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3500 हजार टन धातु की थ्रीडी से बनेगी पहली सॉलिड मूर्ति

घर-घर से धातु एकत्र करने के लिए जयपुर पहुंचा रथ सोशल रिपोर्टर. जयपुर। विश्व में पहली शनिग्रहारिष्ट निवारक 35 हजार...

Dainik Bhaskar

May 12, 2018, 06:30 AM IST
घर-घर से धातु एकत्र करने के लिए जयपुर पहुंचा रथ

सोशल रिपोर्टर. जयपुर। विश्व में पहली शनिग्रहारिष्ट निवारक 35 हजार टन वजनी अष्टधातु की मुनिसुव्रत स्वामी की मूर्ति का अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी से निर्माण किया जाएगा। यह पहली बार थ्रीडी से किसी सॉलिड मूर्ति का निर्माण होगा। मूर्ति के लिए घर-घर से अष्टधातु सोना, चांदी, तांबा, पीतल, जस्ता, एल्यूमीनियम, टीन और जिंक एकत्र किया जा रहा।

श्रद्धालुओं से धातु एकत्र करने के लिए रथ के साथ टीम गुरुवार को जयपुर पहुंची। कोई भी व्यक्ति घर में रखी कोई नई या पुरानी धातु मूर्ति के लिए दे सकता है। टीम के साथ आए ब्रह्म. प्रतिष्ठाचार्य धर्मशास्त्री ने बताया कि अब तक सबसे ज्यादा 2000 टन धातु राज्य के मेवाड़ व बांगड़ क्षेत्र के सभी धर्मों के श्रद्धालुओं से प्राप्त हुआ है। भगवान मुनिसुव्रत स्वामी की इस मूर्ति का निर्माण अष्टापद तीर्थ मंदिर दिल्ली-जयपुर हाईवे, बिलासपुरी चौक गुरु ग्राम में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि धातु संग्रहण रथ का उद्घाटन श्रवणबेलगोला में 32 आचार्यों, 4 उपाध्याय, 8 भट्टारक और 300 से ज्यादा त्यागी वृंदों के सान्निध्य में किया गया। राजस्थान के संयोजक सुभाषचंद्र जैन ने बताया कि इस अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी से बनने वाली मूर्ति का निर्माण वर्ष 2021 तक संभव हो सकेगा।

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