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स्टीफन हॉकिंग की लिखी आखिरी थ्योरी सामने आई; ब्रह्मांड पर

स्टीफन हॉकिंग की लिखी आखिरी थ्योरी सामने आई; ब्रह्मांड पर दी अपनी ही पुरानी थ्योरी को हॉकिंग ने गलत साबित किया ...

Danik Bhaskar | May 04, 2018, 06:15 AM IST
स्टीफन हॉकिंग की लिखी आखिरी थ्योरी सामने आई; ब्रह्मांड पर दी अपनी ही पुरानी थ्योरी को हॉकिंग ने गलत साबित किया


एजेंसी | कैलिफोर्निया

वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग की लिखी आखिरी थ्योरी को गुरुवार को सार्वजनिक किया गया। इसमें हॉकिंग ने ब्रह्मांड के संबंध में लिखी अपनी ही पुरानी थ्यौरी को गलत साबित किया है। ब्रह्मांड के संबंध में हॉकिंग ने इसमें लिखा है कि- ‘अंतरिक्ष में कोई ऐसी जगह भी हो सकती है, जहां हमारी धरती जैसे ग्रह हों। जहां आज भी डायनासोर मौजूद हों और जहां प्राचीन मानव अब भी शिकार कर रहे हों। ऐसे खगोलीय पिंड भी हो सकते हैं जो हमारे ग्रह से बिल्कुल अलग हों। जिनके पास तारे, सूर्य या गैलेक्सी न हों, लेकिन वहां भी भौतिकी के ठीक ऐसे ही नियम हों जैसे हमारी धरती पर हैं।’ इस थ्यौरी में हॉकिंग ने ये भी बताया कि- ‘बिग बैंग से पहले क्या था, ये कोई नहीं बता सकता। जो भी ऐसा बताने का दावा करता है, वो झूठ बोल रहा है। मैंने भी पहले ऐसा कुछ दावा किया था, जो अब मेरे ही नए अध्ययन में गलत साबित हुआ है।’ हॉकिंग का 14 मार्च को निधन हो गया था। उन्होंने मौत से हफ्ते भर पहले ही ये आखिरी थ्यौरी फाइनल की थी। अब इस थ्यौरी को जर्नल ऑफ हाई एनर्जी फिजिक्स में प्रकाशित किया गया है।

हॉकिंग की पुरानी कई थ्योरी से ये संदेह पैदा हुआ था कि बिग-बैंग के बाद एक नहीं, बल्कि अनंत ब्रह्मांड का निर्माण संभव हुआ होगा। हॉकिंग ने नई थ्योरी में इसे सुलझाने की कोशिश की है। इसके मुताबिक- “ब्रह्मांड की संख्या अनंत नहीं हो सकती। हां ये जरूर संभव है कि कुछ ब्रह्मांड ऐसे होंगे, जिनके ग्रह धरती से बिल्कुल अलग होंगे। वहां सूर्य या तारे नहीं होंगे, लेकिन भौतिकी के नियम हमारे जैसे ही होंगे। अनंत ब्रह्मांड का मतलब है कि अनंत प्रकार के भौतिकी नियम, जो कि संभव नहीं है।’ हॉकिंग ने बेल्जियम के प्रोफेसर थॉमस हर्टोग के साथ मिलकर ये शोध किया।

हॉकिंग ने पहले कहा था कि- ब्रह्मांड अनंत है। नई थ्यौरी में कहा- ब्रह्मांड का और छोर भी होता है

हमेशा के लिए नहीं होते भौतिकी के नियम

प्रोफेसर हर्टोग का कहना है कि- “हम अपनी लैब में भौतिकी के जिन नियमों का परीक्षण करते हैं, वो हमेशा के लिए नहीं होते हैं। बिग-बैंग के बाद ब्रह्मांड का विस्तार हुआ और धरती ठंडी हुई।। भौतिकी के जो नियम विकसित हुए वो बहुत हद तक बिग बैंग के समय रही भौतिक स्थितियों पर निर्भर करते हैं। जैसे-जैसे परिस्थितियां बदलीं, नियम बदले और नए नतीजे निकले।’