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दो साल बाद उच्चतम न्यायालय के आदेश से प्रशासक हटाकर बोर्ड को बहाल किया

दो वर्ष से विवादों में चल रही गृह निर्माण सहकारी समिति को राजस्थान उच्चतम न्यायालय से न्याय मिला। उच्चतम...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 06:50 AM IST

दो वर्ष से विवादों में चल रही गृह निर्माण सहकारी समिति को राजस्थान उच्चतम न्यायालय से न्याय मिला। उच्चतम न्यायालय के आदेश से समिति की कार्यकारिणी निलंबित थी, जिसे न्यायालय के आदेश से बहाल किया गया। सहकारी समितियां अतिरिक्त रजिस्ट्रार खंड जयपुर की ओर से लगाया गया प्रशासक हटा लिया गया है। प्रकरण के अनुसार रामकुंवार अग्रवाल पुत्र हरिनारायण अग्रवाल निवासी भैंरव नगर वार्ड नं. 17 रींगस ने राजस्थान उच्च न्यायालय में राजस्थान सरकार के सहकारिता सचिव, सहकारिता रजिस्ट्रार जयपुर, अतिरिक्त रजिस्ट्रार खंड जयपुर, प्रशासक श्योपाल कुड़ी को पार्टी बनाते हुए रिट दायर की थी। इस पर न्यायाधीश भंडारी ने आदेश दिए कि रींगस गृह निर्माण सहकारी समिति बाेर्ड को बहाल कर प्रशासक को हटाया जाए।

काबिलेगौर है कि 18 अगस्त 2015 को प्रहलादराय अग्रवाल ने रजिस्ट्रार सहकारी समितियां जयपुर के समक्ष रींगस गृह निर्माण सहकारी समिति के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। उसमें समिति पर अनेक आरोप लगाते हुए संचालक मंडल को भंग करने की मांग की थी। शिकायत के आधार पर आठ जनवरी 2016 को अतिरिक्त रजिस्ट्रार सहकारी समितियां जयपुर खंड ने समिति केे संचालक मंडल को भंग कर दिया। इसकी अपील समिति अध्यक्ष अग्रवाल ने रजिस्ट्रार सहकारी समितियां जयपुर के समक्ष की गई। चार जुलाई 2016 को रजिस्ट्रार ने अपील खारिज कर दी। इसके बाद समिति अध्यक्ष अग्रवाल ने राजस्थान उच्च न्यायालय में रिट लगाई। रींगस गृह निर्माण सहकारी समिति अध्यक्ष रामकुंवार अग्रवाल ने चार जून 2015 को थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। उसमें जुगलकिशोर, मोहनी देवी, पुरुषोत्तम, श्यामसुंदर, नवन किशोर, पवन कुमार, फूलीदेवी, मनीष अग्रवाल, ज्ञानप्रकाश, सोहनलाल, पिंकी देवी सहित 17 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था।

शिकायतकर्ता सहित आठ के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा

समिति की शिकायत दर्ज करवाने वाले प्रहलाद अग्रवाल सहित साेहनलाल प्रहलादका, नितेश गोयल, मनीष अग्रवाल, फूलीदेवी, सतीश अग्रवाल, रामेश्वरलाल बाजिया व ज्ञानचंद प्रहलादका के खिलाफ दो धोखाधड़ीपूर्वक एक ही प्लाॅट को दो स्थानों पर बेचने के दो मुदकमे दर्ज करवाए गए। पुलिस के अनुसार जयप्रकाश सेपट पुत्र मोटाराम सेपट निवासी तपीपल्या ने रींगस थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि इन आठ लोगों ने पूर्व में ही रामेश्वर कॉलोनी की करीब 10 बीघा जमीन पहले ही समिति के नाम बेचान कर रखी है। इसके बाद इस जमीन को इकरारनामे के आधार पर बेचान कर रहे हैं। इसी तरह का दूसरा मुकदमा बाबूलाल पुत्र अर्जुनलाल जाट निवासी सिरसा पुलिस थाना गोविंदगढ-जयपुर ने भी इन्हीं आठ लोगों के खिलाफ दर्ज करवाया है। दोनों ने करीब चार लाख 70 हजार रुपए हड़पने के आरोप लगाए हैं।

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Web Title: दो साल बाद उच्चतम न्यायालय के आदेश से प्रशासक हटाकर बोर्ड को बहाल किया
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