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मिलिट्री एरिया में द्रव्यवती के लिए जेडीए हर साल देगा Rs. 1.34 लाख

शहर के मिलिट्री एरिया की जमीन में द्रव्यवती रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट बनाने के एवज में जेडीए सेना को हर साल 1 लाख 34 हजार...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 04, 2018, 06:15 AM IST

मिलिट्री एरिया में द्रव्यवती के लिए जेडीए हर साल देगा Rs. 1.34 लाख
शहर के मिलिट्री एरिया की जमीन में द्रव्यवती रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट बनाने के एवज में जेडीए सेना को हर साल 1 लाख 34 हजार रु. किराया (लीज राशि) देगा। सेना यह किराया एक रुपए प्रति वर्ग मीटर की रेट से वसूलेगी। जेडीए पहली बार किसी प्रोजेक्ट की जमीन का सरकारी विभाग को किराया देगा। आर्मी एरिया में जमीन होने से जेडीए को यह समझौता करना पड़ा। इस क्षेत्र में पेड़ काटने व काम की निगरानी भी सेना के अफसर ही करेंगे। जेडीए प्रोजेक्ट व मिलिट्री एरिया की जमीन के बीच तारबंदी भी करेगा। मिलिट्री एरिया से गुजर रही द्रव्यवती नदी पर भी करीब 3.5 किमी लंबाई में रिवर फ्रंट बनेगा। यहां पर रिवर फ्रंट 150 फीट चौड़ा होगा। सेना व रक्षा मंत्रालय ने जनवरी 2018 में जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) को प्रोजेक्ट बनाने की मंजूरी दे दी थी। इस सैन्य क्षेत्र में पार्क या कॉमर्शियल गतिविधि नहीं होगी। हालांकि पानीपेच पर जलदाय विभाग के पुराने पंप हाउस पर म्यूजियम व पार्क बनाने का रास्ता भी साफ हो गया है।





वहीं आर्मी एरिया की तरफ 8 फीट ऊंचाई की दीवार बनाई जाएगी। इस क्षेत्र में लगने वाले सीसीटीवी कैमरा की मॉनिटरिंग भी सेना ही करेगी।

साढ़े तीन किलोमीटर में सब कुछ आर्मी की मर्जी से होगा

मिलिट्री एरिया के पेड़ों ने अटकाया प्रोजेक्ट का काम

मिलिट्री एरिया से गुजर रही द्रव्यवती नदी में करीब 500 बड़े पेड़ लगे हुए है। रिवर फ्रंट के लिए करीब 250 पेड़ काटने पड़ेंगे। यह पेड़ सेना अपने स्तर पर ही कटवाएगी। इसके लिए टेंडर होंगे। पेड़ नहीं काटे जाने के कारण प्रोजेक्ट का काम अटका हुआ है। हालांकि सेना के अफसरों ने जेडीए को शीघ्र काम करने का आश्वासन दिया है।

द्रव्यवती नदी प्रोजेक्ट

द्रव्यवती नदी (अमानीशाह नाला) का सौन्दर्यीकरण कर रहे हैं। गुजरात के साबरमती नदी की तर्ज पर पर्यटन स्थल के रुप में विकसित करना।

नाहरगढ़ पहाड़ी जैसल्या (किशनबाग) से ढूंढ नदी (गोनेर रोड)

सेना व जेडीए के अनुबंध के आधार पर हर साल 1.34 लाख रु. की राशि देनी होगी। जमीन सेना की है। -वैभव गालरिया, जेडीए कमिश्नर

47.5 Km लंबाई

1470 करोड़ रु. प्रोजेक्ट लागत

अप्रैल 2016 शुरू

अगस्त 2018 में काम पूरा करना है

68% कार्य प्रगति

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