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नाडोल में पर्यटकों को बढ़ावा देने के लिए जूनाखेड़ा में बनेगा संग्रहालय

देसूरी | जिले के ऐतिहासिक नाडोल में पर्यटकों को बढ़ावा देने व खुदाई में मिले अवशेषों को कस्बे में ही रखने को लेकर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 09, 2018, 06:35 AM IST

देसूरी | जिले के ऐतिहासिक नाडोल में पर्यटकों को बढ़ावा देने व खुदाई में मिले अवशेषों को कस्बे में ही रखने को लेकर सरपंच ने पुरातत्व संग्रहालय विभाग जोधपुर के अधीक्षक को संग्रहालय बनाने के लिए प्रस्ताव रखा है। उन्होंने प्राचीन स्थल जूनाखेड़ा में संग्रहालय के निर्माण के आदेश जारी करने की मांग करते हुए कहा कि संग्रहालय निर्माण को लेकर भामाशाह तैयार है।

नाडोल सरपंच यशोदा वैष्णव ने जूनाखेड़ा में आयोजित प्रदर्शनी के दौरान पुरातत्व संग्रहालय विभाग जोधपुर के अधीक्षक बाबूलाल मौर्य को ग्रामीणों एवं वार्डपंचों की उपस्थिति में पंचायत का प्रस्ताव देकर बताया कि जूनाखेड़ा पर पिछले 2 वर्षों से लगातार उत्खनन अधिकारी डॉ.विनित गोयल की देखरेख में कार्य किया जा रहा है। जिसके कारण नाडोल के इतिहास एवं पुरा महत्व पर विशेष प्रभाव पड़ा है। इस उत्खनन में विभिन्न प्रकार के पुरातात्विक साक्ष्य उजागर हुए हैं, जिसके कारण स्थानीय स्तर पर पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। जबकि नाडोल में स्थित आशापुरा माताजी मंदिर के कारण धार्मिक पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है। इसके अलावा नाडोल में विविध स्थानों पर पुरा संपदा बिखरी हुई है। जबकि इतिहास में नाडोल कस्बे का महत्वपूर्ण स्थान होने के कारण यह इतिहासकारों के लिए पिछले कई वर्षों से शोध का मुख्य केंद्र रहा है। वर्तमान में नाडोल के प्राचीन स्थल जूनाखेड़ा की पिछले दो वर्षों से लगातार विभाग द्वारा खुदाई की जा रही है,जिसमें कई महत्वपूर्ण अवशेष खुदाई में मिले हैं। इन अवशेषों को नाडोल में ही रखा जाए, जिनको देखने के लिए पर्यटक नाडोल आ सके। जबकि पूर्व में हुई खुदाई में मिले अवशेषों को अन्य संग्रहालयों में रखा गया है। नाडोल में संग्रहालय होता तो इन अवशेषों को बाहर नहीं भेजा जाता। ऐसे में पर्यटकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत की बैठक में जूनाखेड़ा में संग्रहालय निर्माण का प्रस्ताव लिया। ग्राम पंचायत द्वारा भवन का निर्माण करवाया जाएगा। इसको लेकर सरपंच ने विभाग के अधीक्षक मौर्य से जूनाखेड़ा में संग्रहालय निर्माण को लेकर आदेश जारी करने की मांग करते प्रस्ताव की प्रति सौंपी गई,जिससे खुदाई में मिले अवशेषों को सुरक्षित और संग्रहालय में रखा जा सके।





जयपुर तथा पाली संग्रहालय में रखे गए हैं अवशेष

जूनाखेड़ा नाडोल की 1991 व 1996 में हुई खुदाई में मिले मुदंड़ टेराकोटा व प्राचीन पाषाण की प्रतिमाएं,ताम्रपत्र,सिक्के एवं मंदिर की अवशेष,मृदभांड से निर्मित सरस्वती प्रतिमा 7 से 8 फीट लंबी,मनुष्य के कंकाल व प्राचीन अवशेषों को जयपुर संग्रहालय तथा बाकी को पाली संग्रहालय में रखा गया है।



नाडोल में यह ऐतिहासिक स्थान

नाडोल कस्बे में कई ऐतिहासिक धरोहर मौजूद है। जिसमें आशापुरा माताजी मंदिर,सोमनाथ मंदिर,नीलंकठ महादेव मंदिर,श्री ऋषिकेश्वर महादेव मंदिर,धुआ बावड़ी,रानी बावड़ी,मलोप तालाब,कमोदनी बावड़ी, भारमल गोमुख सहित अन्य कई धरोहर मौजूद है।

जूनाखेड़ा की खुदाई में लगातार मिल रहे महत्वपूर्ण अवशेष

खोज उत्खनन टीम द्वारा पिछले कई दिनों से नाडोल के जूनाखेड़ा प्राचीन स्थल की लगातार खुदाई की जा रही है। जिसमें विभिन्न प्रकार के अवशेष मिले हैं।

संग्रहालय बनाने को लेकर सरपंच ने अधीक्षक को दिया प्रस्ताव, कहा- पंचायत भवन निर्माण के लिए तैयार

संग्रहालय निर्माण को लेकर अधीक्षक को प्रस्ताव की प्रति देती सरपंच।

भामाशाहों के सहयोग से बनेगा संग्रहालय

जूनाखेड़ा की खुदाई में निकलने वाले अवशेषों को अन्य शहरों में स्थित संग्रहालयों में नहीं भेजा जाए। इसको लेकर जूनाखेड़ा में ही नाडोल सरपंच ने संग्रहालय का निर्माण कराने का बीड़ा उठाया है। जिसके तहत संग्रहालय निर्माण को लेकर प्रोजेक्ट तैयार कर स्वीकृति के लिए भेज दिया है। स्वीकृति जारी होते ही भामाशाहों के सहयोग से पंचायत द्वारा जूनाखेड़ा में ही संग्रहालय का निर्माण करवाया जाएगा।

संग्रहालय निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा

नाडोल जूनाखेड़ा प्राचीन स्थान पर संग्रहालय निर्माण को लेकर सरपंच द्वारा प्रस्ताव मिला है। जिसको विभाग के उच्च अधिकारियों के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। -बाबूलाल मौर्य, अधीक्षक पुरातत्व संग्रहालय विभाग, जोधपुर

संग्रहालय निर्माण से पर्यटकों को प्राचीन सभ्यता की मिलेगी जानकारी

नाडोल सरपंच द्वारा पिछले वर्ष भी संग्रहालय निर्माण को लेकर प्रस्ताव रखा था। अगर जूनाखेड़ा नाडोल में संग्रहालय का निर्माण हो जाएगा तो पर्यटकों को नाडोल की सभ्यता और इतिहास के बारे में जानकारी मिल पाएगी। -डॉ.विनित गोधल, खोज उत्खनन अधिकारी, नाडोल

नाडोल कस्बे में कई ऐतिहासिक धरोहर मौजूद है। ऐसे में नाडोल में पर्यटकों को बढ़ावा देने के लिए जूनाखेड़ा के प्राचीन स्थल पर संग्रहालय निर्माण को लेकर प्रोजेक्ट तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही जूनाखेड़ा में संग्रहालय का निर्माण करवाया जाएगा। -यशोदा वैष्णव, सरपंच, नाडोल

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