। सभी 125 विजेताओं को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों पुरस्कार नहीं दिलवाने के विरोध में उन्होंने यह कदम उठाया। शैड्यूल में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मौजूदगी सिर्फ एक घंटे की थी। उन्होंने सिर्फ 11 लाेगों को पुरस्कार दिया। बाकी को राष्ट्रपति के आने से पहले ही सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी और उनके जूनियर मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने पुरस्कार प्रदान किए। अभी तक की परंपरा के अनुसार राष्ट्रपति ही सभी विजेताओं को पुरस्कार देते आए हैं। शेष | पेज 9



राष्ट्रपति ने कहा- पिक्चर अभी बाकी है...

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने फिल्मों को शिक्षा एवं मनोरंजन का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए कहा कि भारतीय फिल्मों ने राष्ट्र की एकता, अनेकता और विविधता को चित्रित करने के साथ-साथ देश की संस्कृति को पूरे विश्व में फैलाया है। सिनेमा के योगदान और भविष्य पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पिक्चर अभी बाकी है।

श्रीदेवी की तरफ से उनकी बेटियों जाह्नवी, खुशी और पति बोनी कपूर ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार ग्रहण किया।

सफाई : कोई कार्यक्रम हो, कोविंद एक घंटा ही रुकते हैं

राष्ट्रपति के प्रेस सचिव अशोक मलिक ने कहा कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद कार्यभार संभालने के बाद से ऐसे कार्यक्रमों के लिए एक घंटे का वक्त ही दे रहे हैं। गणतंत्र दिवस या कोई बेहद महत्वपूर्ण बैठक अपवाद हैं। आयोजकों को पहले बता दिया गया था कि राष्ट्रपति इस कार्यक्रम में एक घंटा ही उपलब्ध रहेंगे।

70 लोगों ने पत्र लिखा- अपमानित महसूस कर रहे

राष्ट्रपति के हाथों सिर्फ 11 लोगों को पुरस्कार दिलवाने के विरोध में 70 विजेताओं ने सरकार और राष्ट्रपति को पत्र लिखकर विरोध जताया। उन्होंने कहा, परंपरा है कि सभी पुरस्कार राष्ट्रपति ही देते हैं। हम अपमानित महसूस कर रहे हैं। ऐसे में हमारे पास समाराेह में नहीं जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। पत्र में लिखा है कि वह समारोह का बहिष्कार नहीं कर रहे हैं, लेकिन गैर-हाजिर रहकर असहमति दर्ज करवाएंगे।