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देश के किसी भी राॅक गार्डन से खूबसूरत और जीवंत कलाकृतियों की चट्‌टानें हैं सेंदड़ा में, इन्हें चाहिए संरक्षण

सेंदड़ा/रायपुर मारवाड़ | नेशनल हाईवे पर ब्यावर से पहले दोनों ओर मौजूद अरावली पर्वत श्रंखला की चट्‌टानों को आपने...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 06:30 AM IST
सेंदड़ा/रायपुर मारवाड़ | नेशनल हाईवे पर ब्यावर से पहले दोनों ओर मौजूद अरावली पर्वत श्रंखला की चट्‌टानों को आपने कभी गौर से देखा है ? कभी मौका मिले तो चूकिएगा मत। आप इन्हें एकटक देखेंगे भी और सोचेंगे भी कि ये सब कैसे बनीं। बच्चों के साथ जाएंगे तो और जिज्ञासा बढ़ेगी जब वे इन्हें देखकर किसी को शेर, भालू, गाय, कछुआ, सांप, खरगोश, ऊंट बताएंगे तो किसी को हाथ, पांव, आदमी और औरत जैसी। देश के किसी भी रॉक गार्डन में आपको इससे ज्यादा कुदरती प्रस्तर प्रतिमाएं देखने को शायद ही मिले। भूगर्भ वैज्ञानिकों की मानें तो ये चट्‌टानें डायनोसौर के काल से भी पहले की हैं। कभी यहां प्रचुर मात्रा में पानी रहा हो। पानी, हवा और प्राकृतिक बदलावों के कारण इनमें कटाव आया और इन्होंने विविध रूप ले लिए।

विभिन्न जीवों, कलाकृतियों व संरचनाओं का रूप ले चुकी सेंदड़ा की चट्‌टानें आकर्षित करती हैं लोगों को, लेकिन सरकारी स्तर पर शोध व संरक्षण की अनदेखी

लोगों में जागरूकता लाने का प्रयास कर रहा शिक्षक

कला शिक्षक नवलसिंह चौहान के अनुसार उन्होंंने वर्ष 2016 में दैनिक भास्कर में क्षेत्र की पहाडिय़ों व वनक्षेत्र का फोटो देखा। फोटो से उन्हें आभास हुआ कि क्षेत्र में पहाडिय़ां प्राकृतिक रूप से असीम सुंदरता और रंग लिए हुए हैं। चट्टानों के अलग डिजाइन देखकर उन्हें चित्रकारी करने व आकर्षक रंग देने का विचार आया। इस पर उन्होंने अपने घर के आसपास की पहाडिय़ों पर प्रयास प्रारंभ किए। पिछले दो साल से चौहान इसकी प्रैक्टिस कर रहे हैं। दो साल की मेहनत को प्राकृतिक कैनवास पर उतारने के लिए उन्होंने बीस मई को कला प्रदर्शनी आयोजित करने की घोषणा की है।