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प्रवासी भामाशाहों के सहयोग से मंजूर हुए लाखों के विकास कार्य

भास्कर संवाददाता | चित्तौड़गढ़ राशमी क्षेत्र के जाडाना एवं भीमगढ़ गांवों के बाहर व्यवसायरत लोग अपने गांव के...

Dainik Bhaskar

Feb 18, 2018, 07:00 AM IST
प्रवासी भामाशाहों के सहयोग से मंजूर हुए लाखों के विकास कार्य
भास्कर संवाददाता | चित्तौड़गढ़

राशमी क्षेत्र के जाडाना एवं भीमगढ़ गांवों के बाहर व्यवसायरत लोग अपने गांव के स्कूल का विकास करने में जुटे हैं। उनके सहयोग के बूते इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास व साइकिल स्टैंड सहित लाखों रुपए के कार्य मंजूर हो गए।

उड़ान अभियान के ‘‘आभार’’ कार्यक्रम के तहत आए इन भामाशाहों का कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह ने प्रशस्ती पत्र देकर सम्मान किया। उन्होंने कहा कि प्रवासी लोगों का समय निकालकर अपने गांव विद्यालयों की देखभाल करना प्रेरणास्पद है। भीमगढ़ उमावि प्रधानाचार्य भगवानलाल सुथार ने बताया कि पारसमल बाफना ने शिक्षा चौपाल में एक लाख की घोषणा की थी। विद्यालय की मांग पर डेढ़ लाख रुपये जमा करा दिए। इसे मुख्यमंत्री जनसहभागिता योजना में जमा करा देने से स्कूल में करीब 4 लाख रुपये के स्मार्ट क्लास, साइकिल स्टैंड़ एवं चारदीवारी जैसे कार्य होंगे।

बाफना ने पूर्व में भी डेढ़ लाख से पेयजल टंकी निर्माण करवाया था। जाड़ाना के भामाशाह एवं अध्यापक श्यामलाल सुखवाल ने डेढ़ लाख रुपए दिए। इससे भी मुख्यमंत्री जनसहभागिता योजना से 3.75 लाख के विकास कार्य करवाये जा सकेंगे। महावीर इंटरनेशनल ने भी स्कूल में पेड़ों सुरक्षा के लिए ट्रीगार्ड उपलब्ध करवाए। दल में रतनलाल हींगड़, प्रकाश गांधी, मोनिका बाफना एवं प्रेरक मुकेश स्वर्णकार शामिल थे। उड़ान के प्रभारी अधिकारी एसीईओ दीपेन्द्र सिंह राठौड़, एडीईओ मिट्ठूलाल रेबारी, गणेशलाल वैष्णव, एडीपीसी राजेन्द्र शर्मा, नायब तहसीलदार षिवसिंह उपस्थित थे।

जाड़ाना एवं भीमगढ़ गांव के स्कूलों में सहयोग देने वाले भामाशाहों का किया सम्मान

उडान अभियान के तहत राशमी क्षेत्र की सीए छात्रा का सम्मान करते हुए कलेक्टर इंद्रजीतसिंह

बालिकाओं को मिले रोजगार परक जानकारी

भामाशाह पारसमल बाफना की पुत्री सीए मोनिका बाफना ने आभार कार्यक्रम में कहा कि ग्रामीण लड़कियां 10-12 वीं के बाद दूरस्थ शिक्षण संस्थानों में नहीं जा पाती है। विद्यालयों में तकनीकी शिक्षा से भी वंचित हो जाती है। स्कूलों में रोजगार परक कोर्स के बारे में विषेषज्ञाें से जानकारी दिया जाना जरूरी है। कलेक्टर ने इस सुझाव को अमल में लाने पर जाेर दिया।

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