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राममय हुआ आशीर्वाद बालाजी मंदिर, 25 हजार से अधिक ने सुनी राम कथा

Ratangarh News - नूवां रोड स्थित आशीर्वाद बालाजी मंदिर रविवार को राम मय दिखाई दिया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ कथा स्थल पर देखने को...

Dainik Bhaskar

Jan 22, 2018, 07:55 PM IST
राममय हुआ आशीर्वाद बालाजी मंदिर, 25 हजार से अधिक ने सुनी राम कथा
नूवां रोड स्थित आशीर्वाद बालाजी मंदिर रविवार को राम मय दिखाई दिया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ कथा स्थल पर देखने को मिली। सुबह 10 बजे श्रद्धालुओं का आवागमन कथा स्थल पर शुरू हुआ, जो शाम तक अनवरत जारी था। कथा व हवन में रविवार को 25 हजार लोगों की आवाजाही रही।

राम कथा में कथा वाचक मुरलीधर महाराज ने कहा कि जीवन में कभी नारी का अपमान नहीं करें। नारी वह शक्ति है, जिसके सहयोग के बिना आज तक कोई वीर महापुरूष आगे नहीं बढ़ सका। उन्होंने कहा कि मनुष्य शरीर भाग्य से मिलता है, इसलिए कुछ समय भगवान के भजन में जरूर लगाना चाहिए। राम कथा हमें जीवन जीने की कला सिखाती है। आज हम शिक्षा नहीं कला ग्रहण कर रहे हैं। कथा शुरू होने से पहले देवस्थान मंत्री राजकुमार रिणवा व अनुज देवकीनंदन रिणवा ने व्यासपीठ का पूजन किया। इस दौरान सांसद राहुल कस्वा, विधायक रतन जलधारी, पूर्व विधायक राजकुमारी शर्मा, रामेश्वर भाटी, जयेश रूंथला, सरपंच सुनिता, चुन्नीलाल जैसनसरिया, वैद्य रमाकांत शर्मा, विनोद डागा, पवन पुजारी, हरदेव स्वामी सहित कई लोगों का अभिनंदन किया गया।

आशीर्वाद बालाजी मंदिर के सामने हजारों श्रद्धालुओं ने यज्ञ शाला की परिक्रमा लगाई। श्रीआशीर्वाद बालाजी मंदिर भक्ति ज्ञान यज्ञ समिति के सहयोग से चल रहे 11 कुंडीय श्रीराम महायज्ञ में यजमान निशांत रिणवा ने आहुतियां दी। आचार्य देवकीनंदन माठोलिया ने भगवान राम व सीता का विशेष पूजन करवाया। यज्ञ में गणेश, अंबिका, नवगृह, रूद्र कलश, यज्ञ वेदियों का पूजन करवाया गया।

धर्म-समाज

रतनगढ़ में नूवां रोड स्थित आशीर्वाद बालाजी मंदिर में महायज्ञ, भगवान राम-सीता की विशेष पूजा-अर्चना की

रतनगढ़. नूवां रोड स्थित आशीर्वाद बालाजी मंदिर में कथा के दौरान प्रसाद ग्रहण करते श्रद्धालु।

राजलदेसर में 32 मान धूणी भंडारे के पंच महंतों का किया सम्मान, सुंदरकांड पाठ भी किया

राजलदेसर. कार्यक्रम में मौजूद पंच महंत।

सजाई शिव-पार्वती की झांकी

राजलदेसर |
दस्सूसर रोड रामधोरा स्थित सिद्धी विनायक गणेश मंदिर में सिद्धी विनायक चेरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से चल रही भागवत कथा में रविवार को कथावाचक रामानंदतीर्थ महराज ने कहा कि माता-पिता व गुरु को प्रमाण कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करने से व्यक्ति की उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। कथा के दौरान सजाई गई संजीव झांकी सभी के आकर्षण का केंद्र रही। यजमान दंपती मालचंद पुरोहित ने पूजन किया। महायज्ञ के दौरान यज्ञाचार्य पं. कैलाश सारस्वत श्रीडूंगरगढ़ वाले के सानिध्य में पंडितों ने आहुतियां दिलाई।

कथा के दौरान सजाई गई झांकी।

रतनगढ़. नूवां रोड स्थित आशीर्वाद बालाजी मंदिर में चल रही राम कथा में उपस्थित देवस्थान मंत्री रिणवा व अन्य श्रद्धालु।

राजलदेसर | राष्ट्रीय राजमार्ग 11 स्थित भोला बाबा बगीची में ब्रह्मलीन संत पुष्करनाथ महराज की बरशी पर फतेहपुर महंत नरहरिनाथ व बगीची महंत सोमनाथ महाराज के सानिध्य में चल रहे युग शताब्दी महोत्सव के तहत रविवार को 32मान धूणी भंडारे के पंच महंतों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में सिरसा से महंत सुंदराईनाथ महाराज, गोगामेड़ी महंत रूपनाथ महाराज, जोगी ढ़ाणा के महंत केशवनाथ महाराज, नोहर के महंत पंचमनाथ महाराज व फतेहपुर अमृत आश्रम के महंत नरहरिनाथ महाराज बगीची का बगीची महंत सोमनाथ महाराज ने स्वागत किया। इससे पूर्व शनिवार शाम को शिव हनुामन मित्र मंडल की ओर सामूहिक सुंदरकांड पाठ किया गया। रविवार को कथा के दौरान कथावाचन भरतशरण महाराज वृंदावनवाले ने भागवत कथा के विभिन्न प्रसंग सुनाए। यजमान दंपती धनाराम नाई सहित श्रद्धालुओं ने पूजन किया। सुबह के समय में पंच कुंडीय रूद्र महायज्ञ में रतनगढ़ के यज्ञाचार्य पं. देवकीनंदन माटोलिया के आचार्यत्व में पंडितों ने रूद्र स्वाहाकार मंत्रो के साथ आहुतियां दिलाई।

गणेश विवाह के भजनों पर झूम उठीं महिलाएं

तारानगर . भालेरी में नानी बाई रो मायरो कथा में नाचती महिला।

तारानगर | भालेरी गांव के ठाकुरजी महाराज मंदिर में चल रहे नानी बाई रो मायरो व रूकमणी मंगल कथा के चौथे दिन रविवार को गणेश विवाह का प्रसंग सुनाया गया। कथावाचक प्रकाशचंद्र स्वामी ने कहा कि भगवान श्रीगणेश के स्मरण मात्र से कार्य पूर्ण हो जाते है। इएलिए सभी देवताओं में सबसे पहले उन्हीं का पूजन किया जाता है। स्वामी ने कहा कि जब तक परमात्मा के साथ लगाव व ध्यान नहीं होता है तब तक अवतार नहीं होता है। नरसी भगत ने भी भगवान श्रीकृष्ण को भगवान नहीं मानकर अपना सखा समझा और सभी परेशानियों को उनसे साझा किया, तभी तो नानी बाई का भात भरने स्वयं कृष्ण पहुंचे। पं. गजानंद शास्त्री ने पूजन करवाया। इस मौके पर मोहनलाल बेनीवाल, डुंगरमल सैनी, गुमानदास, नानूराम नाई, खेमचंद शर्मा, महावीरदास स्वामी, जगदीशदान, नंदू, रोशन, बनवारीलाल बंका, मनीष शर्मा, ईकबाल हुसैन, चिमनलाल, संदीप भार्गव, जयप्रकाश स्वामी, गोविंद स्वामी आदि उपस्थित थे।

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