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बैंक ऑफ बड़ौदा ने ऋण राशि नहीं चुकाने पर खेत किया नीलाम, परिवार की एक 80 वर्षीय वृद्धा की हुई मौत

गांव आलसर में करीब 52 बीघा जमीन पर लिए गए 12.50 रुपए का ऋण नहीं चुकाने पर बैंक ऑफ बड़ौदा ने नीलामी की कार्रवाई की। घटना के...

Danik Bhaskar | Feb 17, 2018, 06:40 AM IST
गांव आलसर में करीब 52 बीघा जमीन पर लिए गए 12.50 रुपए का ऋण नहीं चुकाने पर बैंक ऑफ बड़ौदा ने नीलामी की कार्रवाई की। घटना के बाद गुरुवार रात परिवार की एक 80 वर्षीय वृद्धा की मौत होने के बाद मामला गंभीर हो गया। परिवार व ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नीलामी के सदमें में वृद्धा की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार रामुराम नायक के नाम से खातेदारी के आलसर रोही स्थित करीब 52 बीघा खेत पर बैंक ऑफ बड़ौदा से 12.50 लाख रुपए लिए गए थे। नहीं चुकाने पर बैंक ने दो साल की कुड़की के बाद गुरुवार को खेत नीलामी की कार्रवाई शुरू की। बैंक ने उक्त खेत को 12 लाख एक हजार रूपए में रतनगढ़ निवासी अजय मंडार को नीलाम कर दिया। इधर, गुरुवार देर रात 12 बजे खेत के खातेदार रामुराम नायक की रिश्ते में भाभी 80 वर्षीय मीर्घादेवी प|ी दूलाराम नायक की मौत हो गई। घटना को लेकर शुक्रवार सुबह ग्राम पंचायत आलसर सरपंच गिरधारीसिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों सहित मृतका के भतीजों खेत खातेदार रामूराम के तीन पुत्रों मोहनराम, हड़मानाराम व मदनलाल सहित धीरेंद्रसिंह, भानीराम, महावीरसिंह, भरतसिंह, हड़मानाराम, देवीलाल, अखाराम नायक, बिस्ताराम, खिंवाराम आदि मृतका का शव जीप में डालकर ग्राम पंचायत भवन के आगे पहुंचे और प्रदर्शन शुरू किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि वृद्धा की मौत बैंक की ओर से खेत नीलाम किए जाने के सदमे से हुई है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि बैंक द्वारा नीलामी निरस्त नहीं करवाने व ऋण राशि चुकाने के लिए छह माह का समय नहीं दिए जाने तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। सूचना पर रतनगढ़ तहसीलदार गोकुलदान चारण व राजलदेसर एएसआई भंवरसिंह पुलिस टीम के मौके पर पहुंचे। समझाइश पर भी प्रदर्शनकारी शव के अंतिम संस्कार के लिए राजी नहीं हुए। आखिर दरतनगढ़ तहसीलदार गोकुलदान चारण ने नीलामी निरस्त करवाने व ऋण चुकाने की अवधि बढ़ाने को लेकर बैंक व उच्चाधिकारियों से वार्ता का आश्वासन दिया, जब शव ले गए।

पंचायत के आगे शव रख विरोध कर रहे परिजन व ग्रामीणों का आरोप, सदमे से हुई मौत

प्रदशर्नकारियों के साथ समझाइश वार्ता करते तहसीलदार व एएसआई।