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सात हजार से ज्यादा महिलाओं ने निकाली कलश यात्रा, दक्षिण भारत की झांकियां रही आकर्षण

श्रीइच्छापूर्ण बालाजी मंदिर में मंदिर संस्थापक मूलचंद मालू की प्रथम पुण्यतिथि पर भागवत कथा व मूर्ति अनावरण...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 08, 2018, 07:45 AM IST

श्रीइच्छापूर्ण बालाजी मंदिर में मंदिर संस्थापक मूलचंद मालू की प्रथम पुण्यतिथि पर भागवत कथा व मूर्ति अनावरण कार्यक्रम के पहले दिन शनिवार को ऐतिहासिक कलश यात्रा निकाली गई। सुबह 7 बजे राजवाले कुएं के पास शिवालय से शुरू हुई कलश यात्रा में सबसे आगे दो हाथी और उनके आगे महाराष्ट्र से आए कलाकार पूरे मार्ग में रंगोली सजाते रहे। सजे हुए 10 ऊंटों पर सारंगी बजाते जवान सवार थे। शिवालय में विनित मालू, छत्र सिंह बैद व विकास मालू ने भागवत की पूजा की। शिवालय पर मालू परिवार व भागवत कथा आयोजन समिति की ओर से कलश यात्रा में शामिल होने आए सभी का बैज लगा व दुपट्‌टा पहनाकर स्वागत किया गया। बैंड बाजों की ध्वनि के साथ यात्रा शुरू की। 11 घोड़ों पर महिला मंडल की युवतियां चांदी का ध्वज लिए आगे चल रही थी। पीछे मालू परिवार की महिलाएं चांदी के कलश और उनके पीछे सात हजार से अधिक महिलाएं कलश सिर पर रखकर भजन करते हुए यात्रा को भव्यता प्रदान कर रही थी। कलश लिए महिलाओं के पीछे दिल्ली के कलाकारों की झांकियांं, मयूर नृत्य, शिव पार्वती नृत्य, राधा कृष्ण नृत्य आदि की झांकियां थी। चंग पार्टी, कच्छी घोड़ी, डेरू पार्टी नृत्य भी हुए। कलश यात्रा में दक्षिण भारत की विभिन्न देवताओं की भव्य झांकिया, आकर्षण का केंद्र रही। कलश यात्रा में विधायक पं. भंवरलाल शर्मा, पूर्व राज्य सभा सांसद नरेन्द्र बुडानिया, पूर्व विधायक अशोक पींचा, सालासर से आये यशोदानंद पुजारी, हंसराज पुजारी, राजराम पुजारी, तरूण धाड़ेवा, अशोक बैद, प्रतिक चौरडिय़ा, केवलचंद बरडिय़ा, राजकुमार मालू, विनय मालू, मिलापचंद छाजेड़, सूरजकरण दुगड़, महावीर सिंघी, नोरंगलाल कुंडलिया, शिवचंद सहू, पूर्व नपा अध्यक्ष अनिल शर्मा, नपा प्रतिपक्ष नेता राजकरण चौधरी, भीखमसिंह राठौड़, जितेंद्रसिंह शेखावत, खेतुलाल डागा, मुन्नालाल सेठिया, शोभाकांत स्वामी, शंकर एंड शंकर, गौरीशंकर कंदोई, पुरुषोत्तम जैसनसरिया, गिरधारीलाल जोशी, तेजपाल चौधरी, ओमप्रकाश पारीक, सहित सैकड़ों लोग पांच रथों पर विराजित इच्छापूर्ण बालाजी की मूर्ति, सेठ मूलचंद मालू की प्रतिमा, संत सोमनाथ महाराज के शिष्य पशुपतिनाथ, बानर बालाजी की मूर्ति के पीछे चल रहे थे। सभी रथों के आगे राज्य के जाने पहचाने बैंड पार्टियां बैंड बजाते चल रही थी। यात्रा का बाजारों में पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया व नगर वासियों ने ठंडे पेय पदार्थ पिलाकर स्वागत किया। मुस्लिम समाज के लोगों ने भी पुष्प वर्षा कर सौहार्द का परिचय दिया। यात्रा बाजारों से होते हुए ताल मैदान पहुंची, जहां से सभी बसों द्वारा रतनगढ़ रोड़ पर स्थित इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर से एक किमी पूर्व रूककर पुन: यात्रा शुय की गई, जो कथा स्थल पर पहुंची। कथा स्थल पर कलश पूजन कर स्थापित किए गए। करीब 20 हजार श्रोताओं के बैठने का पांडाल खचा-खच भर गया। कथा शुरू किए जाने से पूर्व कथा वाचक तुलछीपीठाधीश्वर रामानंदचार्य स्वामी रामभद्राचार्य महाराज का आयोजक मंडल के संरक्षक, मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी व आयोजन समिति के पदाधिकारियों सहित विजियादेवी मालू, नीलम धाड़ेवा, मधु चौरडिय़ा, साक्षी, हर्षिता, सुशीला मालू आदि द्वारा स्वागत किया गया।

कलश यात्रा में इनका रहा विशेष सहयोग : भागवत कथा व संस्थापक मूलचंद मालू की पुण्यतिथि के उपलक्ष में निकाली गई कलश यात्रा में भारतीय स्काउट गाईड, ऋषिकुल आश्रम, टांटिया बालिका उमावि, आदर्श विद्यापीठ, लोकरंजन परिषद, रामदेव पैदल यात्री संघ, गंगाराम सेवा समिति, मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी, तेरापंथ महिला मंडल, माहेश्वरी सेवा समिति, महिला मंडल, पण्डित परिषद, प्रातकालीन प्रभात फेरी, पुलिस प्रशासन का सहयोग रहा।

कलश यात्रा में उमड़ा जन सैलाब, चंग पार्टी, कच्छी घोड़ी, डेरू पार्टी नृत्य भी हुए

सरदारशहर. कलश यात्रा में उमड़ा सैलाब।

सरदारशहर. कलश यात्रा में उमड़ा सैलाब।

रतनगढ़ में परीक्षित मोक्ष व सुदामा चरित्र सुनाया, कृष्ण-सुदामा की झांकी सजाई

रतनगढ़ | वार्ड 16 में अांबेडकर नगर में चल रही भागवत कथा का समापन शनिवार को हुआ। कथा के समापन पर कृष्ण-सुदामा की झांकी सजाई गई। इस दौरान ‘अरे द्वारपालो कन्हैया से कह दो...’ के भजन पर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। कथा के समापन पर पंडित चंद्रप्रकाश शर्मा ने कहा कि भागवत संसार का सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ है और इसमें जीवन की समस्त समस्याओं का निवारण छुपा हुआ है। कथा श्रवण के साथ-साथ मनन करना भी आवश्यक है, तभी हमारा आज व कल सुधरेगा। शनिवार की कथा में शर्मा ने 24 गुरु की कथा, परीक्षित मोक्ष व सुदामा चरित्र पर विस्तार से प्रकाश डाला। कथा के प्रारंभ में मुख्य यजमान सीताराम खाती व धन्नाराम प्रजापत दंपत्ती ने व्यासपीठ की पूजा की। इस मौके पर भाजपा नेता अरविंद इंदौरिया, एडवोकेट बजरंग गुर्जर, दीनदयाल पारीक, भागीरथसिंह, हरिप्रसाद दायमा, नंदकिशोर भार्गव, सूर्यप्रकाश सैनी, दिनेश राठौड़, चंद्रप्रकाश सैनी, नरसिंह मलिंडा सहित काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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