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बोर्ड परीक्षा परिणाम के आधार पर जिले के 34 स्कूलों को फाइव स्टार रेटिंग

भास्कर संवाददाता | चित्तौड़गढ़ होटलों की तर्ज पर अब प्रदेश के सरकारी स्कूल भी फाइव स्टार, फोर स्टार और थ्री स्टार...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 19, 2018, 06:00 AM IST

भास्कर संवाददाता | चित्तौड़गढ़

होटलों की तर्ज पर अब प्रदेश के सरकारी स्कूल भी फाइव स्टार, फोर स्टार और थ्री स्टार रेटिंग में आ गए है। सरकार ने पिछले साल बोर्ड परीक्षा में सबसे अच्छा परिणाम देने वाले प्रदेश के 2336 को फाइव स्टार रेटिंग दी है। जिनमें जिले के 34 स्कूल है। सरकार का मानना है कि ये स्कूल अपने क्षेत्र में मॉडल के रूप में सामने आएंगे। इस आधार पर कमजोर स्कूलों की स्थिति में भी सुधार होगा।

सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और गुणवत्ता में सुधार के लिए बोर्ड परीक्षा परिणाम के आधार पर को रेटिंग देने का सरकार ने गत साल निर्णय लिया था। रेटिंग को पांच श्रेणियों में बांटा गया। सबसे अच्छी परफॉर्मेंस पर फाइव स्टार रेटिंग इससे कम परफॉर्मेंस पर फोर स्टार से लेकर वन स्टार तक रेटिंग दी है। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की मार्च 2017 में हुई परीक्षाओं के परिणाम के आधार पर रेटिंग दी गई। यह पहल खुद शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी की बताई गई है।

हर स्कूल को 8 वीं, 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम के आधार पर अलग अलग रेटिंग मिलेगी। बारहवीं कक्षा में भी संकायवार कला, विज्ञान और वाणिज्य वर्ग के परिणाम के आधार पर अलग अलग ही रेटिंग तैयार होगी। डीईओ माध्यमिक हेमंत कुमार द्विवेदी एवं रमसा एडीपीसी सत्यनारायण शर्मा के अनुसार जिले के 34 स्कूलों को फाइव स्टार रेटिंग मिलने के आदेश प्राप्त होने के साथ ही संबंधित स्कूलों को भेज दिए है।

सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और गुणवत्ता सुधार के लिए शिक्षा मंत्री की पहल पर लागू हुई योजना

यह रखे स्कूलों को रेटिंग देने के मापदंड

फाइव स्टार : परिणाम बोर्ड के कुल परीक्षा परिणाम से अधिक है। साथ ही प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण विद्यार्थियों का प्रतिशत भी बोर्ड से अधिक है तो स्कूल को फाइव स्टार रेटिंग दी है।

थ्री स्टार : प्रथम आने वाले विद्यार्थियों का प्रतिशत राज्य स्तर पर प्रथम आने वालों से अधिक है, लेकिन स्कूल का परिणाम बोर्ड के परिणाम से कम है तो थ्री स्टार रेटिंग दी है।

जिले के इन स्कूलों को मिली फाइव स्टार रेटिंग

रमसा एडीपीसी सत्यनारायण शर्मा ने बताया कि राउमावि बड़वल, राउमावि कचूमरा, राउमावि लक्ष्मीपुरा, राजकीय आदर्श उमावि बांसी, राउमावि पंडेडा, आदर्श राजकीय उमावि सादी, राउमावि आंवलहेड़ा, मावि तारापीपली, राउमावि रायता, राबाउमावि भादसोड़ा, रामावि कंथारिया, राउमावि लेसवा, राउमावि एकलिंगपुरा, राउमावि जवाहरनगर, राउमावि लुहारिया, राउमावि मंडेसरा, राउमावि टोलों का लुहारिया, राउमावि धाकड़ महूकला, राउमावि खातीखेड़ा, रामावि दुर्ग, राउमावि बड़ोदिया, राउमावि घोसुंडी, राजकीय आदर्श उमावि नारेला, राउमावि बूढ़, राउमावि सिंहपुर, आदर्श उमावि उमंड, राउमावि रोलिया, राबाउमावि सिंहपुर, रामावि बासा, राउमावि मरजीवी, राजकीय आदर्श उमावि ऊंचा, राजकीय आदर्श उमावि राशमी, राउमावि हीराखेड़ी, राउमावि मरमी को फाइव स्टार रेटिंग दी गई।

फोर स्टार : किसी स्कूल का परिणाम बोर्ड के परिणाम से अधिक है, लेकिन प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण विद्यार्थियों का प्रतिशत राज्य स्तर से कम है तो स्कूल को फोर स्टार रेटिंग दी है।

टू स्टार : स्कूल का परिणाम और प्रथम श्रेणी से पास होने वाले विद्यार्थियों का प्रतिशत बोर्ड के परिणाम और प्रथम आने वाले विद्यार्थियों के परिणाम से कम है तो टू स्टार रेटिंग दी है।

वन स्टार : परीक्षा में स्कूल के 95 प्रतिशत से कम विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया स्कूल को वन स्टार रेटिंग दी है। भले ही उसका परिणाम और प्रथम आने वाले विद्यार्थियों का प्रतिशत कुछ भी हो।

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