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बांगड़ की लैब में बड़ा बदलाव, अब सीबीसी, ब्लड शुगर, मलेरिया-डेंगू की जांच के लिए अलग-अलग विभाग होंगे

Danik Bhaskar | Apr 07, 2018, 06:25 AM IST

निशुल्क जांच में मरीजों को कितने रुपए का फायदा मिल रहा

जयदीप पुरोहित | पाली

बांगड़ अस्पताल में संचालित करीब 50 साल पुरानी लैब की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव कर अब सभी तरह की बीमारियों की जांचों के लिए अलग-अलग विभाग बना दिए गए हैं। मरीजों की सुविधा के लिए जीरो पेमेंट पर्ची प्रणाली भी शुरू की है, जिसमें कौनसी जांचेंं हो रही है और कितने रुपए लग रहे हैं। उसकी जानकारी भी मिलेगी। इसके लिए लैब को भी पुराने लेबर रूम व गायनिक ओटी में स्थानांतरित कर इसे सेंट्रल लैब के रूप में विकसित किया गया है। जहां सीबीसी, ब्लड शुगर और एचआईवी समेत मलेरिया व डेंगू की जांच के लिए अलग-अलग विभाग के विशेषज्ञ जांच करेंगे। दरअसल, अस्पताल की लैब पूर्व में ब्लड बैंक के साथ संचालित हो रही थी, लेकिन एमसीआई की ओर से पूर्व में हुए निरीक्षण में इसको लेकर भी खामियां बताई गई थी। इसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने इसको ब्लड बैंक से पुराने लेबर रूम व गायनिक ओटी में स्थानांतरित कर दिया है। इसके अलावा लैब की कार्यप्रणाली में भी बड़ा बदलाव किया है। जहां पर पैथोलॉजी-सेंट्रल लैब, माइक्रोबॉयोलाजी व बायोकेमेस्ट्री तीनों अलग-अलग विभाग बनाए गए हैं और इसी के अनुसार मरीजों के अलग- अलग बीमारियों की जांच भी इन्हीं विभाग में होगी।

भास्कर एक्सक्लूसिव

पहले यह थी व्यवस्था

पहले अस्पताल के ब्लड बैंक में ही लैब संचालित हो रही थी। यहां पैथोलॉजी, माइक्रोबॉयोलाजी व बायोकेमेस्ट्री संबंधित तीनों जांचें एक ही जगह होती थी। उपकरण व स्टॉफ भी एक ही जगह पर कार्यरत था।

अब हर बीमारी की जांचें भी अलग-अलग

लेकिन, अब पैथोलॉजी-सेंट्रल लैब, माइक्रोबॉयोलाजी व बायोकेमेस्ट्री तीनों विभागों को अलग-अलग कर दिया है। जहां सीबीसी, ब्लड शुगर और एचआईवी समेत मलेरिया व डेंगू की जांच अलग-अलग विभागों में होगी।

तीनों विभाग के लिए अलग-अलग डॉक्टर, विशेषज्ञ ही करेंगे जांचेंं
पैथाेलॉजी-सेंट्रल लेब, माइक्रोबायोलोजी और बायोकेमेस्ट्री तीनों विभागों को किया अलग-अलग

मरीजों के लिए दो बड़े बदलाव

पहला: जीरो पेमेंट पर्ची


दूसरा: कौनसी जांचेंं हो रही है इसकी जानकारी


नई लैब के लिए स्टॉफ भी बढ़ाया, अब अगले महीने तक आएंगे आधुनिक उपकरण
इस तरह से तीनों विभाग करेंगे जांचें, एक ही सैंपल सेंट्रल लैब से भेजे जाएंगे अलग-अलग विभाग में


यह विभाग यह करेंगे जांचें