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एनपीए के कारण एसबीआई को मार्च तिमाही में 7,718 करोड़ रुपए का घाटा

देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई को जनवरी से मार्च 2018 के दौरान 7,718 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। यह देश के बैंकिंग इतिहास का...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 23, 2018, 06:20 AM IST

एनपीए के कारण एसबीआई को मार्च तिमाही में 7,718 करोड़ रुपए का घाटा
देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई को जनवरी से मार्च 2018 के दौरान 7,718 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। यह देश के बैंकिंग इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा तिमाही घाटा है। सबसे अधिक घाटा पंजाब नेशनल बैंक का 13,417 करोड़ रुपए का है, जो नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के घोटाले के कारण हुआ था।

एसबीआई के नुकसान की मुख्य वजह एनपीए का बढ़ना है। मार्च तिमाही में बैंक ने एनपीए के बदले 24,080 करोड़ रुपए की प्रॉविजनिंग की। यह मार्च 2017 के 10,993 करोड़ से 119% अधिक है। घरेलू बाजार में कर्ज 4.8% बढ़ा है। ऑटो लोन 15% और होम लोन 13% बढ़ा, जबकि कंपनियों के कर्ज में सिर्फ 1.8% बढ़ोतरी हुई है। बांड निवेश में नुकसान और वेतनवृद्धि के लिए ज्यादा प्रॉविजनिंग के कारण भी घाटे में बढ़ोतरी हुई है। सालाना आधार पर देखें तो एनपीए और मार्क-टू-मार्केट (निवेश) लॉस के कारण बैंक को 2017-18 में 6,547 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। ये आंकड़े स्टैंडअलोन आधार पर हैं। ऑपरेटिंग प्रॉफिट और नेट इंटरेस्ट इनकम में भी गिरावट आई है। नेट इंटरेस्ट इनकम 21,065 करोड़ से 5.18% घटकर 19,974 करोड़ रह गई है।

एसबीआई को लगातार दूसरी तिमाही में घाटा हुआ है

कर्मचारियों पर खर्च में 48 फीसदी वृद्धि

मार्च तिमाही में कर्मचारियों पर 9,254 करोड़ रुपए का खर्च आया, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह रकम 6,242 करोड़ रुपए था। यानी इसमें 48% वृद्धि हुई है।

एसबीआई के शेयर 6 फीसदी तक चढ़े

बैंक के शेयर मंगलवार को 6% तक बढ़ गए। दिन के अंत में बीएसई में 3.69% बढ़त के साथ 254.15 रुपए पर बंद हुए। मार्केट कैप में 8,077 करोड़ रु. की बढ़ोतरी हुई है। घाटे के बावजूद शेयर बढ़ने की वजह यह है कि बैंक ने बांड में निवेश से हुए मार्क-टू-मार्केट लॉस की पूरी प्रॉविजनिंग कर दी है। हालांकि रिजर्व बैंक ने इसे चार तिमाही में बांटने की छूट दी थी। दो तिमाही में बैंक को 6,000 करोड़ रुपए का मार्क-टू-मार्केट लॉस हुआ है।

दो तिमाही में 10,134 करोड़ का नुकसान

तिमाही इनकम प्रॉफिट

जनवरी-मार्च 2017 57,720 2,815

सितंबर-दिसंबर 2017 62,887 (-)2,416

जनवरी-मार्च 2018 68,436 (-)7,718

साल भर में 6,547 करोड़ का घाटा

2016-17
2,10,979 10,484

2017-18 2,59,664 (-)6,547

ग्रॉस एनपीए 10.9% तक पहुंचा

तिमाही एनपीए रकम कर्ज का हिस्सा

जनवरी-मार्च 2017 1,12,343 6.90%

सितंबर-दिसंबर 2017 1,99,141 10.35%

जनवरी-मार्च 2018 2,23,427 10.91%

नेट एनपीए 5.73% हुआ

तिमाही एनपीए की रकम कुल कर्ज का हिस्सा

जनवरी-मार्च 2017 58,277 3.71%

सितंबर-दिसंबर 2017 1,02,370 5.61%

जनवरी-मार्च 2018 1,10,855 5.73%

2018-19 में 25,802 करोड़ के लोन निगरानी में

पावर 10,575

रोड 4,390

आयरन-स्टील 3,454

टेक्सटाइल 2,662

अन्य 4,721

(आंकड़े करोड़ रु. में, यह बैंक के कुल कर्ज का 1.26% है)

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