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चुनावी साल है, संकट भी चंबल किनारे, इसलिए समय से पहले ही हो गए पानी टैंकर के टेंडर

चुनावी साल है। पानी का संकट इस बार भी चंबल किनारे है। इस बार अच्छी खबर यह है कि समय से पहले ही पानी के टैंकरों के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 02:55 AM IST

चुनावी साल है। पानी का संकट इस बार भी चंबल किनारे है। इस बार अच्छी खबर यह है कि समय से पहले ही पानी के टैंकरों के टेंडर हो गए। पिछले साल कम ही टैंकर चले थे। जहां जरूरत होगी, वहां प्रस्ताव लेकर तुरंत पानी के प्रस्ताव भेजे जाएंगे।

जलदाय विभाग के अधिकारियों के अनुसार टेंडर हो गए हैं। 350 रुपए में प्रति टैंकर गांव तक पहुंचेगा। पिछले साल बारिश कम हुई। इसलिए जलस्तर काफी नीचे चला गया। गांव, गांव में पानी की किल्लत शुरू हो गई है। धांगणमऊ, तंबोलिया, गोपालपुरा पंचायत के 14 गांवों से पेयजल किल्लत की सूचना है। इस सूचना पर जांच होगी। इसके बाद प्रस्ताव बनाए जाएंगे। उसके बाद पानी के टैंकर लगाए जाएंगे।

शहर में भी पेयजल योजना टेक्निकल समस्या से अटकी

राजस्थान परमाणु बिजलीघर की ओर से 28.33 करोड़ की लागत से सीएसआर में पेयजल योजना बनाई जानी है। इसके लिए जलदाय विभाग से टेक्निकल सेक्शन मांगी गई है। जो अभी तक नहीं मिली। इस कारण परमाणु बिजलीघर इसकी निविदा भी नहीं करा पा रहा है। बोराव, चारभुजा, जावदा, बहेलिया, खातीखेड़ा का बाडिया शामिल है। जिनका संचालन ग्राम पंचायत करती है। उपखंड में थ्री फेज नलकूप 11, कुएं 33 है। जिनसे भी पानी की आपूर्ति की जा रही है। रावतभाटा उपखंड के कुंडाल क्षेत्र की 7 पंचायतों के 38 गांवों में पचपहाड़ पेयजल योजना से पेयजल आपूर्ति की जाती है। इन 38 गांवों में पूरा पानी नहीं मिल रहा। कभी बिजली की समस्या के कारण, कभी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण पेयजल समस्या बनी रहती है। कई जगहों पर नल बंद है या टूट गए हैं। नलों में टोंटियां नहीं हैं। जिससे पानी व्यर्थ भी बहता है। किसी पंचायत में पानी की समस्या है तो उसके लिए सरपंच, सचिव, पटवारी, हैंडपंप मिस्त्री सिफारिश करेंगे। यह सिफारिश ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की कमेटी के पास जाएगी। जहां से अनुशंषा होने पर एसडीएम को भेजा जाएगा। एसडीएम टैंकर चलाने की स्वीकृति देंगे। जलदाय विभाग की आेर से रावतभाटा और चारभुजा झालरबावड़ी में पाइपलाइन से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। भैंसरोडगढ़, बोराव क्षेत्र की स्वीकृत पेयजल योजना के भी अभी तक टेंडर नहीं हुए। जलदाय विभाग के अधिकारी कह रहे हैं कि इसके लिए अभी वनविभाग की अनापत्ति चाहिए। जबकि वन्यजीव अभयारण्य इसकी अनापत्ति दे चुका है।

इन गांवों में किल्लत की सूचना

धांगणमऊकलां के नयागांव, धांगणमऊखुर्द, लोठियाना, लक्ष्मीखेड़ा, धोकड़ा, सुखपुरा, तंबोलिया पंचायत के केसरपुरा, हेमगंज, गोपालपुरा पंचायत के गोपालपुरा, गणेशपुरा, नगपुरा, बोरदा, रामनगर, मालीपुरा में पेयजल किल्लत की सूचना आई है। जलदाय विभाग के अधिकारियों के अनुसार रावतभाटा उपखंड में कुल 846 हैंडपंप हैं। जिसमें से 586 चालू हैं। 234 जलस्तर कम होने से गर्मी में बंद हो गए। 26 हैंडपंप नकारा हो गए। उपखंड में सिंगलफेज कनेक्शन 155 हैं। जिसमें से 139 चालू हैं। जबकि 16 बंद हैं। 16 जगहों पर पेयजल किल्लत शुरू हो गई है।

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